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6 पार्षदों ने नगर निगम की बैठक का किया बहिष्कार

Sat, 21 Jun 2014 10:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 21 Jun 2014 10:13 PM IST
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meeting of Municipal Corporation in panchkula

नगर निगम की शनिवार को हुई बैठक हंगामेदार रही। पानी, बिजली और सफाई व्यवस्था के मुद्दे पर छह पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए उपायुक्त कार्यालय पर विरोध दर्ज कराया। एक तरफ जहां छह पार्षद धरने पर बैठे थे, तो दूसरी तरफ एजेंडे पर प्रस्तावों पर चर्चा के बाद इन्हें पारित कर दिया गया।

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बैठक का बहिष्कार करने वालों में पार्षद सुरेन्द्र छिन्दा, सलीम खान, सतिन्द्र सिंह टोनी, सुरजीत कौर, कुलजीत बड़ैच और रविकांत स्वामी शामिल थे।

निगम की सदन में हंगामा उस समय हुआ जब वार्ड नंबर-चार के इनेलो पार्षद सतिन्द्र सिंह टोनी ने अपने वार्ड में सफाई व्यवस्था की दयनीय हालत तथा बिजली, पानी की कमी को लेकर सदन में चर्चा शुरू की।
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इसपर नगर निगम कमिश्नर एवं उपायुक्त डॉ. एस एस फुलिया राजी नहीं हुए और पार्षदों की इन मांगों को असंवैधानिक करार देते हुए बैठक से उठकर चले गए। साथ ही 12.03 पर सदन से सभी छह पार्षद भी बाहर चले गए। थोड़ी देर बाद कमिश्नर तो लौटने के बाद बैठक शुरू हुई, लेकिन रोष जताने वाले पार्षद बाहर ही डटे रहे।
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बैठक में मेयर सहित 19 पार्षदों में से अन्य 13 वहीं बैठे रहे। नगर निगम की जनरल हाउस की मीटिंग में पार्षद ममता मित्तल को छोड़कर सभी 19 पार्षद मौजूद थे।

सीनियर डिप्टी मेयर से हुई नोंकझोंक
डीसी कार्यालय के ग्राउंड फ्लोर पर धरने पर बैठे पार्षदों की बैठक खत्म होने के बाद सीनियर डिप्टी मेयर एसएस नंदा के साथ भी तीखी नोंक झोंक हुई। इनमें से एक पार्षद ने तो एसएस नंदा को कुर्सी का भूखा तक कह डाला, जिस पर नंदा भी तैश में आ गए और कुछ कहते हुए चले गए।

पार्षदों को सताने लगी मेयर के अपमान की चिंता
पार्षदों ने कहा कि जब नगर निगम की बैठक से कमिश्नर खुद उठकर चले गए, जो मेयर का भी अपमान है। इसे देखकर सभी पार्षदों के साथ बाहर आ जाना चाहिए था।

इन पार्षदों ने साफ तौर पर कहा कि बैठक में स्थिति को देखते हुए मेयर को नैतिकता के आधार पर त्याग पत्र दे देना चाहिए। उनकी बातें नहीं सुनने पर ऐतराज जताते हुए पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में भी नगर निगम की बैठक में ऐसी ही स्थिति रही तो अगली बार अपने अपने वार्डों के सैकड़ों लोगों के साथ बैठक में पहुंचेंगे।

60 सफाई कर्मियों की होगी भर्ती
भाजपा पार्षद रविकांत स्वामी ने कहा कि नगर निगम की एक बैठक पर करीब 54 हजार रुपये का खर्च आता है, जो जनता का पैसा है। अगर नगर निगम का सदन ऐसे ही चलना है तो फिर उन्हें घर पर ही बैठक का एजेंडा भेज दें, जिस पर वे घर बैठे ही अपनी सहमति जता देंगे।


इस पूरे मामले पर नगर निगम मेयर उपेन्द्र कौर आहलूवालिया ने पार्षदों की मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि सफाई कर्मियों की संख्या अभी भी कम है। इसी लिहाज से निगम आयुक्त ने 60 नए सफाई कर्मियों की नियुक्ति के लिए हरी झंडी दे दी।

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