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कोरोना से बदली कार्यशैली... नगर निगम चंडीगढ़ की बैठकें हुई ऑनलाइन, मुद्दे पर नहीं होती चर्चा
Tue, 25 Aug 2020 11:56 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2020 11:56 AM IST
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नगर निगम चंडीगढ़ कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना महामारी के बाद नगर निगम की व्यवस्था में भी बदलाव आया है। अब सदन से लेकर अन्य प्रोजेक्ट की बैठक ऑनलाइन होने लगी हैं। निगम में आने वाले हर व्यक्ति की जानकारी भी लिखी जा रही है। हालांकि, ऑनलाइन बैठक में शहर के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा नहीं हो पा रही है।
कोरोना ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित किया है। इससे न केवल दैनिक दिनचर्या बदली है, बल्कि सरकारी कामकाज की व्यवस्था को भी बदला है। नगर निगम की सबसे महत्वपूर्ण सदन की बैठक ऑनलाइन होने से अब मुद्दों पर खुलकर चर्चा नहीं हो पाती है।
कभी नेटवर्क की समस्या के कारण पार्षद अपनी बात नहीं रख पाते हैं तो कभी समय के अभाव में गिने चुने शब्दों में ही बात कर ली जाती है। विकास कार्यों पर पार्षद खुलकर नहीं बोल पाते हैं। कई पार्षदों ने एक-दो बैठक के बाद कहा भी था कि अब बैठक सदन में ही होनी चाहिए क्योंकि यह मंच लोगों की बात रखने के लिए उपयुक्त नहीं है।
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पहली बार अधिकारियों से पूछकर मिलने की व्यवस्था
नगर निगम में कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या लेकर सीधे अधिकारी तक पहुंच जाता था, लेकिन कोरोना के बढ़ते केसों के बाद अब थोड़ा बदलाव किया गया है। नीचे दरवाजे पर मौजूद सुरक्षाकर्मी पहले पूरी स्क्रीनिंग करता है। उसके बाद आने वाले का नाम, मोबाइल नंबर और शिकायत का विवरण पूछता है।
संबंधित अधिकारी से फोन पर जानकारी लेता है। उसके बाद काम के अनुसार ही व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति होती है। आज से पहले यह व्यवस्था कभी नहीं थी। इसमें कई बार लोगों को निराशा भी हाथ लगती है।
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कोरोना ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित किया है। इससे न केवल दैनिक दिनचर्या बदली है, बल्कि सरकारी कामकाज की व्यवस्था को भी बदला है। नगर निगम की सबसे महत्वपूर्ण सदन की बैठक ऑनलाइन होने से अब मुद्दों पर खुलकर चर्चा नहीं हो पाती है।
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कभी नेटवर्क की समस्या के कारण पार्षद अपनी बात नहीं रख पाते हैं तो कभी समय के अभाव में गिने चुने शब्दों में ही बात कर ली जाती है। विकास कार्यों पर पार्षद खुलकर नहीं बोल पाते हैं। कई पार्षदों ने एक-दो बैठक के बाद कहा भी था कि अब बैठक सदन में ही होनी चाहिए क्योंकि यह मंच लोगों की बात रखने के लिए उपयुक्त नहीं है।
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पहली बार अधिकारियों से पूछकर मिलने की व्यवस्था
नगर निगम में कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या लेकर सीधे अधिकारी तक पहुंच जाता था, लेकिन कोरोना के बढ़ते केसों के बाद अब थोड़ा बदलाव किया गया है। नीचे दरवाजे पर मौजूद सुरक्षाकर्मी पहले पूरी स्क्रीनिंग करता है। उसके बाद आने वाले का नाम, मोबाइल नंबर और शिकायत का विवरण पूछता है।
संबंधित अधिकारी से फोन पर जानकारी लेता है। उसके बाद काम के अनुसार ही व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति होती है। आज से पहले यह व्यवस्था कभी नहीं थी। इसमें कई बार लोगों को निराशा भी हाथ लगती है।
बाहर की कंपनियों से ऑनलाइन ही बैठक
जिन प्रोजेक्ट के लिए निगम ने बाहर की कंपनी को टेंडर दिया है। अब उनके प्रतिनिधियों को बुलाने की जगह ऑनलाइन ही चर्चा की जा रही है। यहीं प्रोजेक्ट की स्थिति की भी जानकारी ले ली जाती है।
मेयर अपना कार्यकाल पूरा कर रही हैं बस : बबला
नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र सिंह बबला का कहना है कि मेयर किसी तरह अपना कार्यकाल पूरा कर रही हैं। जनता की समस्या ऑनलाइन बैठक में नहीं रख पाते हैं। समस्या बताओ तो म्यूट कर देते हैं। ऐसे में कैसे क्षेत्र की समस्या पर बात होगी।
सामने आएंगे तो जबाव भी देना होगा : सतीश कैंथ
कांग्रेस नेता सतीश कैंथ का कहना है कि जब भी कोई मुद्दा उठाओ दूसरा व्यक्ति बीच में बोलने लगता है। फिर बाद में बोलने का मौका नहीं मिलता। सदन में बैठक कराएंगे तो जबाव देना होगा। जब बड़े-बड़े आयोजन हो सकते हैं, तो सदन की बैठक क्यों नहीं।
सभी को मौका दिया जाता है बोलने का : मेयर
बैठक में सभी को बराबर मौका दिया जाता है। कोरोना के कारण भारत सरकार के मानकों के अनुसार ही बैठक आयोजित हो रही है। जब कोरोना के केस कम होंगे तो सदन में बैठक का आयोजन किया जाएगा। जनता के मुद्दों को कभी नजरअंदाज नहीं किया जाता है।
मेयर अपना कार्यकाल पूरा कर रही हैं बस : बबला
नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र सिंह बबला का कहना है कि मेयर किसी तरह अपना कार्यकाल पूरा कर रही हैं। जनता की समस्या ऑनलाइन बैठक में नहीं रख पाते हैं। समस्या बताओ तो म्यूट कर देते हैं। ऐसे में कैसे क्षेत्र की समस्या पर बात होगी।
सामने आएंगे तो जबाव भी देना होगा : सतीश कैंथ
कांग्रेस नेता सतीश कैंथ का कहना है कि जब भी कोई मुद्दा उठाओ दूसरा व्यक्ति बीच में बोलने लगता है। फिर बाद में बोलने का मौका नहीं मिलता। सदन में बैठक कराएंगे तो जबाव देना होगा। जब बड़े-बड़े आयोजन हो सकते हैं, तो सदन की बैठक क्यों नहीं।
सभी को मौका दिया जाता है बोलने का : मेयर
बैठक में सभी को बराबर मौका दिया जाता है। कोरोना के कारण भारत सरकार के मानकों के अनुसार ही बैठक आयोजित हो रही है। जब कोरोना के केस कम होंगे तो सदन में बैठक का आयोजन किया जाएगा। जनता के मुद्दों को कभी नजरअंदाज नहीं किया जाता है।
लोगों को कोई असुविधा न हो इसका पूरा प्रयास है: कमिश्नर
नगर निगम कमिश्नर केके यादव का कहना है हम लोगों को पूरी सुविधा देने का प्रयास करते हैं। कोरोना के कारण थोड़ी सख्ती बरती है, लेकिन आवश्यक कार्य होने पर किसी को रोका नहीं जाता है।
परफॉर्मेंस के हिसाब से दी जाए सैलरी
सेक्टर-44 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष स्वदेश तलवार का कहना है कि मीटिंग ऑनलाइन हो या फिर ऑफलाइन, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। पहले यह था कि निगम चले जाते थे समस्या बताने। अब तो ऑनलाइन करें तो कोई सुनने वाला नहीं है। अधिकारियों को अब काम के हिसाब से सैलरी मिलनी चाहिए।
शिकायत के बावजूद नहीं उठी घास
38 वेस्ट इंडिपेंडेंट आरडब्ल्यूए के प्रधान राजवीर बराड़ का कहना है कि कोरोना के कारण घरों में कैद हैं। गारबेज की समस्या इतनी बड़ी समस्या है। जिसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। काटी गई घास को उठाने के लिए भी कई बार मैसेज किए, लेकिन कोई उठाने नहीं आया।
जनता का नहीं हो रहा काम
सेक्टर-37 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष जेपी यादव का कहना है कि सभी पार्टियों के पार्षद अपना प्रचार करने में लगे हैं। जनता का कोई काम नहीं हो रहा। नगर निगम तब तक सफल नहीं हो सकता है, जब तक जनता को साथ न ले। कहने को सभी सेक्टरों में आरडब्ल्यूए बनाई गई हैं, लेकिन आरडब्लूए को कोई नहीं पूछता।
परफॉर्मेंस के हिसाब से दी जाए सैलरी
सेक्टर-44 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष स्वदेश तलवार का कहना है कि मीटिंग ऑनलाइन हो या फिर ऑफलाइन, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। पहले यह था कि निगम चले जाते थे समस्या बताने। अब तो ऑनलाइन करें तो कोई सुनने वाला नहीं है। अधिकारियों को अब काम के हिसाब से सैलरी मिलनी चाहिए।
शिकायत के बावजूद नहीं उठी घास
38 वेस्ट इंडिपेंडेंट आरडब्ल्यूए के प्रधान राजवीर बराड़ का कहना है कि कोरोना के कारण घरों में कैद हैं। गारबेज की समस्या इतनी बड़ी समस्या है। जिसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। काटी गई घास को उठाने के लिए भी कई बार मैसेज किए, लेकिन कोई उठाने नहीं आया।
जनता का नहीं हो रहा काम
सेक्टर-37 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष जेपी यादव का कहना है कि सभी पार्टियों के पार्षद अपना प्रचार करने में लगे हैं। जनता का कोई काम नहीं हो रहा। नगर निगम तब तक सफल नहीं हो सकता है, जब तक जनता को साथ न ले। कहने को सभी सेक्टरों में आरडब्ल्यूए बनाई गई हैं, लेकिन आरडब्लूए को कोई नहीं पूछता।