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ये कैसा फैसला... मीडिया से सिर्फ निगम के बड़े अधिकारी ही करेंगे बात
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 31 Oct 2017 09:11 AM IST
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MC House Meeting
- फोटो : File Photo
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मीडिया में नगर निगम की लगातार किरकिरी होने के बाद सदन में भाजपा पार्षदों के दबाव में एक फैसला लिया गया। इसके तहत सिर्फ कमिश्नर, तीनों अतिरिक्त कमिश्नर और चीफ इंजीनियर ही मीडिया से बात करेंगे। इसके अलावा अगर कोई भी कर्मचारी मीडिया से बात करता है तो उस कार्रवाई की जाएगी।
सदन में कहा कि अधिकारियों की आपसी राजनीति और अंदर की खबरें बाहर नहीं आनी चाहिए। ऐसा तभी होगा जब कुछ चुनिंदा अधिकारियों को ही मीडिया से बात करने का अधिकार दिया जाएगा। सदन ने डेढ़ घंटे तक मीडिया पर ही चर्चा की।
पूर्व मेयर अरुण सूद ने सदन में कहा कि नगर निगम की जमकर नकारात्मक खबरें छप रही हैं। उन्होंने कहा कि वह छह साल से पार्षद हैं लेकिन उन्होंने नगर निगम की छह खबरें भी ऐसी नही देखी है जो कि सकारात्मक हों। सूद ने सदन में यह प्रस्ताव रखा कि अतिरिक्त कमिश्नर और चीफ इंजीनियर से निचले स्तर के कर्मचारी मीडिया से बात न करें।
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सूद ने सदन में यह भी कहा कि मीडिया कर्मी वही बात संबंधित अधिकारी एवं पार्षद से बात निकलवाते हैं, जैसी वे चाहते हैं। सूद ने कहा कि जेई स्तर के कर्मचारियों के भी बयान छप रहे हैं। सूद ने कहा कि आफिशियल और अन आफिशियल भी कोई बात न करे।
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सदन में कहा कि अधिकारियों की आपसी राजनीति और अंदर की खबरें बाहर नहीं आनी चाहिए। ऐसा तभी होगा जब कुछ चुनिंदा अधिकारियों को ही मीडिया से बात करने का अधिकार दिया जाएगा। सदन ने डेढ़ घंटे तक मीडिया पर ही चर्चा की।
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पूर्व मेयर अरुण सूद ने सदन में कहा कि नगर निगम की जमकर नकारात्मक खबरें छप रही हैं। उन्होंने कहा कि वह छह साल से पार्षद हैं लेकिन उन्होंने नगर निगम की छह खबरें भी ऐसी नही देखी है जो कि सकारात्मक हों। सूद ने सदन में यह प्रस्ताव रखा कि अतिरिक्त कमिश्नर और चीफ इंजीनियर से निचले स्तर के कर्मचारी मीडिया से बात न करें।
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सूद ने सदन में यह भी कहा कि मीडिया कर्मी वही बात संबंधित अधिकारी एवं पार्षद से बात निकलवाते हैं, जैसी वे चाहते हैं। सूद ने कहा कि जेई स्तर के कर्मचारियों के भी बयान छप रहे हैं। सूद ने कहा कि आफिशियल और अन आफिशियल भी कोई बात न करे।
MC House Meeting
- फोटो : Amar ujala
सदन में मीडिया द्वारा कम्युनिटी सेंटर के रेट बढ़ाए जाने की खबर पर भी मेयर ने नाराजगी जाहिर की। मेयर ने सदन में कहा कि पता नहीं कौन इस तरह की खबरें मीडिया को लीक कर देता है जबकि कमेटी ने अभी तक कम्युनिटी सेंटर पर अपनी रिपोर्ट ही पूरी नहीं की है। कम्युनिटी सेंटर पर गठित कमेटी के चेयरमैन ने कहा है कि रिपोर्ट अभी पूरी नहीं हुई है, ऐसे में पहले ही रेट बढ़ने की खबरें छप जाती हैं। सदन में यह बात भी उठी कि मेयर के लिए अलग से एपीआरओ की नियुक्ति की जाए।
बैठक में बिजली कमेटी के चेयरमैन विनोद अग्रवाल ने दिवाली तक शहर की सभी एलईडी लाइटें लगाने के दावे पर अधिकारियों को घेरा। अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता रंधावा से कंपनी के साथ हुए एमओयू के समझौते की प्रति मांगी थी लेकिन उन्हें प्रति नहीं दी गई जिसके बाद अब उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी है।
एमओयू की प्रति न देने पर भाजपा पार्षदों ने अधिकारियों पर सवाल खड़ा करते हुए हंगामा किया जबकि रंधावा ने कहा कि चेयरमैन को उन्होंने कहा कि जिस जिस प्वाइंट पर उन्हें जानकारी चाहिए, वह उसकी प्रति दे देते हैं। इस पर अन्य पार्षदों ने भी हंगामा कर दिया उन्होंने कहा कि चेयरमैन को सूचना के अधिकार के तहत क्यों जानकारी मांगनी पड़े। इस पर मेयर ने भी नाराजगी जाहिर की।
बैठक में बिजली कमेटी के चेयरमैन विनोद अग्रवाल ने दिवाली तक शहर की सभी एलईडी लाइटें लगाने के दावे पर अधिकारियों को घेरा। अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता रंधावा से कंपनी के साथ हुए एमओयू के समझौते की प्रति मांगी थी लेकिन उन्हें प्रति नहीं दी गई जिसके बाद अब उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी है।
एमओयू की प्रति न देने पर भाजपा पार्षदों ने अधिकारियों पर सवाल खड़ा करते हुए हंगामा किया जबकि रंधावा ने कहा कि चेयरमैन को उन्होंने कहा कि जिस जिस प्वाइंट पर उन्हें जानकारी चाहिए, वह उसकी प्रति दे देते हैं। इस पर अन्य पार्षदों ने भी हंगामा कर दिया उन्होंने कहा कि चेयरमैन को सूचना के अधिकार के तहत क्यों जानकारी मांगनी पड़े। इस पर मेयर ने भी नाराजगी जाहिर की।