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एससी चुनाव: पहली बार किसी दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को उतरना पड़ा मैदान में
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 19 Nov 2016 11:59 PM IST
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अमित शाह
- फोटो : amar ujala
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ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव के लिए किसी राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी मैदान में उतरना पड़ रहा हो। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रविवार को बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में आने से यह बात तय हो गई है कि भाजपा नगर निगम चुनाव को बहुत गंभीरता से ले रही है।
अमित शाह के आने के पीछे कई कारणों को जोड़ कर देखा जा रहा है। पहला प्रमुख कारण पंजाब विधानसभा चुनाव है। भाजपा चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में कब्जा करके पंजाब के मतदाताओं को जीत का मैसेज देना चाहती है ताकि पंजाब में भी अकाली- पंजाब की सरकार फिर से बन सके। अकाली दल भी पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल से शहर के नगर निगम चुनाव में प्रचार करवाने की तैयारी में है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का तो यह भी कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को बुलाकर भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन पार्टी में अपनी मजबूती दिखाना चाहते हैं, क्योंकि स्थानीय सीनियर नेताओं के बीच काफी गुटबाजी है। शाह को इसकी जानकारी भी है। इस गुटबाजी को शांत करने के लिए भी शाह को बुलाया गया है।
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मालूम हो कि पिछले नगर निगम चुनाव में गुटबाजी के कारण ही भाजपा नगर निगम में कब्जा नहीं कर पाई थी और गुटबाजी के चलते ही हाईकमान को किरण खेर को लोकसभा का उम्मीदवार बनाना पड़ा। हाल ही में भी नई नई घोषणाओं और उद्घाटनों के दौरान भाजपा नेताओं की गुटबाजी देखी गई है। सभी गुट अपने ज्यादा से ज्यादा करीबियों को टिकट दिलवाना चाहते हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह गुटबाजी को समाप्त करके पार्टी को जितवाने के टिप्स भी सीनियर नेताओं को देंगे।
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अमित शाह के आने के पीछे कई कारणों को जोड़ कर देखा जा रहा है। पहला प्रमुख कारण पंजाब विधानसभा चुनाव है। भाजपा चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में कब्जा करके पंजाब के मतदाताओं को जीत का मैसेज देना चाहती है ताकि पंजाब में भी अकाली- पंजाब की सरकार फिर से बन सके। अकाली दल भी पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल से शहर के नगर निगम चुनाव में प्रचार करवाने की तैयारी में है।
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राजनीतिक विशेषज्ञों का तो यह भी कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को बुलाकर भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन पार्टी में अपनी मजबूती दिखाना चाहते हैं, क्योंकि स्थानीय सीनियर नेताओं के बीच काफी गुटबाजी है। शाह को इसकी जानकारी भी है। इस गुटबाजी को शांत करने के लिए भी शाह को बुलाया गया है।
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मालूम हो कि पिछले नगर निगम चुनाव में गुटबाजी के कारण ही भाजपा नगर निगम में कब्जा नहीं कर पाई थी और गुटबाजी के चलते ही हाईकमान को किरण खेर को लोकसभा का उम्मीदवार बनाना पड़ा। हाल ही में भी नई नई घोषणाओं और उद्घाटनों के दौरान भाजपा नेताओं की गुटबाजी देखी गई है। सभी गुट अपने ज्यादा से ज्यादा करीबियों को टिकट दिलवाना चाहते हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह गुटबाजी को समाप्त करके पार्टी को जितवाने के टिप्स भी सीनियर नेताओं को देंगे।
उल्टा पड़ने जा रहा नोटबंदी का फैसला: छाबड़ा
pradeep chabra and sanjay tandon
- फोटो : file photo
आगे कई केंद्रीय मंत्री भी आएंगे
शाह को बुलाकर भाजपा ने नगर निगम चुनाव का बिगुल बजा दिया है। 21 नवंबर से पार्टी की गतिविधि और बढ़ जाएगी। शाह के आगमन से एक बात स्पष्ट हो गई है कि आगे प्रचार में भाजपा के केंद्रीय मंत्री और सीएम भी आएंगे। भाजपा अध्यक्ष टंडन की ओर से शाह को स्टार प्रचारक की सूची भी सौंपी जा सकती है। कार्यक्रम में शाह की ओर से कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनाव जीतने के टिप्स भी दिए जाएंगे।
उल्टा पड़ने जा रहा नोटबंदी का फैसला: छाबड़ा
कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि नोटबंदी का फैसला भाजपा को उल्टा पड़ने जा रहा है। इस बात की जानकारी भाजपा नेताओं को हो गई है। इसलिए नगर निगम चुनाव से पहले भाजपा को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष को बुलाना पड़ा लेकिन इसका कोई फर्क नहीं पड़ता। शाह को छोड़कर भाजपा पीएम मोदी को भी बुला ले उनकी नगर निगम चुनाव में हार तय है।
पार्टी पूरी तरह से एकजुट है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कार्यकर्ताओं के बीच में जाकर उनका हौसला बढ़ाने के लिए आ रहे हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष की तरह नहीं है जो बंद बंद कमरे में सिर्फ फरमान सुनातीं हैं। उन्होंने कहा कि अमित शाह के चंडीगढ़ आगमन पर पार्टी के कार्यकर्ता में जोश में हैं। - संजय टंडन, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
शाह को बुलाकर भाजपा ने नगर निगम चुनाव का बिगुल बजा दिया है। 21 नवंबर से पार्टी की गतिविधि और बढ़ जाएगी। शाह के आगमन से एक बात स्पष्ट हो गई है कि आगे प्रचार में भाजपा के केंद्रीय मंत्री और सीएम भी आएंगे। भाजपा अध्यक्ष टंडन की ओर से शाह को स्टार प्रचारक की सूची भी सौंपी जा सकती है। कार्यक्रम में शाह की ओर से कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनाव जीतने के टिप्स भी दिए जाएंगे।
उल्टा पड़ने जा रहा नोटबंदी का फैसला: छाबड़ा
कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि नोटबंदी का फैसला भाजपा को उल्टा पड़ने जा रहा है। इस बात की जानकारी भाजपा नेताओं को हो गई है। इसलिए नगर निगम चुनाव से पहले भाजपा को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष को बुलाना पड़ा लेकिन इसका कोई फर्क नहीं पड़ता। शाह को छोड़कर भाजपा पीएम मोदी को भी बुला ले उनकी नगर निगम चुनाव में हार तय है।
पार्टी पूरी तरह से एकजुट है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कार्यकर्ताओं के बीच में जाकर उनका हौसला बढ़ाने के लिए आ रहे हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष की तरह नहीं है जो बंद बंद कमरे में सिर्फ फरमान सुनातीं हैं। उन्होंने कहा कि अमित शाह के चंडीगढ़ आगमन पर पार्टी के कार्यकर्ता में जोश में हैं। - संजय टंडन, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष