मौड मंडी ब्लास्ट: सिरसा पहुंची पंजाब की एसआईटी, तीनों आरोपी डेरा प्रेमियों से जुड़ा रिकॉर्ड खंगाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब के बठिंडा में मौड मंडी बम ब्लास्ट मामले में एसआईटी ने सिरसा में दिनभर तीनों आरोपी डेरा प्रेमियों का रिकॉर्ड जुटाया। उनके रिकॉर्ड के संबंध में अधिकारियों से तस्दीक भी करवाई गई, ताकि कोर्ट में अगली पेशी पर रिकॉर्ड को पेश किया जाए। वहीं शाम चार बजे एसआईटी के डीएसपी कुलदीप भुल्लर डेरा सच्चा सौदा पहुंचे।
उन्होंने करीब एक घंटे तक एडम ब्लॉक में मैनेजमेंट कमेटी के वाइस चेयरपर्सन डॉ. पीआर नैन के साथ बातचीत की। डेरे की प्रबंधन कमेटी को 23 जनवरी को बठिंडा में एसआईटी के समक्ष पेश होने का नोटिस दिया। साथ ही डेरे को वर्कशॉप से संबंधित रिकॉर्ड पेश करने के लिए कहा है। वर्कशॉप के इंचार्ज व कर्मचारियों का रिकॉर्ड मांगा। एसआईटी के डीएसपी भुल्लर शाम पांच बजे डेरे से वापस बठिंडा चले गए। इससे पहले एसआईटी ने डेरा की चेयरपर्सन विपासना इन्सां को बठिंडा में पेश होने के लिए बुलाया था, लेकिन वह नहीं गई।
मामले में ये हैं आरोपी
आरोपियों में डेरा सिरसा की वर्कशॉप के इंचार्ज गुरतेज सिंह निवासी अलीकां जिला सिरसा, अमरीक सिंह निवासी बादलगढ़ जिला संगरूर हालिया निवासी डेरा सच्चा सौदा सिरसा, अवतार सिंह निवासी भैती माजरा जिला कुरुक्षेत्र हाल निवासी डेरा सच्चा सौदा शामिल हैं।
प्रॉपर्टी शाखा ने दी रिपोर्ट, शहर में तीनों के नाम नहीं प्रॉपर्टी दर्ज
सब इंस्पेक्टर गुरदर्शन सिंह के नेतृत्व में पांच सदस्यीय एसआईटी ने सुबह सिटी थाने में उपस्थिति दर्ज करवाई। इसके बाद टीम ने सबसे पहले डाकघर में एंट्री की। सब इंस्पेक्टर गुर दर्शन सिंह ने डाकघर से तीनों आरोपियों के नाम कोई पत्र आने या भेजने का रिकॉर्ड खंगाला। इसके बाद टीम नप में पहुंची।
नप की प्रॉपर्टी शाखा से तीनों आरोपी डेरा प्रेमियों अमरीक सिंह, गुरतेज सिंह व अवतार सिंह के नाम पर किसी भी प्रकार की दर्ज प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड खंगाला। नप ने एसआईटी को लिखकर दे दिया कि तीनों के नाम पर शहर में कोई प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड नहीं है। करीब एक घंटा रुकने के बाद एसआईटी लघु सचिवालय पहुंची।
खाजाखेड़ा में अमरीक सिंह के नाम पर दर्ज है रजिस्ट्री
एसआईटी ने तहसीलदार प्रदीप कुमार व नायब तहसीलदार के समक्ष 2011 में खाजाखेड़ा में हुई 96 वर्ग गज की रजिस्ट्री अमरीक सिंह, कृपाल सिंह, सुरजीत सिंह के नाम पर हुई है। सब इंस्पेक्टर गुरदर्शन सिंह ने इस जमीन की फर्द को तस्दीक करने के लिए अनुरोध किया। एसआईटी ने कहा कि ये रिकॉर्ड कोर्ट में अगली तारीख पर पेश किया जाना है। ना-नुकर के बाद तहसील कार्यालय ने उस रजिस्ट्री को तस्दीक करवा दिया। इसके बाद एसआईटी की टीम राजस्व विभाग पहुंची और मीटिंग की। हालांकि एसआईटी ने यह पुष्टि नहीं की कि आरोपी अमरीक सिंह मौड मंडी ब्लास्ट मामले का वांछित आरोपी है।
तीनों आरोपियों के बने हैं वोटर कार्ड
तीनों डेरा प्रेमियों के वोटर कार्ड भी शाहपुर बेगू गांव की पंचायत में बने हुए हैं। बी ब्लॉक में मकान नंबर 301 के पते पर वोटर कार्ड बने हुए हैं। एसआईटी ने कुछ दिनों पहले जिला निर्वाचन कार्यालय को वोटर कार्ड के संबंध में जानकारी मांगी थी। जिस पर जिला निर्वाचन कार्यालय ने बीएलओ को भेजकर पड़ताल करवाई तो तीनों आरोपियों में से इस मकान पर कोई नहीं रहता। निर्वाचन कार्यालय ने इस जानकारी को तस्दीक करके एसआईटी को सौंप दी। जिला निर्वाचन कार्यालय ने इस मामले की पूरी जानकारी चीफ इलेक्शन कमीशन हरियाणा को भी भेज दी।
पैन कार्ड और वाहनों की जानकारी भी जुटाई
एसआईटी ने इनकम टैक्स कार्यालय से तीनों डेरा प्रेमियों के पैन कार्ड नंबर, रिटर्न फाइल करने की जानकारी जुटाई। साथ ही पहले आरटीए कार्यालय में आरोपियों के नाम दर्ज किसी भारी वाहन व फिर एसडीएम कार्यालय में इनके नाम पर दर्ज वाहनों के रजिस्ट्रेशन की पड़ताल की। हालांकि किसी के नाम पर कोई वाहन नंबर नहीं मिला।
यह है मामला
पंजाब में 2017 विधानसभा चुनावों में 31 जनवरी 2017 को तलवंडी साबो हलके में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार व डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के समधी हरमंदर सिंह जस्सी की मौड में हुई चुनावी रैली में बम ब्लास्ट किया गया था। इस ब्लॉस्ट में पांच मासूम बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई थी।
पंजाब सरकार ने इसके लिए एसआईटी का गठन किया हुआ है। इस बम ब्लास्ट में तीन डेरा प्रेमियों की संलिप्तता सामने आई थी। ब्लॉस्ट में एक कार प्रयोग की गई थी, जो डेरा सच्चा सौदा सिरसा की वर्कशॉप में मरम्मत की गई थी। अवतार सिंह इलेक्ट्रीशियन था, जिसने कार में बैटरियां फिट की थीं। ब्लास्ट में प्रयुक्त बैटरियां भी सिरसा से ही खरीदी गई थीं।
इस मामले में पंजाब पुलिस ने डेरा सच्चा सौदा सिरसा के तीन डेरा प्रेमियों को वांटेड घोषित किया हुआ है। तीनों आरोपियों को तलवंडी साबों की अदालत ने 19 अक्तूबर 2018 को भगोड़ा घोषित किया था। बठिंडा पुलिस ने नप सिरसा व तहसील को पत्र लिखकर तीनों आरोपियों के नाम पर दर्ज प्रॉपर्टी की जानकारी मांगी थी।