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Chandigarh News: असम राइफल्स के जवान के पिता से ठगी के मामले में मास्टर माइंड की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
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चंडीगढ़। असम राइफल्स के जवान के पिता के साथ हुई 2.80 लाख की ठगी के मामले में जिला अदालत ने आरोपी करण की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। मामले में आरोपी के चार साथी गिरफ्तार हो चुके हैं लेकिन बिहार निवासी 24 वर्षीय आरोपी करण कुमार फरार है।
शातिर ठगों ने शिकायकतकर्ता दड़वा निवासी आनंद सिंह को फोन कर कहा था कि उनके बेटे को आतंकवादियों ने पकड़ लिया है और उसे छोड़ने के लिए पैसों की मांग कर रहे हैं। आनंद सिंह शातिर ठगों की बातों में आ गए और बताए गए बैंक खाते में 2.8 लाख रुपये जमा करवा दिए। बाद में जब उन्होंने बेटे से बात की तब ठगी का खुलासा हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी थी।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बिहार निवासी करण इस पूरे खेल का मास्टर माइंड है। आरोपी भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक अकाउंट खोलते थे और उसमें ठगी की रकम ट्रांसफर करवाते थे। इन बैंक खातों के डेबिट कार्ड करण ने अपने साथियों को दे रखे थे। पुलिस ने इस मामले में दिवांशु कुमार उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया तो उसने पूरे खेल के बारे में पुलिस को बताया।
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अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने करण की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि लोगों से ठगे रुपये, सिम कार्ड, डेबिट कार्ड, पासबुक और मोबाइल फोन आदि अभी बरामद नहीं हुए हैं इसलिए आरोपी की गिरफ्तारी जरूरी है।
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शातिर ठगों ने शिकायकतकर्ता दड़वा निवासी आनंद सिंह को फोन कर कहा था कि उनके बेटे को आतंकवादियों ने पकड़ लिया है और उसे छोड़ने के लिए पैसों की मांग कर रहे हैं। आनंद सिंह शातिर ठगों की बातों में आ गए और बताए गए बैंक खाते में 2.8 लाख रुपये जमा करवा दिए। बाद में जब उन्होंने बेटे से बात की तब ठगी का खुलासा हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी थी।
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जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बिहार निवासी करण इस पूरे खेल का मास्टर माइंड है। आरोपी भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक अकाउंट खोलते थे और उसमें ठगी की रकम ट्रांसफर करवाते थे। इन बैंक खातों के डेबिट कार्ड करण ने अपने साथियों को दे रखे थे। पुलिस ने इस मामले में दिवांशु कुमार उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया तो उसने पूरे खेल के बारे में पुलिस को बताया।
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अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने करण की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि लोगों से ठगे रुपये, सिम कार्ड, डेबिट कार्ड, पासबुक और मोबाइल फोन आदि अभी बरामद नहीं हुए हैं इसलिए आरोपी की गिरफ्तारी जरूरी है।