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खिलाड़ी सरदार सिंह के खिलाफ नहीं मिले सबूत, मारपीट मामले में पेश होगा चालान, जानिए मामला
Wed, 23 Jan 2019 12:43 PM IST
खुशबू गोयल
अविनाश शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
अविनाश शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 23 Jan 2019 12:43 PM IST
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सरदार सिंह
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हॉकी प्लेयर सरदार सिंह के खिलाफ मारपीट का एक मामला चल रहा है, लेकिन जांच में उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। अब पुलिस चालान पेश करेगी, जानिए क्या है मामला।
16 दिसंबर 2018 को सेक्टर-35 के मकान नंबर 106 के समीप सरदार सिंह के भाई दीदार सिंह की इनोवा कार की सियाज कार से टक्कर हो गई थी। मामले में भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह पर मारपीट के आरोप लगे हैं। जांच यूटी पुलिस पूरी कर चुकी है। आरोपी सरदार सिंह और उनके भाई को जांच में शामिल करवाने के अलावा उनके बयान रिकॉर्ड किए जा चुके हैं। अब जल्द ही चालान कोर्ट में पेश करने की तैयारी में है।
शिकायतकर्ता पीरमुछल्ला स्थित एसबीआई के मैनेजर एवं सेक्टर-37 निवासी सचिन शर्मा ने सरदार सिंह, दीदार सिंह व एक अन्य युवक पर मारपीट के आरोप लगाए थे, लेकिन सेक्टर-36 थाना पुलिस ने दीदार सिंह और सचिन पर क्रॉस केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करके जमानत पर छोड़ा था। फिर सचिन ने पुलिस पर सरदार सिंह व अन्य युवक पर कार्रवाई नहीं करने और उनकी कार नंबर सीएच01 एवाई-5400 को भी कब्जे में नहीं लेने के आरोप लगाए थे।
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इस संबंध में सचिन शर्मा ने डीजीपी यूटी और पंजाब के गवर्नर एवं यूटी के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को ई-मेल कर इंसाफ की गुहार लगाई थी। उन्होंने कहा कि उनके पास मौके की कुछ तस्वीरें हैं जिनमें सरदार सिंह व अन्य दिखाई दे रहे हैं। सचिन ने बताया कि इंक्वायरी में पुलिस अधिकारियों ने उनसे पूछा कि वह कैसे साबित करेंगे कि सरदार सिंह ने उनसे मारपीट की। उनसे पूछा कि क्या उनके पास मारपीट की कोई वीडियो या फोटोग्राफ है।
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16 दिसंबर 2018 को सेक्टर-35 के मकान नंबर 106 के समीप सरदार सिंह के भाई दीदार सिंह की इनोवा कार की सियाज कार से टक्कर हो गई थी। मामले में भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह पर मारपीट के आरोप लगे हैं। जांच यूटी पुलिस पूरी कर चुकी है। आरोपी सरदार सिंह और उनके भाई को जांच में शामिल करवाने के अलावा उनके बयान रिकॉर्ड किए जा चुके हैं। अब जल्द ही चालान कोर्ट में पेश करने की तैयारी में है।
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शिकायतकर्ता पीरमुछल्ला स्थित एसबीआई के मैनेजर एवं सेक्टर-37 निवासी सचिन शर्मा ने सरदार सिंह, दीदार सिंह व एक अन्य युवक पर मारपीट के आरोप लगाए थे, लेकिन सेक्टर-36 थाना पुलिस ने दीदार सिंह और सचिन पर क्रॉस केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करके जमानत पर छोड़ा था। फिर सचिन ने पुलिस पर सरदार सिंह व अन्य युवक पर कार्रवाई नहीं करने और उनकी कार नंबर सीएच01 एवाई-5400 को भी कब्जे में नहीं लेने के आरोप लगाए थे।
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इस संबंध में सचिन शर्मा ने डीजीपी यूटी और पंजाब के गवर्नर एवं यूटी के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को ई-मेल कर इंसाफ की गुहार लगाई थी। उन्होंने कहा कि उनके पास मौके की कुछ तस्वीरें हैं जिनमें सरदार सिंह व अन्य दिखाई दे रहे हैं। सचिन ने बताया कि इंक्वायरी में पुलिस अधिकारियों ने उनसे पूछा कि वह कैसे साबित करेंगे कि सरदार सिंह ने उनसे मारपीट की। उनसे पूछा कि क्या उनके पास मारपीट की कोई वीडियो या फोटोग्राफ है।
सीसीटीवी फुटेज भी हासिल नहीं की
सचिन व उनके परिजनों ने कहा कि अचानक हुए सड़क हादसे के बाद कार सवार सरदार सिंह व अन्य युवक उनसे मारपीट करेंगे, इसका उन्हें पहले पता नहीं था। ऐसे में वह वीडियो कैसे बनाते और फोटोग्राफ कैसे खींचते। सचिन ने पुलिस पर घटनास्थल के आसपास की कोठियों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज हासिल नहीं करने के आरोप लगाए।
सरदार सिंह की मारपीट का नहीं कोई सबूत
मामले की जांच में पुलिस अधिकारियों को सरदार सिंह के मारपीट से संबंधित कोई सबूत नहीं मिला है। बकौल जांच टीम शिकायतकर्ता सचिन से भी मारपीट से संबंधित सबूत बारे पूछा गया लेकिन उनके पास भी कोई साक्ष्य नहीं मिला। ऐसे में अब इंक्वायरी पूरी कर चालान कोर्ट में पेश किया जाएगा।
यह था मामला
16 दिसंबर 2018 की सुबह करीब 11 बजे बैंक मैनेजर सचिन शर्मा बेटे को कोचिंग सेंटर छोड़कर अपनी सियाज कार नंबर (सीएच01 बीएफ-2801) से घर लौट रहे थे। सेक्टर-35 के मकान नंबर-106 के पास से कार को टर्न करते समय सामने से इनोवा कार नंबर (सीएच05 टी-9985) आई और गाड़ी में टक्कर मार दी। इनोवा कार चालक दीदार सिंह ने मौके से किसी को फोन किया। कुछ ही समय बाद सरदार सिंह व एक अन्य युवक मौके पर पहुंचे। सचिन का आरोप है कि तीनों ने उनसे मारपीट की, लेकिन पुलिस ने केवल दीदार सिंह पर केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया और जमानत पर छोड़ दिया।
दोनों पक्षों को जांच में शामिल करवाकर उनसे पूछताछ पूरी की जा चुकी है। मामले में सरदार सिंह द्वारा मारपीट करने के कोई सबूत नहीं मिले हैं।
-निहारिका भट्टा, एएसपी साउथ
सरदार सिंह की मारपीट का नहीं कोई सबूत
मामले की जांच में पुलिस अधिकारियों को सरदार सिंह के मारपीट से संबंधित कोई सबूत नहीं मिला है। बकौल जांच टीम शिकायतकर्ता सचिन से भी मारपीट से संबंधित सबूत बारे पूछा गया लेकिन उनके पास भी कोई साक्ष्य नहीं मिला। ऐसे में अब इंक्वायरी पूरी कर चालान कोर्ट में पेश किया जाएगा।
यह था मामला
16 दिसंबर 2018 की सुबह करीब 11 बजे बैंक मैनेजर सचिन शर्मा बेटे को कोचिंग सेंटर छोड़कर अपनी सियाज कार नंबर (सीएच01 बीएफ-2801) से घर लौट रहे थे। सेक्टर-35 के मकान नंबर-106 के पास से कार को टर्न करते समय सामने से इनोवा कार नंबर (सीएच05 टी-9985) आई और गाड़ी में टक्कर मार दी। इनोवा कार चालक दीदार सिंह ने मौके से किसी को फोन किया। कुछ ही समय बाद सरदार सिंह व एक अन्य युवक मौके पर पहुंचे। सचिन का आरोप है कि तीनों ने उनसे मारपीट की, लेकिन पुलिस ने केवल दीदार सिंह पर केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया और जमानत पर छोड़ दिया।
दोनों पक्षों को जांच में शामिल करवाकर उनसे पूछताछ पूरी की जा चुकी है। मामले में सरदार सिंह द्वारा मारपीट करने के कोई सबूत नहीं मिले हैं।
-निहारिका भट्टा, एएसपी साउथ