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सावधान, असुरक्षित है चंडीगढ़ मार्केट्स की इमारतें

Tue, 24 Jun 2014 03:35 PM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 24 Jun 2014 03:35 PM IST
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Chandigarh Market Commette Buildings are Unsafe

प्रशासन जिस निजी इमारत को अनसेफ करार कर देता है उसमें लोगों की एंट्री पर पाबंदी लगा दी जाती है, लेकिन प्रशासन का अपना मार्केट कमेटी का कार्यालय अनसेफ है। यहां पर कार्यालय का कामकाज चल रहा है।

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सेक्टर-26 स्थित मार्केट कमेटी की इमारत की हालत जर्जर हो गई है। 2007 में मार्केट कमेटी की इमारत को अनसेफ घोषित किया गया था। इसी साल ही यहां से चंद दूरी पर शेड गिर गया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी।
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हाल ही में 9 जून को सेक्टर-17 में आग लगने की वारदात के बाद नाइलिट की इमारत गिर गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने साथ की इमारत को भी अनसेफ बताते हुए लोगों की एंट्री पर पाबंदी लगा दी है। प्रशासन ने शहर की करीब एक दर्जन से ज्यादा निजी इमारतें अनसेफ घोषित की हुई हैं।
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वाइस चेयरमैन के कार्यालय के खस्ताहाल

Chandigarh Market Commette Buildings are Unsafe

मार्केट कमेटी के अंदर वाइस चेयरमैन के कमरे की खस्ता हालत है। इसके साथ ही शौचाल्यों की दीवारों पर दरारें आई हुई हैं। कार्यालय की पहली मंजिल के कमरों की हालत भी ठीक नहीं हैं। मालूम हो कि प्रशासन की सेक्टर-39 में मंडी शिफ्ट करने की योजना है, जिसके लिए जमीनी भी खरीदी जा चुकी है, लेकिन अभी यह योजना ठप्प पड़ी हुई है।

कमेटी कार्यालय में जाना छोड़ा
मंडी के फल के आढ़ती बृज मोहन राजू का कहना है कि साल 2007 में प्रशासन ने खुद ही कमेटी कार्यालय को अनसेफ घोषित किया था। उनका कहना है कि इमारत की हालत काफी खस्ता हो गई है। उनका कहना है कि यहां पर कभी भी हादसा हो सकता है इसलिए उन्होंने किसी भी काम से कमेटी कार्यालय ही जाना बंद कर दिया है।

मार्केट कमेटी में हावी है तानाशाही

Chandigarh Market Commette Buildings are Unsafe

मार्केट कमेटी के निदेशक जूझारू सिंह का कहना है कि कमेटी कार्यालय में कोई सीनियर अधिकारी नहीं बैठता है, जिस कारण इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि तानाशाही हावी होने के कारण ऐसा हो रहा है। कमेटी कार्यालय का फिर से निर्माण होना चाहिए।

उपायुक्त को अवगत करवाई जा चुकी है हालात
मार्केट कमेटी के चेयरमैन दिनेश महाजन का कहना है कमेटी की हालात से उपायुक्त को अवगत करवाया जा चुका है। अब तो इमारत की रिपयेर से भी कम नहीं चलेगा इसे पूरा तोड़कर ही फिर से निर्माण करने की जरूरत है। अधिकारियों को एक बार फिर से इमारत की हालत से अवगत करवाया जाएगा।

क्या होता है कमेटी कार्यालय
कमेटी कार्यालय में आढ़तियों से लाइसेंस फीस चार्ज की जाती है। यहां पर बिकने वाले उत्पाद के लिए प्रतिदिन मार्केट फीस जमा होती है। इसके साथ ही हर साल आढ़तियों का लाइसेंस भी यहां रिन्यू होते है। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों का भी सामान जब्त करके यहां पर लाया जाता है।

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