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रोष मार्च निकाला, शिक्षामंत्री का पुतला जलाया
अमर उजाला मोहाली
Updated Thu, 21 Nov 2013 10:51 PM IST
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वेतन बढ़ोतरी की मांग क ो लेकर संघर्ष पर चल रहे एसएसए-रमसा नॉन टीचिंग स्टाफ ने वीरवार को रोष मार्च निकाला। साथ ही पीसीएल चौक पर शिक्षा मंत्री सिंकदर सिंह मलूका के पुतले की अर्थी निकाल कर जलाई। इस दौरान मुलाजिमों ने सरकार व शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन किया। उन्होंने साफ किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है।
तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। दूसरी तरफ शिक्षा विभाग आने वाले लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
वीरवार सुबह राज्य के विभिन्न जिलों से एसएसए-रमसा नॉन टीचिंग मुलाजिम फेज-8 स्थित धरना स्थल पर पहुंचे। इसके बाद मुलाजिमों ने शिक्षा विभाग की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। मुलाजिमाें ने बताया कि हमारी शैक्षणिक योग्यता में अगर कोई कमी नहीं है। तो सरकार हमें एसएसए-रमसा टीचिंग स्टाफ के बराबर वेतन सरकार क्यों नहीं दे रही है।
दूसरी तरफ चंडीगढ़ और हरियाणा में नॉन टीचिंग स्टाफ को बढ़ा हुआ बेतन दिया जा रहा है। मुलाजिमों ने साफ किया है कि जल्दी उनकी मांग नहीं मानी गई। तो संघर्ष और तेज होगा। इस दौरान होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी सरकार व शिक्षा विभाग की रहेगी।
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तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। दूसरी तरफ शिक्षा विभाग आने वाले लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
वीरवार सुबह राज्य के विभिन्न जिलों से एसएसए-रमसा नॉन टीचिंग मुलाजिम फेज-8 स्थित धरना स्थल पर पहुंचे। इसके बाद मुलाजिमों ने शिक्षा विभाग की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। मुलाजिमाें ने बताया कि हमारी शैक्षणिक योग्यता में अगर कोई कमी नहीं है। तो सरकार हमें एसएसए-रमसा टीचिंग स्टाफ के बराबर वेतन सरकार क्यों नहीं दे रही है।
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दूसरी तरफ चंडीगढ़ और हरियाणा में नॉन टीचिंग स्टाफ को बढ़ा हुआ बेतन दिया जा रहा है। मुलाजिमों ने साफ किया है कि जल्दी उनकी मांग नहीं मानी गई। तो संघर्ष और तेज होगा। इस दौरान होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी सरकार व शिक्षा विभाग की रहेगी।
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