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चंडीगढ़ की हरियाली को खतरा : कई सेक्टरों में फट रहे पेड़ों के तने, कई सूखे, ये खतरा भी आया
Thu, 11 Mar 2021 01:54 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 11 Mar 2021 01:54 PM IST
सार
- चंडीगढ़ में कई क्षेत्रों में सूख रहे हैं पेड़
- कई पेड़ों में लग गया है दीमक
- कभी भी गिर सकते हैं सूखे पेड़
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चंडीगढ़ के सेक्टर नौ में सूख रहे पेड़।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ की हरियाली संकट में है। सेक्टर- 9 समेत कई क्षेत्रों में पेड़ों के तने फट रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ पेड़ों को दीमक खा रही है। बड़ी संख्या में पेड़ सूखते जा रहे हैं। जिन पेड़ों की छांव दो साल पहले मिलती थी, अब वह सूख गए। ये सूखे पेड़ कभी भी गिर सकते हैं। इन्हें अब तक नहीं हटाया गया। हालांकि चिह्नित जरूर किया गया है।
सेक्टर- 9 में बने पार्क व आसपास के क्षेत्र में 10 फीसदी तक पेड़ सूख गए हैं। 40 फीसदी से अधिक पेड़ों पर दीमक का हमला है। इस पार्क की चारदीवारी के पास लगे पेड़ दो साल में सूखे हैं। सूखे पेड़ों की संख्या 20 से अधिक है। वहीं पार्क के अंदर भी कुछ पेड़ सूख गए हैं।
पार्क में टहलने आए रोहिताश शर्मा ने बताया कि दो साल में ही यहां कई पेड़ सूख गए हैं। जिन पेड़ों के नीचे कई बार उन्होंने गर्मियों में ठंडक ली वह अब वे सूख गए हैं। टूर एंड ट्रैवल्स का काम कर रहे श्रीकृष्ण ने बताया कि चारदीवारी के बाहर लगे पेड़ों के नीचे वह कुछ समय पहले गाड़ी खड़ी करते थे, लेकिन अब वह सूख गए हैं। सेक्टर में तमाम पेड़ सूखते जा रहे हैं।
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सेक्टर- 9 में बने पार्क व आसपास के क्षेत्र में 10 फीसदी तक पेड़ सूख गए हैं। 40 फीसदी से अधिक पेड़ों पर दीमक का हमला है। इस पार्क की चारदीवारी के पास लगे पेड़ दो साल में सूखे हैं। सूखे पेड़ों की संख्या 20 से अधिक है। वहीं पार्क के अंदर भी कुछ पेड़ सूख गए हैं।
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पार्क में टहलने आए रोहिताश शर्मा ने बताया कि दो साल में ही यहां कई पेड़ सूख गए हैं। जिन पेड़ों के नीचे कई बार उन्होंने गर्मियों में ठंडक ली वह अब वे सूख गए हैं। टूर एंड ट्रैवल्स का काम कर रहे श्रीकृष्ण ने बताया कि चारदीवारी के बाहर लगे पेड़ों के नीचे वह कुछ समय पहले गाड़ी खड़ी करते थे, लेकिन अब वह सूख गए हैं। सेक्टर में तमाम पेड़ सूखते जा रहे हैं।
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सेक्टर 10, 11, 14, 15 में भी पेड़ तेजी से सूख रहे हैं। पर्यावरण प्रेमी प्रेम गर्ग कहते हैं कि यूटी प्रशासन से लेकर हर स्तर पर अवगत कराया गया। स्कूलों में बड़े पेड़ों को काटा जा रहा है। हरियाली संकट में है। इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
पर्यावरण प्रेमी एसके शर्मा कहते हैं कि पीयू के गेट नंबर- 1 के बाहर दो विशाल पेड़ थे जो सूख गए हैं। इस समय वह कंकाल की तरह दिख रहे हैं जो कभी भी गिर सकते हैं। नयागांव बैरियर से लेकर पीजीआई चौक तक सैकड़ों पेड़ लगे हैं। यहां भी 15 फीसदी से अधिक पेड़ सूखते जा रहे हैं।
पीयू के गर्ल्स छात्रावास- 1 में घुट रहा पेड़ों का दम
पीयू के गर्ल्स छात्रावास संख्या- 1 में पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट से जड़ों को ढक दिया गया। इन पेड़ों की उम्र भी अधिक नहीं है। पर्यावरण प्रेमी डॉ. विनोद चौधरी कहते हैं कि तने का विकास कंक्रीट व गोल सर्किल के कारण नहीं हो पा रहा है। यह पेड़ जल्द सूख जाएंगे। जल्द से जल्द कंक्रीट हटाई जानी चाहिए। कुछ जानकारों का कहना है कि पीयू के जिम्मेदार लोग कंक्रीट आदि पेड़ों के पास सजावट के लिए लगा रहे हैं। इसमें कमीशन का भी खेल होता है, लेकिन पेड़ों के लिए यह संकट जैसा है।
पर्यावरण प्रेमी एसके शर्मा कहते हैं कि पीयू के गेट नंबर- 1 के बाहर दो विशाल पेड़ थे जो सूख गए हैं। इस समय वह कंकाल की तरह दिख रहे हैं जो कभी भी गिर सकते हैं। नयागांव बैरियर से लेकर पीजीआई चौक तक सैकड़ों पेड़ लगे हैं। यहां भी 15 फीसदी से अधिक पेड़ सूखते जा रहे हैं।
पीयू के गर्ल्स छात्रावास- 1 में घुट रहा पेड़ों का दम
पीयू के गर्ल्स छात्रावास संख्या- 1 में पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट से जड़ों को ढक दिया गया। इन पेड़ों की उम्र भी अधिक नहीं है। पर्यावरण प्रेमी डॉ. विनोद चौधरी कहते हैं कि तने का विकास कंक्रीट व गोल सर्किल के कारण नहीं हो पा रहा है। यह पेड़ जल्द सूख जाएंगे। जल्द से जल्द कंक्रीट हटाई जानी चाहिए। कुछ जानकारों का कहना है कि पीयू के जिम्मेदार लोग कंक्रीट आदि पेड़ों के पास सजावट के लिए लगा रहे हैं। इसमें कमीशन का भी खेल होता है, लेकिन पेड़ों के लिए यह संकट जैसा है।
जिन पेड़ों पर दीमक लगी है अथवा बीच में से फट रहे हैं, उनका चिह्नित करवाया गया था। उसमें दवा के साथ में मिलिबग का भी छिड़काव करवाया गया था। इससे पेड़ ठीक हो गए थे और भी कोई ऐसे पेड़ हैं तो उन्हें भी चिह्नित करके ठीक करवाया जाएगा। - केके यादव, आयुक्त, नगर निगम