अबोहर के छात्र यूक्रेन में फंसे: घरवाले कर रहे सुरक्षित वापसी की अरदास, रूसी हमले से हालात तनावपूर्ण
हिना ने बताया कि उन्हें पहली बार यूक्रेन से भारत आने के लिए दोगुना किराया अदा करना पड़ा। इससे पहले वह यूक्रेन से नई दिल्ली के लिए महज 300 डॉलर में टिकट खरीदती रही हैं लेकिन इस बार दोगुनी राशि अदा करनी पड़ी।
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रूस और यूक्रेन के बीच शुरू हुई जंग के कारण अबोहर के कई विद्यार्थी यूक्रेन में फंसे हैं। जिससे उनके अभिभावकों में भारी चिंता है और वह अपने बच्चों के लिए सुरक्षित लौटने की अरदास कर रहे हैं। अबोहर के मोहल्ला भगवानपुरा निवासी सेवानिवृत्त प्रिंसिपल गुरचरण सिंह का बेटा हरजिंदर सिंह यूक्रेन में फंसा है, जिसको लेकर वह बेहद चिंतित हैं। उनकी गुरुवार को भी अपने बेटे से बात हुई है, जिसमें उनका बेटा खुद को ठीक बता रहा है, लेकिन रूस के हमलों से हालात तनावपूर्ण बने हैं, जिससे वे अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।
उन्होंने बताया कि वहां दहशत का माहौल है और बच्चे भी भय में हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में वहां फंसे भारतीय विद्यार्थियों को लाने के लिए भारत सरकार व पंजाब सरकार को विशेष प्रयास करने चाहिए। उसके बेटे की 26 तारीख को वापसी के लिए फ्लाइट है, जिससे वे अपने बेटे के सकुशल भारत पहुंचने की अरदास कर रहे हैं। जानकारी देते हुए हरजिंदर की माता भावुक हो गईं और उनके आंखों से आंसू बहने लगे। उन्होंने कहा कि अगर भारत में ही इस तरह की सुविधाएं हों तो कोई भी अपने बेटे को बाहर नहीं भेजेगा।
बेटी की सुरक्षा के लिए चिंतित राजू विज
नानकनगरी निवासी राजू विज ने बताया कि उनकी बेटी दीक्षा भी यूक्रेन में एमबीबीएस कर रही हैं और उसका दूसरा साल है। बेटी दिसंबर में ही यहां से दोबारा गई है। गुरुवार को बेटी से हुई बातचीत के अनुसार भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय विद्यार्थियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है लेकिन फिर भी वे बेटी की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।
यूक्रेन से जहाज के जरिये दिल्ली पहुंचे युवराज और हिना
इधर, दो दिन पहले ही यूक्रेन से लौटे अबोहर की तारा एस्टेट कालोनी निवासी ज्वेलर बिट्टू सोनी की बेटी हिना सोनी और इसी कालोनी के युवराज भादू ने बताया कि वह दोनों यूक्रेन के लबीब राज्य में स्थित नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे। भारतीय दूतावास की ओर से कुछ दिन पूर्व उन्हें लेटर जारी कर वहां के हालात के मद्देनजर स्थिति सामान्य होने तक यूक्रेन छोड़ने की सलाह दी गई थी।
यूक्रेन से जहाज के जरिये दिल्ली होते हुए अबोहर पहुंची हिना ने बताया कि फ्लाइट पकड़ने के लिए उन्हें लबीब से ट्रेन के जरिये करीब 1500 किलोमीटर का सफर करना पड़ा। इस दौरान रास्ते में जंग जैसे हालात नजर नहीं आए। यूक्रेन की राजधानी कीव, जो रूस के नजदीक है, वहां भी हालात सामान्य दिखे, जहां उन्होंने कुछ समय शॉपिंग भी की।
हिना ने बताया कि उन्हें पहली बार यूक्रेन से भारत आने के लिए दोगुना किराया अदा करना पड़ा। इससे पहले वह यूक्रेन से नई दिल्ली के लिए महज 300 डॉलर में टिकट खरीदती रही हैं लेकिन इस बार दोगुनी राशि अदा करनी पड़ी। यूक्रेन में जंग जैसे हालात के मद्देनजर वहां रहने वाले भारतीयों को निकालने के लिए किए जा रहे प्रयास के बारे में उन्होंने यूक्रेन और भारत सरकार की प्रशंसा की।