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शहर में कई और साइट्स भी हो सकती हैं सील
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 26 Apr 2014 10:20 AM IST
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यूटी के संपदा विभाग की ओर से जल्द ही शहर की कुछ और कामर्शियल साइट्स को सील किया जा सकता है। संपदा विभाग को यह जानकारी मिली है कि शहर में कुछ और कामर्शियल साइट्स के मंजूर हुए बिल्डिंग प्लान और बनाई गई इमारतों में काफी अंतर है। संपदा विभाग इन साइट्स की चेकिंग करा रहा है।
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बुधवार को पांच कामर्शियल साइट्स को सील किया गया था। बिल्डिंग ब्रांच के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से वर्षों से यह खेल चल रहा है। बिल्डिंग प्लान मंजूर कुछ और होता है और निर्माण कुछ और किया जाता है।
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बड़े स्तर पर हुई इस हेरफेर का खुलासा तब हुआ था जब संपदा विभाग के अधिकारियों ने खुद मंजूर बिल्डिंग प्लान को वहां जाकर देखा और मिलान किया।
उपायुक्त ने इस मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं ताकि यह पता चल सके कि इन बिल्डिंग मालिकों और प्लान अप्रूवल कमेटी (पीएसी) लोअर के बीच किस तरह की सांठगांठ हुई है।
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बिल्डिंग ब्रांच का स्टाफ बदलेगा
संपदा विभाग के बिल्डिंग ब्रांच के पूरे स्टाफ को जल्द ही बदल दिया जाएगा। बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों द्वारा गड़बड़ी करने का मामले प्रकाश में आने के बाद उपायुक्त मोहम्मद शाईन ने वित्त सचिव सर्वजीत सिंह को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि इस ब्रांच में कई कर्मचारी सालों से जमे हैं।
यहां अब ऐसे स्टाफ को तैनात किया जाए जिसने इससे पहले कभी इस ब्रांच में काम न किया हो। ऐसा करने से गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रह जाएगी। उपायुक्त ने भी माना कि उन्होंने बिल्डिंग ब्रांच के पूरे स्टाफ का तबादला करने के लिए लिखा है।
ध्यान रहे कि डीसी ने एसडीओ बिल्डिंग, जेई और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए लिखा है। पांच कामर्शियल साइट्स की चेकिंग के दौरान यह पाया गया था कि जो बिल्डिंग प्लान मंजूर किया गया था, वहां उससे अलग निर्माण हुआ था।
नहीं खोली गईं तीन साइट्स की सील
संपदा विभाग ने शुक्रवार को तीन कामर्शियल साइट्स की सील नहीं खोली। इनमें इंडस्ट्रियल एरिया, फेज-2 स्थित वर्ल्ड टरक्वॉइस होटल, सेक्टर-46 स्थित एससीओ और सेक्टर-18 स्थित जालंधर होटल है। वीरवार को दो कामर्शियल साइट्स की सील खोल दी गई थी। इनमें सेक्टर-17 की बिल्डिंग का कुछ हिस्सा भी शामिल है। हालांकि इस इमारत में मौजूद होटल बज को नहीं खोला गया है।
शहर के जिन एससीओ और होटलों को सीज किया गया, उनके मालिक सुबह ग्यारह बजे से ही चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित एस्टेट ऑफिस में डट गए। वे दोबारा होटलों को खोलने के लिए बार-बार अनुरोध कर रहे थे। वे एक घंटे तक बाहर डटे रहे। उसके बाद डीसी ने उन्हें अपने ऑफिस के अंदर बुलाया और उनसे बात की।
जब व्यापारी बाहर आए तो उन्होंने कहा कि डीसी ने साइट्स की सील खोलने से इंकार कर दिया। इन सदस्यों के संग पहुंचे व्यापारी कमलजीत सिंह ने कहा कि डीसी कार्यालय में रिस्पॉन्स नहीं मिला।
कमलजीत सिंह ने कहा कि वे एफिडेविट दे चुके हैं कि बिल्डिंग वायलेशन को हटा दिया जाएगा। लेकिन, इसके बाद भी उनकी साइट्स की सील नहीं खोली गई है। इससे उन्हें रोज लाखों का नुकसान हो रहा है। अब शनिवार को इन साइट्स के खुलने की उम्मीद है।
साइट्स में ज्यादा वॉयलेशन है। यह प्लान के मुताबिक नहीं बनाई गई।
- मोहम्मद शाईन, डीसी
किसी का फंक्शन, किसी की पार्टी
चंडीगढ़ में जिन होटलों को सीज किया गया है, उनमें पहले ही पार्टी की बुकिंग की जा चुकी थी। होटल मालिकों के लिए सबसे बड़ी समस्या है कि वे लोगों को कैसे समझाएं। बज के एक अधिकारी ने कहा कि वे पार्टी बुक कर चुके हैं लेकिन अब समझ नहीं आ रहा कि क्या करे।