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चीन की मार से तबाह स्क्रू इंडस्ट्री, 600 इकाइयों में 120 ही बची, 80 हजार लोग हुए बेरोजगार
Wed, 07 Aug 2019 02:01 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 07 Aug 2019 02:01 AM IST
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स्क्रू इंडस्ट्री
- फोटो : फाइल फोटो
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सरकार द्वारा लघु उद्योग के प्रति की जा रही अनदेखी के कारण देश विभाजन से पहले से चल रही स्क्रू इंडस्ट्री अपनी अंतिम सांसें गिन रही है। 2010 में अमृतसर में स्क्रू उद्योग की 600 इकाइयां देश भर की स्क्रू की मांग को पूरा करती थी लेकिन चीन से आ रहे स्क्रू ने गुरुनगरी के इस लघु उद्योग की कमर तोड़ दी है।
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पिछले नौ साल में लगभग 450 से अधिक औद्योगिक इकाइयां बंद हो चुकी हैं। लगभग 120 स्क्रू इकाइयां सरकार की गलत नीतियों के कारण बंद होने के कगार पर हैं। कभी इस उद्योग से एक लाख से अधिक लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलता था। औद्योगिक इकाइयां बंद होने से 80 हजार कारीगर और इस उद्योग के साथ जुड़े अन्य लोग बेरोजगार हो चुके हैं। कभी पूरे देश में अमृतसर ही स्क्रू उद्योग के लिए जाना जाता था।
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आयरन एंड हार्डवेयर मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश भाटिया और एसोसिएशन के सदस्यों ने सांसद गुरजीत औजला को दिए एक ज्ञापन में गुहार लगाई है कि इस उद्योग को बचाने के लिए केंद्रीय सरकार ने ठोस कदम न उठाए तो बची सभी इकाइयां कभी भी बंद हो सकती है। इस उद्योग को बचाने के लिए केंद्र सरकार तुरंत चीन से आने वाले स्क्रू के आयात को बंद करे।
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चीन में स्क्रू उद्योग का रॉ मैटीरियल और लेबर सस्ती होने के कारण अमृतसर का स्क्रू उद्योग इसका मुकाबला नहीं कर सकता। चीन के पास स्क्रू बनाने की अति आधुनिक टेक्नोलॉजी है। जिस तकनीक से चीन स्क्रू का उत्पादन कर रहा है, उस तकनीक को अमृतसर पहुंचने में कई साल लग जाएंगे। इस लघु उद्योग को बचाने के लिए केंद्र सरकार चीन से आ रहे स्क्रू पर टैरिफ बढ़ाए और चीन से आने वाले स्क्रू पर पाबंदी लगाई जाए।
जीएसटी लागू होने से पहले स्क्रू पर लगभग छह फीसदी वैट और अन्य टैक्स थे। जीएसटी लागू होने के बाद स्क्रू पर 18 फीसदी जीएसटी टैक्स लगा दिया गया है। इस कारण देश भर में स्क्रू की ग्रे मार्केट खुल गई है। सरकार स्क्रू पर 5 फीसदी जीएसटी की दर लागू करे। गुरजीत औजला ने एसोसिएशन के सदस्यों को विश्वास दिलाया कि वह उनकी इस मांग को संसद में उठाएंगे और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश से मिलकर लघु उद्योग को बचाने की अपील करेंगे।