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डेराबस्सी हादसे ने खोली प्रशासन की पोल, एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा, तब मलबे से निकले शव

Fri, 25 Sep 2020 12:00 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 25 Sep 2020 12:00 AM IST
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Many questions raised on administration after Derabassi Building collapse
राहत एवं बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ टीम। - फोटो : अमर उजाला

डेराबस्सी में एक इमारत के गिरने से चार लोगों की मौत के मामले ने गुरुवार को ऐसे हादसों में प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल कर रख दी है। जानकारी के मुताबिक हादसा साढ़े 9 बजे हुआ था। इसके बाद करीब सवा 10 बजे प्रशासनिक अधिकारी और अन्य टीमें जिनमें फायर ब्रिगेड, सेहत विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई थीं। 

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लेकिन देखा यह गया कि प्रशासनिक अधिकारियों के पास ऐसे हादसों से निपटने के लिए कोई भी प्रबंध नही थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने दो जेसीबी मशीनों को मौके पर बुलाकर गिरे मलबे को हटाने की कोशिश की। जो कि काफी मुश्किल था। लेकिन 11 बजे के करीब एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। टीम आते ही राहत कार्य में जुट गई और उन्होंने कुछ घंटों में दो शव बाहर निकाल लिए। 
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इसके बाद भी उन्होंने विशेष कैमरों और खुफिया कुत्तों की मदद से  लोगों की तलाश की, जब उनको तसल्ली हो गई तो करीब 4 घंटों के बाद 3 बजे उन्होंने अपना ऑपरेशन बंद किया। इस टीम के पास लेंटर काटने से लेकर हर जरूरत का सामान उपलब्ध था। अगर निर्माण के मुताबिक यहां पर बीस दुकानें बस जातीं और इसके यह हादसा तब होता तो यहां पर काफी लोगों की जान जा सकती थी।

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कभी भी गिर सकती है तैयार इमारत

इस मौके पर एक शोरूम में तैयार की गई दस दुकानें भी अवैध हैं। जिनमें पुरानी ईंटों के अलावा पुरानी सरिया और पिलर भी नहीं बनाए गए हैं। दूसरी इमारत में भी दरारें आई हुई हैं, जो कभी भी गिर सकती है।

बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने बदले बयान
हलका विधायक एनके शर्मा ने मौके पर पहुंच अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया। इस दौरान मौके पर मौजूद बिल्डिंग इंस्पेक्टर सर्बजीत सिंह ने कहा कि नियमों के मुताबिक नक्शा पास हुआ है। जिसमें नगर काउंसिल का कोई दोष नहीं। लेकिन जब पत्रकारों ने नक्शे की कॉपी दिखाने के लिए कहा तो वह अपनी बात से मुकर गए कि बीस दुकानों का नहीं बल्कि दो शोरूमों का नक्शा पास हुआ है। 



पड़ोसी के घर में आईं दरारें
निर्माणाधीन इमारत गिरने के कारण उसके साथ जुड़ी पड़ोसी घर में दरारें आ गई है। मकान मालिक ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि कभी भी उनका घर भी गिर सकता है। उसने प्रशासन से घर को ठीक करवाने की मांग की, ताकि कोई हादसा न घट सके।

जगह पर भी उठे सवाल
इस हादसे के बाद मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने आरोप लगाया कि उक्त परिवार ने नगर काउंसिल की जगह पर भी कब्जा किया हुआ है। उक्त इमारत में पिछली ओर पहले नगर काउंसिल की जगह पर ट्रक यूनियन स्थित थी। वहां की काफी जगह पर भी उक्त परिवार ने अवैध कब्जा किया हुआ है। उन्होंने जगह की पूरी जांच करने की मांग उठाई।

लोगों ने संभाला मोर्चा
जानकारी के मुताबिक हादसे में सबसे पहले स्थानीय लोग पहुंचे थे। जिन्होंने तीन मजदूरों और इमारत के मालिक को पहले ही निकाल लिया था। उनकी ओर से मौके पर जेसीबी बुलाई गई और राहत कार्य शुरू किया गया।

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