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स्मार्ट सिटी का सच: 23 प्रोजेक्ट पूरे होने का दावा, हकीकत-कोई बंद तो कोई अधूरा.. कोई सिर्फ कागजों में पूरा
Mon, 19 Jul 2021 03:19 PM IST
निवेदिता वर्मा
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 19 Jul 2021 03:19 PM IST
सार
चंडीगढ़ के विभिन्न विभाग योजनाओं के तहत कुछ विशेष कार्य कर रहे हैं। इन कार्यों का फंड तो विभाग ही दे रहे हैं, लेकिन उसे स्मार्ट सिटी प्रस्तुत करेगी। इसमें नगर निगम, प्रशासन, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड, चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) और चंडीगढ़ रिन्युअल एनर्जी साइंस एंड टेक्नोलॉजी (क्रेस्ट) प्रमोशन सोसायटी की योजनाएं शामिल हैं।
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डड्डूमाजरा का डंपिंग ग्राउंड।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कन्वर्जेंस योजना के तहत चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी ने विभिन्न विभागों के 23 प्रोजेक्टों को पूरा करने का दावा किया है, लेकिन हकीकत यह है कि इनमें से एक प्रोजेक्ट का अभी टेंडर तक नहीं हुआ है जबकि दो प्रोजेक्ट अधूरे हैं। डंपिंग ग्राउंड में कचरे के निस्तारण का काम अभी चल रहा है, जबकि स्मार्ट सिटी ने इस प्रोजेक्ट को पूरा बता दिया है। वहीं, ऊर्जा दक्षता बचाने के लिए पंपों की मशीनों की क्षमता बढ़ाने वाले प्रोजेक्ट का अभी टेंडर तक नहीं हुआ है, लेकिन इस प्रोजेक्ट के पूरे होने का दावा कर दिया गया है। वहीं, सेक्टर-17 स्थित मल्टीलेवल पार्किंग को बनाकर स्मार्ट सिटी ने खूब वाहवाही लूटी लेकिन इसकी छतों से अब भी पानी टपक रहा है।
वहीं, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने अपने भवन निर्माण कार्य को कन्वर्जेंस योजना में शामिल करने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि जब पैसा हम लगा रहे हैं तो स्मार्ट सिटी उसे प्रस्तुत क्यों करेगा। इसके अलावा प्रशासन ने भी प्लाजा में अर्बन डिजाइन बनाने की योजना को बंद कर दिया है, लेकिन स्मार्ट सिटी ने दोनों योजनाओं को अपने अधूरे कार्यों की सूची में बताया है।
शहर के विभिन्न विभाग योजनाओं के तहत कुछ विशेष कार्य कर रहे हैं। इन कार्यों का फंड तो विभाग ही दे रहे हैं, लेकिन उसे स्मार्ट सिटी प्रस्तुत करेगी। इसमें नगर निगम, प्रशासन, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड, चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) और चंडीगढ़ रिन्युअल एनर्जी साइंस एंड टेक्नोलॉजी (क्रेस्ट) प्रमोशन सोसायटी की योजनाएं शामिल हैं।
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वहीं, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने अपने भवन निर्माण कार्य को कन्वर्जेंस योजना में शामिल करने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि जब पैसा हम लगा रहे हैं तो स्मार्ट सिटी उसे प्रस्तुत क्यों करेगा। इसके अलावा प्रशासन ने भी प्लाजा में अर्बन डिजाइन बनाने की योजना को बंद कर दिया है, लेकिन स्मार्ट सिटी ने दोनों योजनाओं को अपने अधूरे कार्यों की सूची में बताया है।
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शहर के विभिन्न विभाग योजनाओं के तहत कुछ विशेष कार्य कर रहे हैं। इन कार्यों का फंड तो विभाग ही दे रहे हैं, लेकिन उसे स्मार्ट सिटी प्रस्तुत करेगी। इसमें नगर निगम, प्रशासन, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड, चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) और चंडीगढ़ रिन्युअल एनर्जी साइंस एंड टेक्नोलॉजी (क्रेस्ट) प्रमोशन सोसायटी की योजनाएं शामिल हैं।
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कन्वर्जेंस योजना एक नजर में
प्रोजेक्ट की स्थिति कुल प्रोजेक्ट लागत
पूरी हुईं 23 263.47 करोड़
अधूरी योजनाएं 22 469.93 करोड़
टेंडर हो चुकी योजनाएं 1 90.70 करोड़
टेंडर होने वाला है 2 3.35 करोड़
डीपीआर तैयार हो रही है 2 240 करोड़
प्रशासन के प्रोजेक्ट
हेरिटेज - प्रशासन की ओर से कैपिटल कांप्लेक्स की मरम्मत 6.38 करोड़ में, पियरे जेनरे हाउस की मरम्मत 0.22 करोड़ और ली कार्बुजिए सेंटर की मरम्मत 0.32 करोड़ में कराई गई। इसमें हेरिटेज मानकों का ध्यान रखा गया है।
सर्विलांस कैमरा - सेक्टर-17, 22 व 35 में 20 सुरक्षा के लिहाज से पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रशासन ने 4.45 करोड़ की लागत से सर्विलांस कैमरे लगवाए हैं।
साइकिल ट्रैक- साइकिल चलाने के शौकीन लोगों और साइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने 20 करोड़ की लागत से पूरे शहर में साइकिल ट्रैक व फुटपाथ बनवाए हैं। हालांकि अभी कुछ ट्रैक की हालत काफी खराब है।
साइन बोर्ड - चौक-चौराहों पर दिशा व सेक्टरों की जानकारी के लिए प्रशासन ने 5.35 करोड़ से साइनबोर्ड लगवाए हैं।
रोज गार्डन अंडरपास- सेक्टर-17 प्लाजा व रोज गार्डन को जोड़ने के लिए 7.50 करोड़ की लागत से रोज गार्डन अंडर पास बनाया गया है। इसमें कई प्रदर्शनी भी लग चुकी हैं।
इंटरसेक्शन का फिर से निर्माण - साइकिल ट्रैक से चौराहों को जोड़ने के लिए 7 करोड़ की लागत से 6-6 फीट चौड़ाई बढ़ाई गई है ताकि साइकिल सवारों को समस्या न हो।
ई-चार्जिंग- पेट्रोल व डीजल गाड़ियों को कम करने के लिए सुखना लेक सहित कई जगहों पर 2 करोड़ रुपये की लागत से ई-चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं।
नगर निगम के प्रोजेक्ट
टीटी वाटर लाइन -सेक्टर-7, 23, 24 में टर्सरी वाटर के लिए 0.82 करोड़ से पाइप लाइन डाली गई है।
एलईडी स्ट्रीट लाइट- शहर की सभी लाइटों को बदलकर 55 करोड़ की लागत से एलईडी लाइटें लगवाई गई हैं। ऊर्जा बचाने के लिए इस साल चंडीगढ़ को प्रथम स्थान मिला है।
कचरा निस्तारण प्लांट - इंडस्ट्रियल एरिया फेज एक में 0.98 करोड़ से एक छोटा कचरा निस्तारण प्लांट लगाया गया है।
एसटीपी- मलोया में 32.69 करोड़ से 5 एमजीडी की क्षमता वाला एसटीपी बनाया गया है। इससे पानी में बीओडी 5 से भी कम रहेगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम - पीजीआई के साथ स्ट्रीट वेंडरों व अन्य 600 लोगों को 16 लाख रुपये से प्रशिक्षित किया गया।
क्रेस्ट के प्रोजेक्ट
सोलर प्लांट - 12.80 करोड़ की लागत से सेक्टर-39 में वाटर वर्क्स में 2 हजार किलोवाट, 5.15 करोड़ की लागत से सेक्टर-37 वाटर वर्क्स में 100 किलोवाट, 5.60 करोड़ की लागत से सेक्टर-52 वाटर वर्क्स में 1 हजार किलोवाट, 5.83 करोड़ की लागत से सेक्टर-32 वाटर वर्क्स में 1250 किलोवाट और 4.40 करोड़ से सेक्टर-26 वाटर वर्क्स में 1 हजार किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया जा चुका है, जो संचालित भी हो रहा है। इसके अलावा 10 करोड़ की लागत से ग्रिड कनेक्टेड पीवी हाइब्रिड सिस्टम के तहत सभी सरकारी इमारतों पर सोलर सिस्टम लगाया गया है।
पूरी हुईं 23 263.47 करोड़
अधूरी योजनाएं 22 469.93 करोड़
टेंडर हो चुकी योजनाएं 1 90.70 करोड़
टेंडर होने वाला है 2 3.35 करोड़
डीपीआर तैयार हो रही है 2 240 करोड़
प्रशासन के प्रोजेक्ट
हेरिटेज - प्रशासन की ओर से कैपिटल कांप्लेक्स की मरम्मत 6.38 करोड़ में, पियरे जेनरे हाउस की मरम्मत 0.22 करोड़ और ली कार्बुजिए सेंटर की मरम्मत 0.32 करोड़ में कराई गई। इसमें हेरिटेज मानकों का ध्यान रखा गया है।
सर्विलांस कैमरा - सेक्टर-17, 22 व 35 में 20 सुरक्षा के लिहाज से पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रशासन ने 4.45 करोड़ की लागत से सर्विलांस कैमरे लगवाए हैं।
साइकिल ट्रैक- साइकिल चलाने के शौकीन लोगों और साइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने 20 करोड़ की लागत से पूरे शहर में साइकिल ट्रैक व फुटपाथ बनवाए हैं। हालांकि अभी कुछ ट्रैक की हालत काफी खराब है।
साइन बोर्ड - चौक-चौराहों पर दिशा व सेक्टरों की जानकारी के लिए प्रशासन ने 5.35 करोड़ से साइनबोर्ड लगवाए हैं।
रोज गार्डन अंडरपास- सेक्टर-17 प्लाजा व रोज गार्डन को जोड़ने के लिए 7.50 करोड़ की लागत से रोज गार्डन अंडर पास बनाया गया है। इसमें कई प्रदर्शनी भी लग चुकी हैं।
इंटरसेक्शन का फिर से निर्माण - साइकिल ट्रैक से चौराहों को जोड़ने के लिए 7 करोड़ की लागत से 6-6 फीट चौड़ाई बढ़ाई गई है ताकि साइकिल सवारों को समस्या न हो।
ई-चार्जिंग- पेट्रोल व डीजल गाड़ियों को कम करने के लिए सुखना लेक सहित कई जगहों पर 2 करोड़ रुपये की लागत से ई-चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं।
नगर निगम के प्रोजेक्ट
टीटी वाटर लाइन -सेक्टर-7, 23, 24 में टर्सरी वाटर के लिए 0.82 करोड़ से पाइप लाइन डाली गई है।
एलईडी स्ट्रीट लाइट- शहर की सभी लाइटों को बदलकर 55 करोड़ की लागत से एलईडी लाइटें लगवाई गई हैं। ऊर्जा बचाने के लिए इस साल चंडीगढ़ को प्रथम स्थान मिला है।
कचरा निस्तारण प्लांट - इंडस्ट्रियल एरिया फेज एक में 0.98 करोड़ से एक छोटा कचरा निस्तारण प्लांट लगाया गया है।
एसटीपी- मलोया में 32.69 करोड़ से 5 एमजीडी की क्षमता वाला एसटीपी बनाया गया है। इससे पानी में बीओडी 5 से भी कम रहेगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम - पीजीआई के साथ स्ट्रीट वेंडरों व अन्य 600 लोगों को 16 लाख रुपये से प्रशिक्षित किया गया।
क्रेस्ट के प्रोजेक्ट
सोलर प्लांट - 12.80 करोड़ की लागत से सेक्टर-39 में वाटर वर्क्स में 2 हजार किलोवाट, 5.15 करोड़ की लागत से सेक्टर-37 वाटर वर्क्स में 100 किलोवाट, 5.60 करोड़ की लागत से सेक्टर-52 वाटर वर्क्स में 1 हजार किलोवाट, 5.83 करोड़ की लागत से सेक्टर-32 वाटर वर्क्स में 1250 किलोवाट और 4.40 करोड़ से सेक्टर-26 वाटर वर्क्स में 1 हजार किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया जा चुका है, जो संचालित भी हो रहा है। इसके अलावा 10 करोड़ की लागत से ग्रिड कनेक्टेड पीवी हाइब्रिड सिस्टम के तहत सभी सरकारी इमारतों पर सोलर सिस्टम लगाया गया है।
यह प्रोजेक्ट अभी अधर में
प्रोजेक्ट : अंडरग्राउंड केबलिंग
शुरू हुआ : वर्ष 2019
पूरा होने का अनुमानित समय - दिसंबर 2021
लागत - 17.35 करोड़
(सेक्टर-8 से केबल को अंडरग्राउंड करने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू हुआ। अब इस प्रोजेक्ट को पूरे शहर में लागू करने की योजना है)
प्रोजेक्ट : फुटबॉल स्टेडियम
शुरू हुआ : वर्ष 2019
पूरा होने का अनुमानित समय : दिसंबर 2021
लागत : 10.50 करोड़
(नीलम सिनेमा के पास बने अर्बन पार्क में फुटबॉल के लिए खेल का मैदान तैयार हो रहा है)
प्रोजेक्ट : स्मार्ट मीटर
शुरू हुआ : वर्ष 2019
पूरा होने का अनुमानित समय : दिसंबर 2021
लागत : 28.58 करोड़
(योजना के अंतर्गत 29 हजार मीटर लगने हैं। यह प्रोजेक्ट 2016 में शुरू होना था, लेकिन तीन साल देरी से शुरू हुआ)
प्रोजेक्ट : नया सचिवालय
शुरू हुआ : वर्ष 2019
पूरा होने का अनुमानित समय : दिसंबर 2022
लागत : 49.70 करोड़
(नए सचिवालय में नई सुविधाओं के साथ अधिकारियों व लोगों को सहूलियत मिलेगी)
प्रोजेक्ट : प्लाजा में शहर का नक्शा
शुरू हुआ : वर्ष 2019
पूरा होने का अनुमानित समय : दिसंबर 2021
लागत : 1.30 करोड़
(सेक्टर-17 प्लाजा में जमीन पर आकर्षक तरीके से शहर का नक्शा बनाया जा रहा है)
प्रोजेक्ट : सेक्टर-17 में हेरिटेज भवनों की मरम्मत का काम
शुरू हुआ : वर्ष 2019
पूरा होने का अनुमानित समय : दिसंबर 2021
लागत : 2.73 करोड़
(योजना के अंतर्गत हेरिटेज भवनों को उनके पुराने स्वरूप में लौटाने के साथ मरम्मत कार्य किया जा रहा है। इसमें प्लाजा को एक रूप देना, 30 बेस, 17 बेस, टाउन हॉल, अतिरिक्त टाउन हॉल, केंद्रीय पुस्तकालय के मरम्मत का कार्य शामिल है)
प्रोजेक्ट : एसटीपी निर्माण
शुरू हुआ : वर्ष 2021
पूरा होने का अनुमानित समय : अक्तूबर 2021
लागत : 19.90 करोड़
प्रोजेक्ट : साइकिल ट्रैक पर लाइटिंग
शुरू हुआ : दिसंबर 2020
पूरा होने का अनुमानित समय : 15 सितंबर 2021
लागत : 8.60 करोड़
(साइकिल ट्रैक पर रात के समय लोगों को काफी समस्या होती है। इस योजना के बाद लोगों को समस्या नहीं होगी)
प्रोजेक्ट : गांव में कनाल वाटर
शुरू हुआ : जुलाई 2020
पूरा होने का अनुमानित समय : 15 अगस्त 2021
लागत : 17 करोड़
क्रेस्ट की योजनाएं
प्रोजेक्ट : सोलर प्लांट
शुरू हुआ : वर्ष 2019
पूरा होने का अनुमानित समय : जुलाई व अगस्त 2021
लागत : 05.71 करोड़
(सेक्टर-43 आईएसबीटी में 500 किलोवाट, सेक्टर-19, 7, 23 में सरकारी मकानों पर लगे सोलर सिस्टम अगस्त में शुरू हो जाएंगे। वहीं, सिटको की बिल्डिंग पर लगाया गया सोलर प्लांट जुलाई अंत में शुरू हो जाएगा। सेक्टर-50 के कॉमर्स कॉलेज की पार्किंग में सोलर प्लांट के लिए वर्क ऑर्डर दिया गया है। छह माह में इस काम को पूरा करा दिया जाएगा।)
निगम की योजनाएं
प्रोजेक्ट : 66 केवी का सब स्टेशन
शुरू हुआ : दिसंबर 2018
पूरा होने का अनुमानित समय : जुलाई 2021
लागत : 11.23 करोड़
(सब स्टेशन की क्षमता बढ़ने से पानी को पंप करने में आ रही समस्याएं खत्म होंगी। प्रेशर की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा।)
प्रोजेक्ट : डार्क स्पॉट
शुरू हुआ : जून 2021
पूरा होने का अनुमानित समय : जुलाई 2021
लागत : 21.01 करोड़
(रात के समय लोगों को सुविधा मिलेगी। कंपनी के कारण तीन साल देरी से शुरू हुआ काम।)
प्रोजेक्ट : निगम की बिल्डिंग का निर्माण
शुरू हुआ : जून 2020
पूरा होने का अनुमानित समय : दिसंबर 2021
लागत : 21.01 करोड़
(निगम की बिल्डिंग का कायाकल्प हुआ।)
शुरू हुआ : वर्ष 2019
पूरा होने का अनुमानित समय - दिसंबर 2021
लागत - 17.35 करोड़
(सेक्टर-8 से केबल को अंडरग्राउंड करने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू हुआ। अब इस प्रोजेक्ट को पूरे शहर में लागू करने की योजना है)
प्रोजेक्ट : फुटबॉल स्टेडियम
शुरू हुआ : वर्ष 2019
पूरा होने का अनुमानित समय : दिसंबर 2021
लागत : 10.50 करोड़
(नीलम सिनेमा के पास बने अर्बन पार्क में फुटबॉल के लिए खेल का मैदान तैयार हो रहा है)
प्रोजेक्ट : स्मार्ट मीटर
शुरू हुआ : वर्ष 2019
पूरा होने का अनुमानित समय : दिसंबर 2021
लागत : 28.58 करोड़
(योजना के अंतर्गत 29 हजार मीटर लगने हैं। यह प्रोजेक्ट 2016 में शुरू होना था, लेकिन तीन साल देरी से शुरू हुआ)
प्रोजेक्ट : नया सचिवालय
शुरू हुआ : वर्ष 2019
पूरा होने का अनुमानित समय : दिसंबर 2022
लागत : 49.70 करोड़
(नए सचिवालय में नई सुविधाओं के साथ अधिकारियों व लोगों को सहूलियत मिलेगी)
प्रोजेक्ट : प्लाजा में शहर का नक्शा
शुरू हुआ : वर्ष 2019
पूरा होने का अनुमानित समय : दिसंबर 2021
लागत : 1.30 करोड़
(सेक्टर-17 प्लाजा में जमीन पर आकर्षक तरीके से शहर का नक्शा बनाया जा रहा है)
प्रोजेक्ट : सेक्टर-17 में हेरिटेज भवनों की मरम्मत का काम
शुरू हुआ : वर्ष 2019
पूरा होने का अनुमानित समय : दिसंबर 2021
लागत : 2.73 करोड़
(योजना के अंतर्गत हेरिटेज भवनों को उनके पुराने स्वरूप में लौटाने के साथ मरम्मत कार्य किया जा रहा है। इसमें प्लाजा को एक रूप देना, 30 बेस, 17 बेस, टाउन हॉल, अतिरिक्त टाउन हॉल, केंद्रीय पुस्तकालय के मरम्मत का कार्य शामिल है)
प्रोजेक्ट : एसटीपी निर्माण
शुरू हुआ : वर्ष 2021
पूरा होने का अनुमानित समय : अक्तूबर 2021
लागत : 19.90 करोड़
प्रोजेक्ट : साइकिल ट्रैक पर लाइटिंग
शुरू हुआ : दिसंबर 2020
पूरा होने का अनुमानित समय : 15 सितंबर 2021
लागत : 8.60 करोड़
(साइकिल ट्रैक पर रात के समय लोगों को काफी समस्या होती है। इस योजना के बाद लोगों को समस्या नहीं होगी)
प्रोजेक्ट : गांव में कनाल वाटर
शुरू हुआ : जुलाई 2020
पूरा होने का अनुमानित समय : 15 अगस्त 2021
लागत : 17 करोड़
क्रेस्ट की योजनाएं
प्रोजेक्ट : सोलर प्लांट
शुरू हुआ : वर्ष 2019
पूरा होने का अनुमानित समय : जुलाई व अगस्त 2021
लागत : 05.71 करोड़
(सेक्टर-43 आईएसबीटी में 500 किलोवाट, सेक्टर-19, 7, 23 में सरकारी मकानों पर लगे सोलर सिस्टम अगस्त में शुरू हो जाएंगे। वहीं, सिटको की बिल्डिंग पर लगाया गया सोलर प्लांट जुलाई अंत में शुरू हो जाएगा। सेक्टर-50 के कॉमर्स कॉलेज की पार्किंग में सोलर प्लांट के लिए वर्क ऑर्डर दिया गया है। छह माह में इस काम को पूरा करा दिया जाएगा।)
निगम की योजनाएं
प्रोजेक्ट : 66 केवी का सब स्टेशन
शुरू हुआ : दिसंबर 2018
पूरा होने का अनुमानित समय : जुलाई 2021
लागत : 11.23 करोड़
(सब स्टेशन की क्षमता बढ़ने से पानी को पंप करने में आ रही समस्याएं खत्म होंगी। प्रेशर की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा।)
प्रोजेक्ट : डार्क स्पॉट
शुरू हुआ : जून 2021
पूरा होने का अनुमानित समय : जुलाई 2021
लागत : 21.01 करोड़
(रात के समय लोगों को सुविधा मिलेगी। कंपनी के कारण तीन साल देरी से शुरू हुआ काम।)
प्रोजेक्ट : निगम की बिल्डिंग का निर्माण
शुरू हुआ : जून 2020
पूरा होने का अनुमानित समय : दिसंबर 2021
लागत : 21.01 करोड़
(निगम की बिल्डिंग का कायाकल्प हुआ।)
सीटीयू की योजनाएं
प्रोजेक्ट : इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम
शुरू हुआ : 2019
पूरा होने का अनुमानित समय : जुलाई 2021
लागत : 41.31 करोड़
(बसों में जीपीएस लगेंगे। बस स्टॉप पर डिजिटल डिस्प्ले होंगे। आईएसबीटी 43 पर इसका कंट्रोल सेंटर बनेगा।)
प्रोजेक्ट : इलेक्ट्रिक बसें
शुरू हुआ : जनवरी 2020
पूरा होने का अनुमानित समय : अक्तूबर 2021
लागत : 150 करोड़
(शहर के प्रदूषण को कम करने के लिए आएंगी 40 इलेक्ट्रिक बसें।)
इस प्रोजेक्ट का हो चुका है टेंडर
प्रोजेक्ट : गांव के विकास कार्य
शुरू हुआ : जून 2021
पूरा होने का अनुमानित समय : मई 2022
लागत : 90.17 करोड़
(निगम में शामिल 13 गांव में बिजली, पानी, सीवर, सड़क के लिए निगम कराएगा विकास कार्य।)
इस प्रोजेक्ट का होना है टेंडर
प्रोजेक्ट : सोलर प्लांट
विभाग : क्रेस्ट
स्थान : सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-26 व सेक्टर-20 के सरकारी घरों की छत पर
लागत : 3.35 करोड़
इन योजनाओं की बननी है डीपीआर
प्रोजेक्ट : सोलर प्लांट
विभाग : क्रेस्ट
स्थान : सेक्टर-39 वाटर वर्क्स के वाटर टैंक पर
लागत : 240 करोड़
शुरू हुआ : 2019
पूरा होने का अनुमानित समय : जुलाई 2021
लागत : 41.31 करोड़
(बसों में जीपीएस लगेंगे। बस स्टॉप पर डिजिटल डिस्प्ले होंगे। आईएसबीटी 43 पर इसका कंट्रोल सेंटर बनेगा।)
प्रोजेक्ट : इलेक्ट्रिक बसें
शुरू हुआ : जनवरी 2020
पूरा होने का अनुमानित समय : अक्तूबर 2021
लागत : 150 करोड़
(शहर के प्रदूषण को कम करने के लिए आएंगी 40 इलेक्ट्रिक बसें।)
इस प्रोजेक्ट का हो चुका है टेंडर
प्रोजेक्ट : गांव के विकास कार्य
शुरू हुआ : जून 2021
पूरा होने का अनुमानित समय : मई 2022
लागत : 90.17 करोड़
(निगम में शामिल 13 गांव में बिजली, पानी, सीवर, सड़क के लिए निगम कराएगा विकास कार्य।)
इस प्रोजेक्ट का होना है टेंडर
प्रोजेक्ट : सोलर प्लांट
विभाग : क्रेस्ट
स्थान : सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-26 व सेक्टर-20 के सरकारी घरों की छत पर
लागत : 3.35 करोड़
इन योजनाओं की बननी है डीपीआर
प्रोजेक्ट : सोलर प्लांट
विभाग : क्रेस्ट
स्थान : सेक्टर-39 वाटर वर्क्स के वाटर टैंक पर
लागत : 240 करोड़
क्या कहते हैं अधिकारी
कन्वर्जेंस योजना के लिए विभिन्न विभागों के साथ समय-समय पर बैठक करते हैं। किसी योजना का समय बढ़ना है तो उसकी भी रूपरेखा बनाते हैं। हमारा उद्देश्य रहता है कि तालमेल से काम पूरे हो। -केके यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी
हमारा उद्देश्य है कि समय से काम पूरा करा दिया जाए। वैसे निगम की ज्यादातर योजनाएं पूरी हो चुकी है। गांव के कार्यों पर फिलहाल विशेष ध्यान है। - एनपी शर्मा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
ज्यादातर प्रोजेक्टों काम समय पर चल रहा है। कोरोना काल में कुछ काम प्रभावित हुए, लेकिन अब लोगों की सहूलियत के अनुसार भी काम करवा रहे हैं। -सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, प्रशासन
इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम का काम लगभग पूरा हो चुका है। आईएसबीटी-43 पर कंट्रोल सेंटर बन रहा है, जिसके लिए 31 जुलाई तक की समय सीमा निर्धारित की गई है। -उमाशंकर गुप्ता, निदेशक परिवहन विभाग
हमारे कार्यों की समय सीमा छह माह होती है। योजनाओं के अनुसार कर्मचारी कम हैं। इस दौरान मशीनों को देखने बाहर भी जाना होता है। योजनाओं को पूरा होने में एक साल लगेगा। -देवेंद्र दलाई, प्रभारी, क्रेस्ट
देश के सबसे बड़े प्रोजेक्ट चंडीगढ़ में चल रहे हैं। सर्विलांस कैमरों की निगरानी शहर की सुरक्षा बढ़ाएगी तो इलेक्ट्रिक बसें प्रदूषण को रोकेंगी। एसटीपी से हम उपयोग हो चुके पानी को भी फिर से उपयोग योग्य बना सकेंगे। कोरोना काल को निकाल दिया जाए तो किसी योजना में कोई देरी नहीं हुई है। -अरुण सूद, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
सिटी ब्यूटीफुल को स्मार्ट सिटी के नाम पर बेकार कर दिया है। बस क्यू शेल्टर जिन पर कोई रुपया नहीं लगना है, उसे भी ठीक नहीं कर सके हैं। 2014 में स्मार्ट सिटी की घोषणा हुई, अब तक योजना पूरी हो जानी चाहिए थीं, लेकिन अभी टेंडर हो रहे हैं। स्मार्ट सिटी के नाम पर केवल टैक्स का बोझ दिया गया है। -सुभाष चावला, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
हमारा उद्देश्य है कि समय से काम पूरा करा दिया जाए। वैसे निगम की ज्यादातर योजनाएं पूरी हो चुकी है। गांव के कार्यों पर फिलहाल विशेष ध्यान है। - एनपी शर्मा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
ज्यादातर प्रोजेक्टों काम समय पर चल रहा है। कोरोना काल में कुछ काम प्रभावित हुए, लेकिन अब लोगों की सहूलियत के अनुसार भी काम करवा रहे हैं। -सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, प्रशासन
इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम का काम लगभग पूरा हो चुका है। आईएसबीटी-43 पर कंट्रोल सेंटर बन रहा है, जिसके लिए 31 जुलाई तक की समय सीमा निर्धारित की गई है। -उमाशंकर गुप्ता, निदेशक परिवहन विभाग
हमारे कार्यों की समय सीमा छह माह होती है। योजनाओं के अनुसार कर्मचारी कम हैं। इस दौरान मशीनों को देखने बाहर भी जाना होता है। योजनाओं को पूरा होने में एक साल लगेगा। -देवेंद्र दलाई, प्रभारी, क्रेस्ट
देश के सबसे बड़े प्रोजेक्ट चंडीगढ़ में चल रहे हैं। सर्विलांस कैमरों की निगरानी शहर की सुरक्षा बढ़ाएगी तो इलेक्ट्रिक बसें प्रदूषण को रोकेंगी। एसटीपी से हम उपयोग हो चुके पानी को भी फिर से उपयोग योग्य बना सकेंगे। कोरोना काल को निकाल दिया जाए तो किसी योजना में कोई देरी नहीं हुई है। -अरुण सूद, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
सिटी ब्यूटीफुल को स्मार्ट सिटी के नाम पर बेकार कर दिया है। बस क्यू शेल्टर जिन पर कोई रुपया नहीं लगना है, उसे भी ठीक नहीं कर सके हैं। 2014 में स्मार्ट सिटी की घोषणा हुई, अब तक योजना पूरी हो जानी चाहिए थीं, लेकिन अभी टेंडर हो रहे हैं। स्मार्ट सिटी के नाम पर केवल टैक्स का बोझ दिया गया है। -सुभाष चावला, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस