चंडीगढ़: खेल की बदौलत देश-दुनिया में धाक जमा रहे खिलाड़ी, ओलंपिक तक बज रहा प्रतिभा का डंका
चंडीगढ़ के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहरा चुके हैं। चाहे मिल्खा सिंह हो या क्रिकेटर हरलीन देयोल, सिटी के खिलाड़ी शहर का नाम रोशन कर रहे हैं।
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चंडीगढ़ को अपने उन खिलाड़ियों पर गर्व है, जिन्होंने अपनी मेहनत के दम पर शहर और देश का नाम रोशन किया। साथ ही ये विदेशी मैदान पर भी धाक जमा रहे हैं। इन दिग्गज खिलाड़ियों की राह पर युवा खिलाड़ी भी चल पड़े हैं जो विभिन्न खेलों में कड़ी मेहनत के जरिए स्टेट, नेशनल के साथ ओलंपिक में परचम लहराने में जुटे हैं।
हरलीन देयोल
हरलीन ने शहर के सेक्टर- 36 स्थित क्रिकेट अकादमी में ट्रेनिंग ली और कड़ी मेहनत के दम पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम में ऑलराउंडर की जगह बनाई। हरलीन देयोल ने कुछ दिन पहले इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 मुकाबले में हवा में उछलकर एक ऐसा कैच लपका कि सचिन तेंदुलकर ने भी उनकी जमकर तारीफ की।
चाहत अरोड़ा
पंजाब यूनिवर्सिटी के पूल से तैराकी की शुरुआत करने के बाद चाहत ने कड़ी मेहनत की और आज देश की 10 टॉप महिला तैराकों की सूची में शुमार हैं। देश और विदेशों में अंतरराष्ट्रीय तैराकी चैपियनशिप में हिस्सा लेते हुए कई रिकॉर्ड बनाए और मेडल जीत रही हैं।
अंजुम मोदगिल
मां शुभ मोदगिल से निशानेबाजी के गुर सीखने के बाद सेक्टर- 25 स्थित शूटिंग रेंज में कड़ा अभ्यास करते हुए अंजुम आज देश की टॉप- 5 महिला शूटिंग खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गई हैं। मौजूदा समय में वह ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए जापान में अभ्यास कर रही हैं।
यशस्विनी देशवाल
डीएवी कॉलेज सेक्टर- 10 की छात्रा ने इसी कॉलेज के कोच से शूटिंग की शुरुआती ट्रेनिंग लेने के बाद पहले स्टेट, नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर अपनी पहचान बनाई। पंचकूला में रहने वाले यशस्विनी देशवाल के पिता एसएस देशवाल आईटीबीपी में डीजीपी के पद पर तैनात हैं। यशस्विनी मौजूदा समय में टोक्यो ओलंपिक में शूटिंग चैंपियनशिप में हिस्सा ले रही हैं।
अर्शदीप सिंह
अर्शदीप ने सेक्टर- 36 स्थित जीएनपीएस क्रिकेट अकादमी से क्रिकेट की शुरुआत की। क्रिकेटर बनने के लिए घंटों अकादमी में कड़ी ट्रेनिंग की। इसका फल भी मिला। अंडर- 19 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रहे। मौजूदा समय में भारतीय क्रिकेट टीम के साथ श्रीलंका के दौरे पर हैं। अर्शदीप सिंह आईपीएल में किंग्स पंजाब टीम के लिए खेलते हैं।
सीनियर खिलाड़ियों की राह पर जूनियर
चंडीगढ़ से भारतीय शूटिंग की बहुत सारी प्रतिभाएं उभर कर सामने आ रही हैं। सीनियर खिलाड़ी अंजुम मोदगिल, अर्जुन बबूता के बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए जूनियर खिलाड़ी अंगदवीर और उदयवीर आदि खिलाड़ी उनकी राह पर आगे बढ़ रहे हैं। सेक्टर- 25 स्थित शूटिंग रेंज में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर मिलने के बाद आने वाले दिनों में शहर में और प्रतिभाएं उभरकर सामने आएंगी। - दिलीप सिंह चंदेल, भारतीय शूटिंग टीम के पूर्व सीनियर कोच
यहां खेलों के लिए भरपूर संसाधन
शहर में सभी खेलों का बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर है। यूटी खेल विभाग के अपने खिलाड़ियों के लिए स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाए हुए हैं। इसके साथ ही विभाग शहर के स्कूलों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल सेंटर बनाए जा रहे हैं। यह सेंटर इनडोर हैं। जहां पर एक ही छत के नीचे कई खेल हो सकेंगे। -गुरचरण सिंह, तैराकी के सीनियर कोच
इन खिलाड़ियों से भी है चंडीगढ़ की पहचान
वेटरन एथलीट 105 वर्ष की बीबी मान कौर और एथलेटिक्स में स्वर्गीय मिल्खा सिंह जिन्हें उड़न सिख का नाम भी मिला चंडीगढ़ के हैं। स्वर्गीय बलबीर सिंह सीनियर कप्तान के तौर पर तीन बार ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम को गोल्ड मेडल दिला चुके हैं। क्रिकेट में कपिल देव, योगराज सिंह और उनके बेटे युवराज सिंह, दिनेश मोंगिया, चेतन शर्मा हैं। इसी तरह आईपीएल खेलने वाले मनन वोहरा, तानिया भाटिया, काश्वी गौतम का नाम शामिल हैं। गोल्फ में पद्मश्री जीव मिल्खा सिंह, युवा गोल्फर आदिल बेदी, करणदीप कोचर, शुभांकर शर्मा हैं। चेस के इंटरनेशनल खिलाड़ी हिमल गोसांई, श्वेता, स्नूकर एवं बिलियर्ड्स के युवा स्टार खिलाड़ी रणवीर दुग्गल, फुटबॉल में संदेश झिंगन, साइक्लिंग में अभिषेक और स्केटिंग में जाहन्वी जिंदल चंडीगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं।