{"_id":"5fea44638ebc3e3c926620fc","slug":"many-companies-came-forward-to-run-electric-buses-in-the-city-chandigarh-news-pkl398781050","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए कई कंपनियां आईं आगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए कई कंपनियां आईं आगे
विज्ञापन
चंडीगढ़। शहर में इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए कई कंपनियों ने आवेदन किया है। बुधवार को टेंडर की बिड खोली जाएगी। इसके बाद प्रशासन का परिवहन विभाग बोली के अनुसार कंपनी तय करेगा। प्रशासन ने कंपनियों को आवेदन के लिए 30 दिसंबर तक का समय दिया है।
प्रशासन की ओर से जो भी कंपनी चुनी जाएगी, वह शहर में किलोमीटर के अनुसार इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करेगी। केंद्र सरकार ने सितंबर माह में चंडीगढ़ को 80 इलेक्ट्रिक बसें देने की घोषणा की थी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी फेम इंडिया स्कीम फेज-दो के तहत चंडीगढ़ को ई-बसें देने की घोषणा की थी।
टेंडर के शर्तों के अनुसार, चयनित कंपनी की ओर से बस चार्जिंग स्टेशन भी तैयार किया जाएगा। प्रशासन को केंद्र से इन बसों को चलाने के लिए सब्सिडी मिलेगी। यही कारण है कि नीति आयोग के मॉडल कन्सेशन एग्रीमेंट का पालन किया गया है, जिसे रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल के साथ भी लगाया गया है। प्रशासन द्वारा तय नियमों के तहत प्रत्येक बस चलने की क्षमता न्यूनतम वार्षिक 64195 किमी होनी चाहिए।
विज्ञापन
बता दें कि पहले प्रशासन ने मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्रीज एंड पब्लिक इंटरप्राइजेज से इलेक्ट्रिक बसों के लिए फंडिंग करने की मांग की थी, लेकिन मंत्रालय ने प्रशासन को इसके लिए राशि देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद ही यूटी ने खुद ही 40 बसें चलाने का फैसला लिया था। इस प्रोजेक्ट को प्रशासक ने ही वर्ष 2016 नवंबर माह में हरी झंडी दी थी लेकिन कोरोना की वजह से हुए घाटे के बाद प्रशासन ने खुद चलाने से इंकार कर दिया था।
विज्ञापन
प्रशासन की ओर से जो भी कंपनी चुनी जाएगी, वह शहर में किलोमीटर के अनुसार इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करेगी। केंद्र सरकार ने सितंबर माह में चंडीगढ़ को 80 इलेक्ट्रिक बसें देने की घोषणा की थी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी फेम इंडिया स्कीम फेज-दो के तहत चंडीगढ़ को ई-बसें देने की घोषणा की थी।
विज्ञापन
टेंडर के शर्तों के अनुसार, चयनित कंपनी की ओर से बस चार्जिंग स्टेशन भी तैयार किया जाएगा। प्रशासन को केंद्र से इन बसों को चलाने के लिए सब्सिडी मिलेगी। यही कारण है कि नीति आयोग के मॉडल कन्सेशन एग्रीमेंट का पालन किया गया है, जिसे रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल के साथ भी लगाया गया है। प्रशासन द्वारा तय नियमों के तहत प्रत्येक बस चलने की क्षमता न्यूनतम वार्षिक 64195 किमी होनी चाहिए।
विज्ञापन
बता दें कि पहले प्रशासन ने मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्रीज एंड पब्लिक इंटरप्राइजेज से इलेक्ट्रिक बसों के लिए फंडिंग करने की मांग की थी, लेकिन मंत्रालय ने प्रशासन को इसके लिए राशि देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद ही यूटी ने खुद ही 40 बसें चलाने का फैसला लिया था। इस प्रोजेक्ट को प्रशासक ने ही वर्ष 2016 नवंबर माह में हरी झंडी दी थी लेकिन कोरोना की वजह से हुए घाटे के बाद प्रशासन ने खुद चलाने से इंकार कर दिया था।