Punjab: पंजाब में खूब चले पटाखे, CPCB का दावा- खराब श्रेणी में रहा AQI, सरकार बोली- कम हुआ प्रदूषण
सीपीसीबी के अनुसार शून्य से 50 के बीच एक्यूआई के स्तर को ‘अच्छा’ और 51-100 के बीच को ‘संतोषजनक’ माना जाता है। इसके बाद 101-200 तक ‘मध्यम’, 201-300 तक ‘खराब’, 301-400 तक ‘बहुत खराब’ और 401-500 तक ‘गंभीर’ माना जाता है।
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दिवाली के मौके पर पंजाब में सभी स्थानों पर देर रात तक पटाखों की आवाज सुनाई देती रही। वहीं हवा में प्रदूषण की मात्रा भी सारी हदें पार कर गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने आंकड़े जारी कर पंजाब के शहरों में वायु प्रदूषण को खराब आंका जबकि प्रदेश के पर्यावरण मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने दावा किया है कि राज्य में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में बीते साल के मुकाबले 16.4 फीसदी और 2020 के मुकाबले 31.7 फीसदी की कमी देखी गई है।
सीपीसीबी की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अमृतसर, मंडी गोबिंदगढ़, पटियाला, जालंधर और खन्ना में एक्यूआई का स्तर क्रमश: 249, 208, 225, 260 और 212 दर्ज किया गया, जोकि खराब श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने दिवाली पर पटाखे चलाने के लिए रात 8 से रात 10 बजे तक दो घंटे का समय दिया था। हालांकि लोगों ने इस हिदायत की परवाह न करते हुए देर रात तक पटाखे चलाए और आतिशबाजी की। इस दौरान राज्य से सभी शहरों और कस्बों में एक्यूआई का स्तर 8 से रात 11 बजे तक 300 का आंकड़ा पार कर गया। हालांकि इसके बाद रात दो बजे तक इसमें कमी आई लेकिन हवा में घुला जहर 200 के आंकड़े से नीचे नहीं उतरा।
बीते सालों के मुकाबले कम रहा प्रदूषण: मीत हेयर
इस बीच, पंजाब के पर्यावरण मंत्री मीत हेयर ने कहा है कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लगातार कोशिशों और मुख्यमंत्री भगवंत मान की अपील के चलते इस साल दिवाली के दिन बीते सालों के मुकाबले वायु की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि पिछले साल और 2020 में कोई भी शहर एक्यूआई की मध्यम श्रेणी में नहीं रहा, जबकि इस साल दो शहर (खन्ना और मंडी गोबिंदगढ़) एक्यूआई की मध्यम श्रेणी में रहे हैं। 6 बड़े शहरों में पिछले साल दिवाली के दिनों (2020 और 2021) के मुकाबले इस साल दिवाली के दौरान एक्यूआई में बड़ी कमी देखने को मिली है।
दिवाली के अवसर पर पंजाब का औसत एक्यूआई 2021 में 268 (खराब) और 2020 में 328 (बहुत खराब) के मुकाबले इस साल 224 (खराब) रहा। इस साल अमृतसर में एक्यूआई 262 के साथ खराब दर्ज किया गया। हालांकि पिछले साल अधिकतम एक्यूआई 327 (बहुत खराब) जालंधर में दर्ज किया गया था और 2020 में अधिकतम एक्यूआई स्तर 386 (बहुत खराब) अमृतसर में देखा गया था। इस साल न्यूनतम एक्यूआई मंडी गोबिंदगढ़ में 188 (मध्यम) दर्ज किया गया, जोकि पिछले साल 220 (खराब) और 2020 में 262 (खराब) दर्ज किया गया था।
पिछले साल दो शहरों (अमृतसर और जालंधर) का एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में रहा, जबकि 2020 में चार शहरों अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और पटियाला का एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में रहा। इस साल कोई भी शहर एक्यूआई की बहुत खराब श्रेणी में नहीं रहा। इस साल एक्यूआई में सबसे अधिक कमी जालंधर (31.2 प्रतिशत) और सबसे कम कमी पटियाला (7.0 प्रतिशत) में देखी गई।
सीएएक्यूएमएस के जरिये रखी प्रदूषण पर नजर
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन प्रो. आदर्श पॉल विग ने दिवाली त्योहार के मौके पर ग्रीन पटाखों का प्रयोग करने और पटाखे चलाने संबंधी तय समय की एडवाइजरी का पालन करने के लिए पंजाब के लोगों का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि इसी के फलस्वरूप बीते साल और 2020 के मुकाबले इस साल वायु की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। बोर्ड के सदस्य सचिव करुनेश गर्ग ने कहा कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पंजाब के 6 शहरों अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, खन्ना, मंडी गोबिंदगढ़ और पटियाला में स्थापित निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (सीएएक्यूएमएस) के जरिये प्रदूषण पर सतत नजर रखी है।
100 तक संतोषजनक है एक्यूआई
सीपीसीबी के अनुसार शून्य से 50 के बीच एक्यूआई के स्तर को ‘अच्छा’ और 51-100 के बीच को ‘संतोषजनक’ माना जाता है। इसके बाद 101-200 तक ‘मध्यम’, 201-300 तक ‘खराब’, 301-400 तक ‘बहुत खराब’ और 401-500 तक ‘गंभीर’ माना जाता है।