फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   many animals and birds died in harike wetland due to poisonic sheera

हरिके झील पहुंचे जहरीले शीरे ने ली सैकड़ों जीवों की जान, पानी हुआ बदबूदार

Wed, 23 May 2018 11:14 AM IST
अनिल कुमार/अमर उजाला, हरिके वेटलैंड (फिरोजपुर)
अनिल कुमार/अमर उजाला, हरिके वेटलैंड (फिरोजपुर) Updated Wed, 23 May 2018 11:14 AM IST
विज्ञापन
many animals and birds died in harike wetland due to poisonic sheera
हरिके झील
ब्यास-सतलुज के संगम हरिके हेड के पानी में मिले जहरीले शीरे की मार जीवों पर पड़ रही है। हरिके हेड में एक भैंस मरी हुई दिखाई दी। जबकि कई मृतक जीव पानी के बहाव में आगे बह गए जहां घना जंगल है। वहां हरिके सेंक्चुरी का कोई भी मुलाजिम वहां नहीं गया। इसलिए पता नहीं चला कि मरने वाले जीवों में कोई दुर्लभ प्रजाति का भी है या नहीं। पिछले तीन-चार दिन में जहरीले पानी से सैकड़ों मछलियां, कछुए और सांप मरे हैं। पानी से आ रही तेज बदबू से इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
विज्ञापन


हरिके सेंक्चुरी के मुलाजिमों का कहना है कि जहरीले शीरे से हरिके हेड का पानी पूरी तरह जहरीला हो चुका है। डैम से भी पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इस कारण गंदा और बदबूदार पानी हरिके हेड पर रुका हुआ है। इसका असर यहां रहने वाले जंगली सूअर, गिदड़, बिल्ले, सांभर, बंदर व बारहसिंघा समेत कई प्रजाति के जानवरों पर पड़ा है। इसके अलावा दुधारू पशु जिन्होंने दरिया का पानी पीया, उनकी मौत हो गई है। कई गाय, बछड़े और भैंसें भी मरी हैं। लेकिन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस बात को छिपाने में लगे हैं।
विज्ञापन


बाबा बिदी चंद गुरुद्वारे की तरफ पानी हुआ साफ
हरिके वेटलैंड के मुलाजिमों ने बताया कि बाबा बिदी चंद गुरुद्वारे की तरफ पानी साफ हुआ है।

दूर चली डॉल्फिन बची है जहरीले पानी से
डॉल्फिन हरिके हेड से बहुत दूर चली गई है। यह बाबा बिदी चंद गुरुद्वारे वाले साइड पर है, क्योंकि यहां पर पानी साफ है। हालांकि जब से पौंग बांध से पानी बंद किया है, तब से डॉल्फिन की संख्या ज्यादा देखने को नहीं मिली है। जहरीले पानी का घड़ियालों पर भी कोई असर नहीं हुआ है। गुरुद्वारे वाली तरफ फैले जंगल में ज्यादातर जंगली सूअर, बारहसिंघा और काले हिरन रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मार्च में ही हरिके वेटलैंड से चले गए विदेशी पक्षी
हरिके वेटलैंड के मुलाजिमों ने बताया कि विदेशी पक्षी नवंबर-दिसंबर माह में यहां आते हैं और मार्च में यहां से चले जाते हैं। मौजूदा समय में यहां पर विदेशी पक्षी नहीं हैं। यहां पर नीलम पक्षी है, जो सुरक्षित है। दरिया में नौ किस्म की मछलियां हैं जो खाने लायक हैं। इनमें सोल, डमरा, मराख, रहू और शिंगारी शामिल है।


अधिकारी ने भी माना- कई जीव मरे
हरिके सेंक्चुरी के रेंज अधिकारी भूपिंदर सिंह ने कहा कि जहरीले पानी से मछलियां, कछुएं और अन्य जलजीव मरे हैं। दुधारू पशु जहरीले पानी से नहीं मरे हैं। जब उन्हें पूछा गया कि दरिया में मरी हुई भैंस दिखाई दे रही है, तो उन्होंने जवाब दिया कि पानी में फंस कर मर गई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed