हरियाणा सरकार का बड़ा दांव, इस योजना से किसानों और कारीगरों की पौ बारह
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हरियाणा के किसानों को मनोहर लाल सरकार भी सालाना छह हजार रुपये आर्थिक मदद देगी। सुभाष बराला समिति की सिफारिशों को आधार बनाते हुए सरकार ने कर्ज में डूबे किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए हर महीने पांच सौ रुपये देने का निर्णय लिया है। पीएम किसान सम्मान निधि की दूसरी किश्त के साथ हरियाणा सरकार पहली किश्त पात्र किसानों, कारीगरों और श्रमिकों को जारी करेगी।
सीएम ने इन वर्गों को सामाजिक संरक्षण के दायरे में लाने के लिए परिवार समृद्धि योजना की घोषणा विधानसभा में की। इसमें किसान, खेतीहर मजदूर, श्रमिक, दस्तकार, काश्तकार ही नहीं अपितु समाज का हर वह परिवार दायरे में आएगा, जो आर्थिक तौर पर कमजोर होगा। पांच एकड़ से कम भूमि व 15 हजार रुपये मासिक आमदनी से कम वाले परिवार इसमें शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वित्त मंत्री बजट में परिवार समृद्धि योजना के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान कर चुके हैं। पूरी योजना दो वर्गों में विभाजित की गई है। पहले वर्ग में 18 वर्ष से 40 आयु वर्ग के लिए अलग-अलग विकल्प दिए गए हैं। इसमें लाभार्थी को सालाना 6 हजार रुपये की मदद की जाएगी और प्रत्येक तिमाही में दो हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे।
विकल्प न लेने पर पांच साल में 15 से 30 हजार मिलेंगे
सीएम ने कहा कि यदि 18 से 40 और 41 से 60 साल के लाभार्थी इस विकल्प को नहीं लेना चाहें तो वे प्रधानमंत्री श्रमिक पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का विकल्प चुन सकते हैं। प्रदेश सरकार उनका प्रीमियम भरेगी। प्रीमियम भरने के बाद बकाया राशि को परिवार समृद्धि योजना के तहत उम्र के मुताबिक हर पांच साल में 15 हजार से 30 हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा।
41 से 60 आयु वर्ग की श्रेणी में भी सालाना 6 हजार रुपये का लाभ लाभार्थी को दिया जाएगा। यदि लाभार्थी इसे लेने की बजाय परिवार समृद्धि योजना में जमा करवा देगा तो उसे हर पांच साल में 36 हजार रुपये मिलेंगे। 61 साल से आगे के लाभार्थियों के लिए योजना का प्रारूप बाद में जारी किया जाएगा।
परिवार पहचान पत्र योजना की घोषणा
सरकार प्रत्येक परिवार का भी पहचान पत्र बनाएगी। सीएम ने सदन में इसकी भी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि इससे रियल टाइम सेंसेज बनाने में मदद मिलेगी। प्रदेश के 28 लाख परिवारों का डाटा एकत्रित किया जा चुका है। कुल 50 से 55 लाख परिवार हैं। 31 मार्च तक सबका डाटा एकत्रित हो जाएगा। डुप्लीकेसी खत्म करने केलिए योजना के तहत यूनिक आईडी भी दी जाएगी। किस व्यक्ति को कौन सा लाभ मिल रहा है, उसकी पहचान सरकार तुरंत कर पाएगी।