Haryana Budget Session: कर्ज के आंकड़े पर मनोहर लाल और हुड्डा आमने-सामने, इस अंदाज में एक-दूसरे पर बोला हमला
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हुड्डा से दस्तावेज मांगे। हुड्डा ने पहले तो दस्तावेज देने से इंकार कर दिया और कहा यह सब ऑनलाइन हैं, आपके वित्त सचिव को कहें कि ऑनलाइन निकाल लें। करीब 10 मिनट तक दोनों में इसी दस्तावेज को लेकर बहस होती रही।
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हरियाणा पर कर्ज को लेकर बुधवार को बजट सत्र के तीसरे दिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा आमने-सामने हो गए। विपक्ष द्वारा उठाए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि विपक्षी गलत आंकड़े देते हैं, जबकि प्रदेश पर 2.43 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। हुड्डा ने इसका विरोध जताते हुए कैग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के आंकड़ों को झुठलाया और कहा कि प्रदेश पर 3.19 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज है। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर शेरों-ओ- शायरी के माध्यम से निशाना भी साधा।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हुड्डा से दस्तावेज मांगे। हुड्डा ने पहले तो दस्तावेज देने से इंकार कर दिया और कहा यह सब ऑनलाइन हैं, आपके वित्त सचिव को कहें कि ऑनलाइन निकाल लें। करीब 10 मिनट तक दोनों में इसी दस्तावेज को लेकर बहस होती रही। बाद में हुड्डा ने कागजात दिए, हालांकि सीएम ने जब ये दस्तावेज वित्त सचिव को देने के लिए कहा तो हुड्डा ने ऐतराज जाताया।
तीसरे दिन भी ठहाकों से गूंजा सदन
सीएम और पूर्व सीएम हुड्डा द्वारा शेर पढ़ने पर रघुबीर कादियान ने स्पीकर से कहा कि जीरो आवर की तर्ज पर शेर आवर भी बना दो। कैग रिपोर्ट के दस्तावेज को लेकर हुड्डा ने सीएम से कहा, मेरे कागजात वापस लाओ, नहीं तो दरवाजा बंद करके बाहर नहीं जाने दूंगा। पीपीपी को लेकर किए गए सवाल पर सीएम ने कुलदीप वत्स के लिए दस्तावेजों का बंडल स्पीकर को सौंपा। मनोहर लाल ने विपक्ष पर साधा निशाना, बेरोजगार केवल कुछ लोग हुए हैं, जो पहले भ्रष्टाचार में लिप्त थे।
शेरो-शायरी से एक-दूसरे पर छोड़े तीर
सदन में जवाब देने खड़े हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विपक्ष पर शेरो शायरी के माध्यम से निशाना साधा। मनोहर लाल ने कहा कि वो बोले इतना कि कल अखबार में छप गए, वक्त गुजरा तो आज रद्दी में बिक गए। इसके जवाब में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने पढ़ा कि कुछ देर खामोशी है फिर शोर आएगा, आपका वक्त है हमारा दौर आएगा। पलटवार करते हुए मनोहर लाल बोले, रद्दी पर तोली जाती है तराजू में बिकने से पहले, तुम्हें कोई परख रहा है तो इसमें बुरा क्या है।
शायरी के इस दौर में पूर्व स्पीकर और कांग्रेस विधायक रघबीर कादियान भी कूद गए। कादियन ने स्पीकर से मांग की है कि एक घंटा शायरी के लिए भी फिक्स किया जाए। कादियान ने कहा कि प्रदेश में त्राही त्राही है और आप यहां शेर पढ़ रहे हो। सीएम ने जब उनको बैठने के लिए कहा तो रघबीर कादियान ने भी एक शेयर पढ़ दिया, अगर समझोगे नहीं तो मिट जाओंगे, तुम्हारी दांस्ता भी नहीं होंगी। बीच बीच में भी सीएम और हुड्डा एक-दूसरे पर शायरी के माध्यम से तीर छोड़ते रहे।
जवाब के अंत में फिर मुख्यमंत्री ने ये शब्द पढ़े, हम लोग जमाने के हिसाब से चलें, आज के जमाने में शुभ चिंतक होते जा रहे हैं, आपका शुभ होता जा रहा है और वो चिंतक होते जा रहे हैं। हुड्डा ने कहा कि आपदी दाद देता हूं, आपने राज्यपाल से झूठ बहुत बुलाया है।