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मनीष गुप्ता ने सेशन कोर्ट में दायर की जमानत याचिका
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चंडीगढ़। सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में आरोपी मनीष गुप्ता ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम आर जोशी की अदालत में जमानत याचिका दायर की है। इस पर अदालत ने पुलिस को 24 मार्च के लिए नोटिस जारी कर दिया है। इससे पहले दस मार्च को आरोपी ने निचली अदालत में भी जमानत याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था।
याचिकाकर्ता ने कहा है कि आरोपी सौरव गुप्ता का भाई होने के कारण उसे गिरफ्तार किया गया है, उसका इस मामले से कोई लेनादेना नहीं है और न ही उसका नाम एफआईआर में है। बावजूद इसके उसे आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने 10 मार्च को सात दिन के रिमांड के बाद आरोपी पत्रकार संजीव महाजन और मनीष गुप्ता को पेश किया था, जहां से मनीष को जेल भेज दिया गया था। मामले के अन्य आरोपी सतपाल डगर को दो दिन के रिमांड के बाद 12 मार्च को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। मामले में पुलिस अभी तक फर्जी राहुल मेहता तक नहीं पहुंच पाई है। वहीं दूसरी तरफ, मामले में एएसआई परमिंदर सिंह से एसआईटी को पूछताछ करना था लेकिन शुक्रवार को पूछताछ नहीं हो सकी है। पुलिस के मुताबिक जल्द ही उससे पूछताछ होगी।
बॉक्स
सौरव की याचिका पर 23 को फैसला
उधर, कोठी खरीदने वाले आरोपी सौरव गुप्ता ने 16 मार्च को जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। याचिका में सौरव ने कहा था कि वह आरोपी नहीं बल्कि पीड़ित है। उसे कोठी विवाद के बारे में कोई जानकारी नहीं। अगर उसे विवाद के बारे में पता होता तो वह कोठी पर अपने 3 करोड़ रुपये निवेश नहीं करता। पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसे इंसाफ दिलाने की बजाय उल्टा उसके खिलाफ ही केस दर्ज किया गया। याचिका पर जिला अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस से शुक्रवार के लिए नोटिस जारी किया था लेकिन पुलिस ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है अब याचिका पर 23 मार्च को फैसला होगा।
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याचिकाकर्ता ने कहा है कि आरोपी सौरव गुप्ता का भाई होने के कारण उसे गिरफ्तार किया गया है, उसका इस मामले से कोई लेनादेना नहीं है और न ही उसका नाम एफआईआर में है। बावजूद इसके उसे आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने 10 मार्च को सात दिन के रिमांड के बाद आरोपी पत्रकार संजीव महाजन और मनीष गुप्ता को पेश किया था, जहां से मनीष को जेल भेज दिया गया था। मामले के अन्य आरोपी सतपाल डगर को दो दिन के रिमांड के बाद 12 मार्च को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। मामले में पुलिस अभी तक फर्जी राहुल मेहता तक नहीं पहुंच पाई है। वहीं दूसरी तरफ, मामले में एएसआई परमिंदर सिंह से एसआईटी को पूछताछ करना था लेकिन शुक्रवार को पूछताछ नहीं हो सकी है। पुलिस के मुताबिक जल्द ही उससे पूछताछ होगी।
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सौरव की याचिका पर 23 को फैसला
उधर, कोठी खरीदने वाले आरोपी सौरव गुप्ता ने 16 मार्च को जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। याचिका में सौरव ने कहा था कि वह आरोपी नहीं बल्कि पीड़ित है। उसे कोठी विवाद के बारे में कोई जानकारी नहीं। अगर उसे विवाद के बारे में पता होता तो वह कोठी पर अपने 3 करोड़ रुपये निवेश नहीं करता। पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसे इंसाफ दिलाने की बजाय उल्टा उसके खिलाफ ही केस दर्ज किया गया। याचिका पर जिला अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस से शुक्रवार के लिए नोटिस जारी किया था लेकिन पुलिस ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है अब याचिका पर 23 मार्च को फैसला होगा।
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