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Chandigarh News: आईएसओ से प्रिंटेड स्टिकर के प्रयोग पर प्रबंधन ने मांगा जवाब
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में चुनाव प्रचार पर जोरों से चल रहा है। छात्र संगठनों ने कैंपस को प्रिंटेड स्टिकर और पोस्टरों से भर दिया है, जबकि लिंगदोह समिति इसके उपयोग पर रोक लगाती है। राजनीतिक दल से संबंधित सभी छात्र विंग प्रचार में प्रिंटेड स्टिकर का बेहिसाब तरीके से प्रयोग कर रहे हैं, जिसका पीयू प्रबंधन पर कोई कंट्रोल नहीं है। अभी तक पीयू प्रबंधन ने सिर्फ आईएसओ को प्रिंटेड स्टिकर के उपयोग को लेकर जवाब मांगा है।
डीएसडब्ल्यू प्रो. अमित ने बताया मुख्य सुरक्षाकर्मी विक्रम सिंह उन्हें प्रिंटेड स्टिकर और पोस्टर को लेकर रिपोर्ट दे रहे हैं। उनके पास नामांकन के दिन आईएसओ के प्रिंटेड स्टिकर प्रयोग करने की रिपोर्ट मिली थी, जिसे लेकर उन्होंने संगठन से जवाब मांगा है। जवाब नहीं मिलता है तो संगठन को नोटिस जारी किया जाएगा और आगे की कार्रवाई होगी। पीयू प्रबंधन ने सिर्फ एक संगठन से जवाब मांगा है, जबकि कैंपस में एनएसयूआई, एबीवीपी और सीवाईएसएस मुख्य रूप से प्रिंटेड पोस्टर और स्टिकर का प्रयोग करने में आगे हैं।
उम्मीदवार के लिए है पांच हजार खर्च की सीमा : लिंगदोह समिति छात्र परिषद चुनाव में हर एक उम्मीदवार के लिए पांच हजार खर्च की सीमा लगाती है लेकिन इससे अधिक पैसे तो छात्र सिर्फ स्टिकर, पोस्टरों पर खर्च कर रहे हैं। राजनीतिक दलों से छात्र विंग के आगे पीयू प्रबंधन कोई भी कड़ा कदम उठाने में बेबस नजर आ रहा है। गर्ल्स हॉस्टल तीन और चार की रोड पर सीवाईएसएस और एनएसयूआई के स्टीकर बिखरे पड़े नजर आए, जिसकी रिपोर्ट मुश्किल ही प्रबंधन तक पहुंचने की आशंका है।
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डीएसडब्ल्यू प्रो. अमित ने बताया मुख्य सुरक्षाकर्मी विक्रम सिंह उन्हें प्रिंटेड स्टिकर और पोस्टर को लेकर रिपोर्ट दे रहे हैं। उनके पास नामांकन के दिन आईएसओ के प्रिंटेड स्टिकर प्रयोग करने की रिपोर्ट मिली थी, जिसे लेकर उन्होंने संगठन से जवाब मांगा है। जवाब नहीं मिलता है तो संगठन को नोटिस जारी किया जाएगा और आगे की कार्रवाई होगी। पीयू प्रबंधन ने सिर्फ एक संगठन से जवाब मांगा है, जबकि कैंपस में एनएसयूआई, एबीवीपी और सीवाईएसएस मुख्य रूप से प्रिंटेड पोस्टर और स्टिकर का प्रयोग करने में आगे हैं।
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उम्मीदवार के लिए है पांच हजार खर्च की सीमा : लिंगदोह समिति छात्र परिषद चुनाव में हर एक उम्मीदवार के लिए पांच हजार खर्च की सीमा लगाती है लेकिन इससे अधिक पैसे तो छात्र सिर्फ स्टिकर, पोस्टरों पर खर्च कर रहे हैं। राजनीतिक दलों से छात्र विंग के आगे पीयू प्रबंधन कोई भी कड़ा कदम उठाने में बेबस नजर आ रहा है। गर्ल्स हॉस्टल तीन और चार की रोड पर सीवाईएसएस और एनएसयूआई के स्टीकर बिखरे पड़े नजर आए, जिसकी रिपोर्ट मुश्किल ही प्रबंधन तक पहुंचने की आशंका है।
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