पंजाब इन्वेस्टर्स समिट: मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की सुरक्षा में सेंध, स्टेज तक पहुंच गया युवक
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इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में शुरू हुए प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट जैसे हाई प्रोफाइल इवेंट के दौरान सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की सुरक्षा में सेंध लग गई। इंटरेक्टिव सेशन के दौरान एक युवक स्टेज के सामने पहुंचा और अपना दुखड़ा रोने लगा। एकाएक हुई इस घटना से अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। सुरक्षाकर्मियों ने उसे फौरन काबू किया, सीएम ने उन्हें सेशन खत्म होने तक इंतजार करने को कहा।
समिट को लेकर पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा थी। आईडी कार्ड दिखाए बगैर किसी का भी परिसर में दाखिल होना संभव नहीं था। तीन स्तर पर जांच थी। सबसे पहले आईएसबी के मेन गेट पर, फिर समागम स्थल के गेट पर भी जांच की जा रही थी। सबसे आखिर में ऑडिटोरियम में दाखिल होने पर भी आईडी कार्ड देखा जा रहा था।
उसी के मुताबिक डेलिगेट्स को बिठाया जा रहा था। सारे घेरे पार कर युवक अंदर पहुंचा और मीडिया के लिए रिजर्व ब्लॉक में बैठ गया। जैसे ही सेशन शुरू हुआ युवक ने स्टेज की तरफ जाने की कोशिश की। लेकिन वहां मौजूद लोक संपर्क विभाग के अधिकारी ने उसे रोका और पीछे भेज दिया। पर कुछ देर बाद वह स्टेज तक पहुंचने में कामयाब हो गया।
युवक की पहचान डेराबस्सी निवासी अमनदीप के रूप में हुई है। पंजाब सरकार ने करोड़ों रुपये इस आयोजन पर खर्च किए थे ताकि निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। लेकिन नामी कंपनियों के प्रमुखों और निवेशकों के सामने घटी इस घटना से सरकार की खासी फजीहत हुई।
सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ लोक संपर्क अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि मीडिया ब्लॉक में हरेक का आईडी कार्ड चेक करने की जिम्मेदारी उनकी थी। सीएम के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, जोकि मौके पर मौजूद थे, ने सुरक्षा में लापरवाही की जांच के आदेश दिए हैं।
सीएम ने की युवक की मदद
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह युवक की मदद को आए। उन्होंने सेशन खत्म होने के बाद अमनदीप सिंह से मुलाकात कर उसकी समस्या सुनी। मोहाली के डीसी और एसएसपी को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डेराबस्सी में त्रिवेदी कैंप निवासी अमनदीप ने सीएम को बताया कि उसकी दुकान का मामला अदालत में विचाराधीन है।
पर एक प्रॉपर्टी डीलर ने उसे दुकान से बाहर निकाल कर ताला लगा दिया। सीएम ने डीसी गिरीश दयालन और एसएसपी कुलदीप चाहल को हिदायत दी कि तथ्यों की पड़ताल कर अमनदीप को उसकी दुकान वापस दिलाई जाए, जोकि वक्फ बोर्ड से संबंधित है।