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शर्मनाक! गार्ड्स ने तोड़ी इंसानियत की हद
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 14 Oct 2014 10:06 AM IST
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गवर्नमेंट मेडिकल कालेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच-32) में तैनात गार्ड्स ने सोमवार को पार्किंग विवाद को लेकर इंसानीयत की हदें तोड़ दीं। गोद में तीन माह की मृत बच्ची लिए खड़े ताऊ और उसके दोस्त को इतना पीटा कि उनकी गोद से शव भी गिर गया। यह देख आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और उन्होंने गार्ड्स से दोनों को बचाया।
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सेक्टर-45 निवासी श्यामलाल सुबह करीब 7:30 बजे अपनी 3 महीने की भतीजी को गंभीर हालत में लेकर स्कूटर से जीएमसीएच-32 इमरजेंसी में पहुंचे। जल्दी में वह अपना स्कूटर नो पार्किंग जोन में खड़ा करके अंदर चले गए। अस्पताल में बच्ची को देखने के तुरंत बाद ही डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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श्यामलाल के अनुसार वह बच्ची को लेकर वापस घर जाने के लिए अस्पताल से बाहर आऐ तो देखा कि उनका स्कूटर गायब था। उन्होंने वहीं पर तैनात गार्ड से पूछा तो उसने कहा कि तुम खुद पता कर लो। इसबीच किसी ने बताया कि उनका स्कूटर गार्ड ने ही वहां से हटाकर कहीं छुपा दिया है।
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गार्ड को उन्होंने सारे हालात की जानकारी दी और स्कूटर वापस देने की प्रार्थना की। इस पर गार्ड धक्के मारने लगा। इतने में गार्ड के तीन और साथी आकर श्याम लाल और उनके दोस्त को पीटने लगे।
उन्हें इतनी बुरी तरह से पीटा गया कि मृत बच्ची हाथ से छूटकर जमीन पर गिर गई। बच्ची के गिर जाने के बाद भी गार्ड नहीं रुके और दोनों को पीटते रहे। यह देखकर वहां मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क गया और उनके भला-बुरा कहने पर ही गार्ड्स के हाथ रुके।
शर्मनाक बर्ताव
मौके मौजूद एडवोकेट जनरल पंजाब हाईकोर्ट के अधिकारी संजीव शर्मा के अनुसार सिक्योर्टी गार्ड्स का बरताव बहुत ही शर्मनाक था। अगर कोई गलती करता है तो उसे उसके बारे में बताया जा सकता है। नियमों की कीमत जान से ज्यादा नहीं हो सकती।