अब पंजाब भाजपा में बड़े बदलाव के संकेत
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पंजाब में भाजपा प्रभारी के रूप में शांता कुमार की जगह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामशंकर कठेरिया की नियुक्ति ने प्रदेश संगठन और मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चा को हवा दे दी है।
लोकसभा चुनाव में अमृतसर से वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली की हार के बाद तैयार हुई समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर गत जुलाई माह में ही प्रदेश भाजपा में बदलाव का ले लिया गया था। लेकिन राजनाथ सिंह की जगह अमित शाह के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की वजह से फैसला लंबित रह गया।
अब महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद पार्टी का ध्यान पंजाब की ओर गया। हालांकि पार्टी ने पंजाब के पूर्व प्रभारी अविनाश राय खन्ना को जम्मू-कश्मीर में प्रभारी बनाए रखा है।
पंजाब में नए प्रभारी की नियुक्ति
चुनाव से फारिग होते ही भाजपा आलाकमान ने अन्य प्रदेशों सहित पंजाब में नए प्रभारी की नियुक्ति कर दी है। प्रभारी बदले जाने से संगठन पदाधिकारियों सहित पंजाब मंत्रिमंडल में शामिल भाजपाई मंत्रियों के बदलाव की चर्चा भी शुरू हो गई है।
हरियाणा विधानसभा चुनाव में वरिष्ठ नेता नवजोत सिंह सिद्धू की शिअद विरोधी बयानबाजी और उसके बाद प्रदेश नेताओं का कड़ा रुख बदलाव से संबंधित संकेत दे रहा था।
आगामी बदलाव किस स्तर पर होगा, पदाधिकारियों को अब इसका इंतजार है। वैसे, अब तक चार में से दो मंत्रियों और कुछ प्रदेश पदाधिकारियों को बदले जाने का फैसला हुआ था।
गठबंधन भी सवालों के घेरे में
शिअद और भाजपा के बीच हाल के दिनों में बढ़ी तल्खी ने पंजाब में गठबंधन के भविष्य पर जो अटकलें लगाई जाने लगी थीं, को प्रदेश भाजपा प्रभारी बदले जाने से बल मिला है।
सिद्धू को बड़ी जिम्मेदारी के संकेत पहले ही मिल रहे हैं। हालांकि प्रदेश नेताओं ने चुप्पी साध ली है और वेट एंड वाच की नीति प्रभावी है।