दिल्ली निर्भया रेप केस जैसा है रोहतक रेपकांड का मुख्य सच
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दिल्ली रेपकांड जैसा ही फैसला रोहतक रेपकांड में आया। यहां नेपाली युवती से रेप और दरिंदगी से हत्या के मामले में भले ही आज 7 दोषियों को फांसी की सजा मिली हो, लेकिन मुख्यारोपी इसमें भी नाबालिग होने के कारण बच गया।
पीड़ित पक्ष के वकील प्रदीप मलिक ने बताया कि नाबालिग राजेश उर्फ घूचडु वही दोषी है जिसने युवती से सबसे ज्यादा दरिंदगी की थी। राजेश उर्फ घूचडू के खिलाफ मामला किशोर न्यायालय में चल रहा है।
रोहतक कोर्ट में 9 सितंबर 2015 को सभी 8 आरोपियों पर चार्ज फ्रेम किए गए थे। कोर्ट ने नाबालिग राजेश उर्फ घूचडू को छह धाराओं सहित आईपीसी की धारा 377 में भी दोषी माना है।
ये थी ओसिफिकेशन टेस्ट की रिपोर्ट
नेपाली मूल का आरोपी नाबालिग है। कोर्ट में पेश की गई ओसिफिकेशन टेस्ट की रिपोर्ट में उसकी उम्र 14 से 16 के बीच आंकी गई है। अदालत ने साफ कहा कि ओसिफिकेशन टेस्ट के अनुसार आरोपी नाबालिग है, इसलिए पुलिस जवाब पेश करे। नेपाल मूल के आरोपी के वकील एडवोकेट मोहित वर्मा ने बताया कि ओसीफिकेशन टेस्ट पीजीआई में गठित मेडिकल बोर्ड ने किया।
जांच के लिए एसआईटी का गठन
मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन भी किया गया था। बाद में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था जबकि एक आरोपी ने दिल्ली में आत्महत्या कर ली थी। आरोपियों में एक नाबालिग नेपाली युवक भी शामिल था। इस नेपाली युवक का मामला किशोर न्यायालय में चल रहा है।
रोहतक कोर्ट में 9 सितंबर 2015 को सभी आरोपियों पर चार्ज फ्रेम किए गए थे। 15 अक्तूबर से गवाही का दौर शुरू हुआ था। अक्तूबर माह में गवाही के लिए 9 दिन निर्धारित किए गए थे। इस दौरान कुल 57 लोगों की गवाही हुई जबकि आरोपी पक्ष की ओर से भी तीन गवाह पेश किए गए था।
9वें आरोपी ने जहर खाकर दे दी थी जान
जांच टीम ने कांड के 9वें आरोपी सोमबीर के बारे में अदालत को बताया कि दिल्ली पुलिस से पता चला कि सोमबीर ने अपनी बहन के घर आकर जहरीला पदार्थ खा लिया। उसे निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
सोमबीर की मौत कैसे हुई, मामले में उसकी क्या भूमिका रही। इसकी जांच के लिए सर्च वारंट जारी किया जाए। अदालत ने जांच टीम की याचिका स्वीकार कर ली है।
ये थी युवती की पोस्टमार्टम रिपोर्ट
रेप के बाद मार दी गई युवती का पोस्टमार्टम करने वाले पीजीआई के फोरेंसिक विभाग के चिकित्सकों ने मृतका के भीतर से 15.5 सेमी लंबा, 3.8 सेमी चौड़ा कलमनुमा एस्बेस्टस शीट का पत्थर निकाला है। पत्थर बच्चादानी को फाड़ आंतों में फंसा मिला। युवती की बड़ी आंत भी फटी हुई थी।
रेप के बाद अप्राकृतिक यौनाचार का शिकार हुई युवती के मलद्वार में भी पत्थर मिला है। फोरेंसिक विभाग के हेड और राज्य सरकार के फोरेंसिक सलाहकार डॉ. एस. के. धत्तरवाल ने मानें तो उनके चिकित्सकों के बोर्ड ने आज तक इससे भयावह पोस्टमार्टम नहीं किया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये भी खुलासा
1. युवती की मौत 2 से 3 दिन पहले हुई। (4 फरवरी को शव मिलने से पहले)
2. मौत का कारण सिर पर चोटें, गुप्तांगों पर चोट और 3. आंतों में लगी गंभीर चोटें बनीं। चोटों के कारण युवती की उसी समय मौत हो गई।
4. मलद्वार में भी 13 सेमी लंबा और 3 सेमी चौड़ा सीधा पत्थर फंसा हुआ मिला।
5. शरीर में रक्त रंजित निरोध भी मिला है।