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महात्मा गांधी के साथी मलिक का देहांत
ब्यूरो/अमर उजाला, लाडवा
Updated Wed, 01 Oct 2014 04:33 PM IST
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देश के स्वतंत्रता संग्राम में अपनी भूमिका अदा करने वाले महान सपूत एवं स्वतंत्रता सेनानी अजमेर सिंह मलिक का देहांत हो गया।
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वह 88 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव खेड़ी दाबदलान में राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
उनके बेटे महिंद्र सिंह मलिक के अनुसार उनके पिता अजमेर सिंह मलिक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथी थे और उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में उनके साथ मिलकर देश को आजाद कराने में भूमिका अदा की थी।
उनके अनुसार आजादी के बाद उनके पिता गांव के सरपंच भी रहे। इसके अलावा कांग्रेस के स्वतंत्रता सेनानी विंग के भी वह प्रदेश उपाध्यक्ष रहे। उन्होंने बताया कि इस समय भी वह जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य थे।
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उनकी मौत का जैसे ही लोगों को पता चला, पूरे क्षेत्र में गमगीन माहौल बन गया। उनके अंतिम संस्कार से पहले उनको बंदूकों की सलामी दी गई।
इसके अलावा प्रशासन की और से नायब तहसीलदार राजेंद्र गुप्ता, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कंवरभान नरवाल, लाडवा थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार समेत कई अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर लाडवा क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने मृतक स्वतंत्रता सेनानी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
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