महाशिवरात्रि : जानिए पूजा और अभिषेक का शुभ्ा मुहूर्त
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सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी लाल बहादुर दुबे, सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री और सेक्टर-15 के जय श्री राम ज्योतिष केंद्र के प्रमुख स्वामी राम बहादुर मिश्र का कहना है कि जल से अभिषेक करने पर वृष्टि, रोग की शांति कि लिए कुशा के जल से, वाहन सवारी और भूमि के लिए दही से, लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए गन्ने के रस से, धन की प्राप्ति के लिए मधु से, मोक्ष की प्राप्ति के लिए तीर्थ के जल से, पुत्र की प्राप्ति के लिए दूध से अभिषेक करनी चाहिए। दूध में शक्कर मिलाकर अभिषेक करने पर बुद्धि श्रेष्ठ होती है।
भगवान शिव की पूजा करने का ये है शुभ मुहूर्त
प्रथम पूजा शाम को छह बजकर 15 मिनट से रात नौ बजकर 25 मिनट तक
दूसरी पूजा रात को नौ बजकर 25 मिनट से रात 12 बजकर 35 मिनट तक
तीसरी पूजा रात 12 बजकर 35 मिनट से रात तीन बजकर 45 मिनट तक
चौथी पूजा रात तीन बजकर 45 मिनट से सुबह छह बजकर 54 मिनट तक।
ये चारों पूजन का विशेष महत्व है, लेकिन दूसरे पूजन में रात नौ बजकर 25 मिनट से रात 12 बजकर 35 मिनट का समय बहुत ही शुभ है। इसमें चतुर्दशी श्रवण नक्षत्र और भद्रा मकर राशि प्रदोष काल में होने के कारण महाजयंती योग बन रहा है।
महाशिवरात्रि पर शिवालयों में तैयारियां
महाशिवरात्रि पर मंदिर कमेटियों ने सभी तैयारियां कर ली हैं। दूध का लंगर भी चलेगा। मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के अलावा कई धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं भी स्टाल सजाकर दूध का लंगर लगाएंगे। महाशिवरात्रि पर मंदिरों में दूध का भंडारा और भगवान शिव का दुग्धाभिषेक होगा। सेक्टर-38 के श्री सनातन धर्म मंदिर के प्रमुख पुजारी उमाशंकर पांडेय का कहना है कि शांति पाठ करने के बाद संकल्प, गणेश, नंदी, वीरभद्र, कार्तिक, कुबेर, कीर्तिमुख, सर्प का पूजन करने के बाद शिव पार्वती का पूजन प्रारंभ करनी चाहिए।
महाशिवरात्रि पर डेढ़ लाख अतिरिक्त दूध का उत्पादन
इस बार महाशिवरात्रि पर वेरका ने डेढ़ लाख अतिरिक्त दूध का उत्पादन किया है। यह उत्पादन आर्डर मिलने के बाद किया है। आम तौर पर हर रोज साढ़े तीन लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है। वेरका ने दूध पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की है। अपने कर्मचारियों की छुट्टी भी रद्द कर दी है। अतिरिक्त पांच गाड़ियों की व्यवस्था की गई है। वेरका के महाप्रबंधक जेके गुप्ता ने बताया कि लोगों ने पहले ही आर्डर कर दिए हैं। मंदिरों के अलावा कई संस्थाएं भी दूध का आर्डर किए हैं। उन्होंने बताया कि मंदिरों और संस्थाओं की मांग के अनुसार बुधवार की आधी रात से ही दूध की आपूर्ति शुरू कर दी गई थी।