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Lumpy Virus: पंजाब में रोजाना 50 हजार पशुओं के टीकाकरण का निर्देश, मृत जानवरों को दफनाने की हिदायत

Fri, 12 Aug 2022 08:50 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 12 Aug 2022 08:50 PM IST
सार

पशु पालन मंत्री लालजीत सिंह भुल्ल ने लंपी पीड़ित पशुओं का दूध न पीने संबंधी अफवाहों पर विराम लगाते हुए कहा है कि दूध को अच्छी तरह से उबाल कर पीएं। इससे मानव शरीर को बीमारी प्रभावित नहीं करती।

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Instructions for vaccination of 50 thousand animals daily in Punjab
लंपी स्किन रोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब में लंपी स्किन रोग की रोकथाम को लेकर प्रभावशाली निगरानी के लिए गठित मंत्रियों की कमेटी ने गोट पॉक्स दवा के 3.33 लाख और डोज मंगवाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही कमेटी ने पशुओं के टीकाकरण लक्ष्य दोगुना करने करते हुए रोजाना 50 हजार पशुओं को टीके लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 

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मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंत्रियों की इस कमेटी का गठन किया था। शुक्रवार को पंजाब भवन में कमेटी की पहली बैठक हुई। इस दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और पशु पालन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने निर्देश दिया कि 3.33 लाख और डोज देश की प्रमाणित पशु चिकित्सा संस्थाओं से तुरंत मंगवाकर राज्य के सभी जिलों में पहुंचाई जाएं, ताकि टीकाकरण मुहिम में किसी किस्म की रुकावट न आए।  
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मंत्रियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान इस बीमारी से निपटने के लिए चलाए जा रहे राहत कार्यों की रोजाना कार्य रिपोर्ट ले रहे हैं। कमेटी ने हिदायत दी कि टीकाकरण मुहिम को और तेज किया जाए और यह लक्ष्य दोगुना कर रोजाना 50,000 किया जाए। उन्होंने बताया कि अब तक एक लाख 30 हजार से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। 

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कमेटी ने उच्चाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पशुओं के लिए कैल्शियम, विटामिन और अन्य जरूरी दवाएं मुहैया करवाने के लिए जिला अधिकारियों को हिदायतें जारी करें। बीमारी पर काबू पाने तक राज्य में कोई पशु मेला न करवाएं और अन्य राज्यों से पंजाब में पशुओं के दाखिले पर रोक संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। मंत्री समूह ने राज्य में मच्छरमार दवा के छिड़काव संबंधी काम की भी समीक्षा की।

मृत पशुओं को दफनाने का निर्देश
मंत्रियों की कमेटी ने बताया कि राज्य सरकार ने मृत पशुओं को खुले में फेंकने से रोकने के लिए बीडीपीओ को फंड जारी करके उनको दफनाने की हिदायत दी है।  मंत्री ने बताया कि बीडीपीओ अपने अधीन आने वाले क्षेत्रों में जेसीबी का प्रबंध करेंगे और मरे हुए पशुओं को दफनाना सुनिश्चित करेंगे। कमेटी ने बीडीपीओ को गांवों के सरपंचों के साथ निरंतर संपर्क में रहने का निर्देश भी दिया और किसानों से अपील की है कि वह पशुओं के शव खुले में न फेंकें। 

बैठक के दौरान कमेटी के सदस्यों के अलावा पशु पालन विभाग के प्रमुख सचिव विकास प्रताप, ग्रामीण विकास विभाग के वित्त आयुक्त के. सिवा प्रसाद और डायरेक्टर पशु पालन डॉ. संजीव गोयल भी मौजूद रहे। जबकि गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी लुधियाना के वेटरेनरी साइंस कॉलेज के डीन डॉ. एसपीएस घुम्मन और डायरेक्टर क्लीनिक्स डॉ. एसएस रंधावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़े। 

पीड़ित पशुओं का दूध अच्छी तरह उबालें: भुल्लर
पशु पालन मंत्री लालजीत सिंह भुल्ल ने लंपी पीड़ित पशुओं का दूध न पीने संबंधी अफवाहों पर विराम लगाते हुए कहा है कि दूध को अच्छी तरह से उबाल कर पीएं। इससे मानव शरीर को बीमारी प्रभावित नहीं करती। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों के साथ खड़ी है और बीमारी की रोकथाम के लिए हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।

मृत पशुओं को जल स्रोतों में न बहाएं
जल स्रोत मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पशुपालकों से अपील की है कि वे मृत पशुओं को किसी भी जल स्रोत में न बहाएं। लंपी से मरे पशुओं को पशु पालन विभाग द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार हाइजिनिक तरीके अपनाते हुए गहरा गड्डा खोदकर दबा दें। जल स्रोतों में मृत पशुओं को बहाने से आम लोगों के लिए खतरा पैदा हो जाएगा।

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