लुधियाना सामूहिक दुष्कर्मः डीजीपी गुप्ता का खुलासा- 6 आरोपी हुए गिरफ्तार, एक नाबालिग भी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लुधियाना में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में जगरांव पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब तक इस मामले में छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके है। गुरुवार को जो तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए, उनमें एक नाबालिग भी है। वह 11वीं कक्षा का छात्र है और कठुआ में रहता है। आरोपियों में गांव तलवंडी निवासी अजय उर्फ ललन और सैफ अली शामिल हैं।
इससे पहले पुलिस सादिक अली, मुख्य आरोपी जगरूप सिंह और सुरमू को गिरफ्तार कर चुकी थी। अब इस मामले की आगे की जांच आईजी रोपड़ नीरजा की अगुवाई में डीएसपी दाखा हरकमल कौर करेंगी। मामले की जांच साठ दिन में पूरी की जाएगी। यह जानकारी नवनियुक्त डीजीपी दिनकर गुप्ता ने दी। डीजीपी गुप्ता ने बताया कि नौ फरवरी की रात को हुए मामले में पीड़ित युवक के दोस्त से तालमेल न करने पर पुलिस ने एएसआई विद्या रतन को सस्पेंड भी किया था।
अगले दिन जब पुलिस को पता चला तो इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया था। जब यह सारा मामला सामने आया तो डीआईजी रणवीर सिंह खटड़ा की अगुवाई में छह अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। जगरांव पुलिस के साथ-साथ खन्ना, लुधियाना, नवांशहर की अलग-अलग टीमें मामले में काम कर रही थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी फोन लोकेशन के जरिए ही पुलिस के हाथ आए हैं। पूरे पंजाब की पुलिस ने इस केस को एक चैलेंज के तौर पर लिया और टीम वर्क के साथ इसे हल करने में कामयाबी हासिल की।
सभी आरोपी है आपस में जानकार
डीजीपी ने कहा कि इस मामले में अभी तक नामजद किए गए छह आरोपी आपस में जानकार हैं। इनमें से चार लोग रिश्तेदार हैं। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन मोटरसाइकिल और घटना वाले दिन कार से लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया गया है। जो बाइक आरोपियों के कब्जे से बरामद की गई है, वह उन्हीं की है।
चार महीने के अंदर अंदर सजा कराने की रहेगी कोशिश
डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मामले की जांच जल्द पूरी करने और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए प्रयास की हिदायत की है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने के लिए मुख्यमंत्री जल्द ही चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया से मिलने जा रहे हैं। पुलिस की कोशिश रहेगी कि चार महीने के अंदर अंदर इस मामले में नामजद आरोपियों को सजा दिलवाई जा सके।
हेल्पलाइन नंबर भी होंगे शुरू
डीजीपी गुप्ता ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो, इसके लिए पंजाब पुलिस की तरफ से हेल्पलाइन नंबर 181 को फिर से शुरू किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ेगी तो ऐसी जगहों पर निगरानी रखने के लिए पुलिस स्टेशन भी खोले जाएंगे। पीसीआर और रूरल रैपिड रिस्पांस सेवा को पूरी तरह से सही किया जाएगा। इसके अलावा कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस की तरफ से महिलाओं के खिलाफ अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर इस मामले में और भी आरोपी सामने आएंगे तो उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा। इस मौके पर डीआईजी रणवीर सिंह खटड़ा, पुलिस कमिश्नर सुखचैन सिंह गिल, एसएसपी जगरांव वरिंदर सिंह बराड़ और अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे।