लुधियाना: प्रशासन ने कर्फ्यू में एक घंटे और दी ढील, अधिक वसूली करने वाले निजी अस्पतालों पर होगी कार्रवाई
लुधियाना जिला प्रशासन ने लोगों को कर्फ्यू में एक घंटे की और ढील देने का फैसला किया है। यह आदेश सोमवार से जिले में लागू होगा। आदेश के मुताबिक अब सुबह पांच बजे से दोपहर एक बजे तक छूट मिलेगी। वहीं कोरोना मरीजों से अधिक वसूली करने वाले निजी अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई का आदेश डीसी वरिंदर कुमार शर्मा ने जारी किया है।
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लुधियाना जिला प्रशासन ने कर्फ्यू में कुछ राहत देने की घोषणा की है। सोमवार से सुबह पांच बजे से दोपहर एक बजे तक कर्फ्यू में राहत मिलेगी। इससे पहले यह राहत दोपहर 12 बजे तक थी। जिले में कर्फ्यू 31 मई तक जारी है। डीसी वरिंदर शर्मा की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि 24 मई से सुबह पांच बजे से दोपहर एक बजे तक छूट रहेगी। लेकिन रेस्टोरेंट, ढाबा, फास्ट फूड और बेकरी की दुकानों में अंदर बैठकर खाने की इजाजत नहीं होगी।
सामान खरीद कर लोग अपने घर ले जा सकते है। खाने की होम डिलीवरी रात आठ बजे तक की जा सकती है। इसके बाद सुबह पांच बजे तक किसी भी तरह की होम डिलीवरी नहीं होगी। होम डिलीवरी करते समय व्यक्ति के पास कर्फ्यू पास जरूर होना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करते मिला तो उसका प्रतिष्ठान कर्फ्यू रहने की आखिरी तिथि तक बंद कर दिया जाएगा। वहीं ई-कामर्स कंपनी, कोरियर और डाक सेवा रात आठ बजे तक डिलीवरी दे सकती है। उनके पास कर्फ्यू पास होना जरूरी होगा। इसके अलावा बाकी पाबंदियां पहले की तरफ लागू रहेगी।
अधिक वसूली करने वाले निजी अस्पतालों पर होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन कोविड -19 मरीजों के इलाज के लिए अतिरिक्त खर्चा वसूल करने वाले अस्पतालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाई करेगा। यह आदेश डिप्टी कमिश्नर वरिंदर कुमार शर्मा ने जारी किया है। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि यदि कोई अस्पताल या डॉक्टर कोरोना से पीड़ित मरीजों का शोषण करता है तो जिला प्रशासन उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाई करेगा।
सरकार के पास ऐसे अस्पतालों को बंद करने या अपने अधीन लेने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें मिल रही हैं जिनमें निजी अस्पताल सरकार द्वारा तय रेट से अधिक पैसे ले रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। इस संबंध में शिकायत स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नंबर 104 पर और डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय में दर्ज करवाई जा सकती है।
डीसी वरिंदर शर्मा ने कहा कि सभी निजी अस्पताल किसी भी मरीज की मजबूरी का फायदा नहीं उठाएंगे। ऐसा करने वाले डिफाल्टर अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्यवाई के अलावा सरकार के पास और कोई चारा नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ ने इस मुश्किल समय के दौरान तन मन से लोगों की सेवा कर मिसाल कायम की है लेकिन सिस्टम में कुछ ऐसे व्यक्ति भी हैं जो स्थिति का अनुचित फायदा उठाकर लोगों को धोखा दे रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन सख्ती से पेश आएगा। राज्य और जिला स्तरीय कमेटी जल्द ही निजी अस्पतालों की तरफ से करवाए गए कोविड-19 मरीजों के इलाज का विस्तृत ऑडिट करेगी।