{"_id":"6256769d48307d5e301a72f8","slug":"ludhiana-court-declares-former-mla-simarjit-singh-bains-a-fugitive","type":"story","status":"publish","title_hn":"लुधियाना: पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस की मुश्किलें बढ़ीं, अब दुष्कर्म मामले में भी अदालत ने भगोड़ा करार दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लुधियाना: पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस की मुश्किलें बढ़ीं, अब दुष्कर्म मामले में भी अदालत ने भगोड़ा करार दिया
Wed, 13 Apr 2022 12:37 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 13 Apr 2022 12:37 PM IST
सार
इससे पहले पिछले हफ्ते लुधियाना की ही अदालत ने सिमरजीत सिंह बैंस को भगोड़ा करार दिया था। उनके खिलाफ कोविड नियमों के उल्लंघन का एक मामला दर्ज है। इस मामले में वह अदालत में पेश नहीं हुए थे।
विज्ञापन
पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख और हलका आत्म नगर से पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक सप्ताह के अंदर अदालत की तरफ से सिमरजीत सिंह बैंस को दो मामलों में भगोड़ा करार दे दिया गया है। एक सप्ताह पहले कोरोना नियमों के उल्लंघन मामले में अदालत ने उन्हें भगोड़ा करार दिया था। मंगलवार को दुष्कर्म मामले में अदालत ने पूर्व विधायक को भगोड़ा करार दिया है।
विज्ञापन
उनके भाई कर्मजीत सिंह, बलजिंदर कौर, जसबीर कौर उर्फ भाभी, सुखचैन सिंह, भाई परमजीत सिंह पम्मा, प्रदीप कुमार और पीए गोगी शर्मा को भी भगोड़ा करार दिया गया है। केस में उनकी संपत्ति भी अटैच कर दी गई है। यह आदेश ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हरसिमरनजीत कौर की अदालत ने मंगलवार को जारी किया। इस मामले में पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस की जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है।
विज्ञापन
पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हरसिमरनजीत सिंह की अदालत के आदेश पर सात जुलाई 2021 को थाना डिवीजन नंबर छह की पुलिस ने बैंस और उनके साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया किया था। इसके बाद गिरफ्तारी को लेकर महिला पिछले काफी समय से पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर बैठी है। हालांकि सिमरजीत सिंह बैंस ने मामला दर्ज करने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन उसे रद्द कर दिया गया था। अब महिला रोजाना पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर आकर बैठती है ताकि बैंस को गिरफ्तार किया जा सके।
विज्ञापन
मामले की शुरुआत से पैरवी कर रहे सीनियर वकील हरीश राय ढांडा ने बताया कि मंगलवार को आदेश जारी हुआ है। सभी आरोपियों की प्रापर्टी को भी अटैच कर दिया गया है। अब भगोड़े आरोपियों को कानून के शिकंजे में आना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि काफी राजनीतिक शरण ले ली है, अब बैंस को जेल जाने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शनिवार को दबिश दी थी लेकिन बैंस घर पर नहीं मिले।
जमानत याचिका भी खारिज
दुष्कर्म मामले में फंसे सिमरजीत सिंह बैंस की अग्रिम जमानत याचिका को मंगलवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रश्मि शर्मा की अदालत ने खारिज कर दिया है। 44 वर्षीय महिला ने 16 नवंबर 2020 को तत्कालीन विधायक सिमरजीत सिंह बैंस उनके सहयोगी कमलजीत सिंह, बलजिंदर कौर, जसबीर कौर उर्फ भाभी, सुखचैन सिंह, परमजीत सिंह उर्फ पम्मा और गोगी शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाया था।