हरियाणा प्राइवेट बस हायर योजना: डिपो वाइज रेट से लगेगा करोड़ों का फटका
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विवादों में घिरी हरियाणा की किलोमीटर आधारित प्राइवेट बसें हायर करने की योजना के अंतर्गत टेंडर प्रक्रिया सवालों के घेरे में हैं। 510 निजी बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और एग्रीमेंट भी हो गया। जबकि 190 निजी बसों की टेंडर प्रक्रिया पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद विभाग द्वारा रद्द कर दी गई है। मगर इस पूरी टेंडर प्रक्रिया में एक बड़ा सवाल यह उभर कर आ रहा है कि सरकार को यदि निजी बसें हायर करनी भी थी, तो इसके लिए टेंडर रोडवेज डिपो वाइज क्यों किए गए।
डिपो वाइज टेंडर कॉल करने के बाद जिन रेटों पर सरकार निजी बसें हायर करने जा रही है उनका प्रति किलोमीटर लागत खर्च सरकारी बसों के प्रति किलोमीटर लागत खर्च से करीबन 5 रुपये ज्यादा बैठेगा। इससे सरकार को अपेक्षाकृत करोड़ों का फटका लगना तय है। इतना ही नहीं पड़ोसी राज्य राजस्थान, उत्तरप्रदेश और पंजाब में भी सरकार ने किलोमीटर स्कीम के तहत प्राइवेट बसें हायर की है।
उनका रेट न केवल हरियाणा से कम है, बल्कि सभी प्राइवेट बसों के लिए पूरे राज्य में एक ही रेट तय किए गए हैं। लेकिन हरियाणा में सरकार जो निजी बसें हायर करने जा रही है, उनके लिए प्रदेश में एक रेट होने के बजाए डिपोवाइज रेट पर टेंडर खोला गया है। परिवहन विभाग के अफसरों का कहना है कि बसों के डिपोवाइज रूट अलग होंगे, इसलिए अलग-अलग डिपोवाइज रेटों पर टेंडर खोला गया है।
इस तरह सरकार को लगेगी भारी चपत
सरकार ने जो 510 निजी बसों को हायर करने के लिए टेंडर जारी किए हैं। उसके मुताबिक विभिन्न डिपोवाइज प्राइवेट बस ऑपरेटरों के दिए जाने वाले प्रति किलोमीटर रेट 31.01 रुपये, 34.30 रुपये, 34.65 रुपये, 34.75 रुपये, 35.65 रुपये, 35.75 रुपये, 36.09 रुपये, 36.30 रुपये, 36.40 रुपये, 36.50 रुपये, 36.60 रुपये, 36.75 रुपये, 36.80 रुपये, 36.90 रुपये, 37.10 रुपये, 37.24 रुपये व 37.30 रुपये तय हुए हैं।
इन रेटों के अलावा 16.36 रुपये प्रति किलोमीटर सरकार बतौर अतिरिक्त लागत वहन करेगी। इसमें कंडेक्टर की सैलेरी, सुपरवाइजर ट्रैफिक, मैनेजमेंट, टोल टैक्स, अड्डा पार्किंग फीस, स्पेशल रोड टैक्स, डायरेक्शन चार्ज, हेडक्वार्टर एक्सपेंस, परमिट, रेंट, आडिट फीस समेत अन्य खर्च शामिल है।
इस अतिरिक्त खर्च के बाद हायर की जाने वाली प्रति प्राइवेट बसों का प्रति किलोमीटर डिपोवाइज रेट 47.37 रुपये, 50.66 रुपये, 51.01 रुपये, 51.11 रुपये, 52.01 रुपये, 52.11 रुपये, 52.45 रुपये, 52.66 रुपये, 52.76 रुपये, 52.86 रुपये, 52.96 रुपये, 53.11 रुपये, 53.16 रुपये, 53.26 रुपये, 53.46 रुपये, 53.60 रुपये व 53.66 रुपये तय हुआ है। जबकि रोडवेज की सरकारी बसें पूरे प्रदेश में एक ही लागत खर्च करीब 47.53 रुपये प्रति बस प्रति किलोमीटर पर दौड़ती है। जो कि प्राइवेट बसों को दिए गए रेट से लगभग 5 रुपये कम है। यानी विभिन्न रूटों पर सरकार अत्यधिक लागत खर्च पर प्राइवेट बसें दौड़ाएंगी।