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हाईकोर्ट ने बेटियों को दिया झटका, 90 साल की मां का ध्यान नहीं रखने पर गंवानी पड़ी प्रॉपर्टी
Wed, 18 Sep 2019 09:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 18 Sep 2019 09:14 AM IST
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हाईकोर्ट
- फोटो : SELF
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नब्बे साल की मां ने अपनी दो बेटियों के नाम अपनी प्रॉपर्टी कर दी और नतीजा यह हुआ कि वह दाने- दाने को मोहताज हो गई। लालच बेटियों को भारी पड़ा और मेंटेनेंस ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट के तहत ट्रांसफर डीड रद्द कर दी गई।
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हाईकोर्ट ने भी इस फैसले पर अपनी मुहर लगाते हुए दोनों बेटियों की अपील खारिज कर दी। मामला फाजिल्का का है जहां एक 90 साल की वृद्ध महिला रहती थी। जब तक उसने प्रॉपर्टी अपनी बेटियों के नाम नहीं की थी तब तक उसकी बेटियां आकर उससे मिलती थीं और इलाज व अन्य खर्च केलिए पैसे भी देती थीं।
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इसी बीच महिला ने अपनी बेटियों के प्रति प्यार में अपनी जमीन व अन्य प्रॉपर्टी 65 और 73 साल की दो बेटियों के नाम कर दी। इसके बाद से उन्होंने उसके पास आना छोड़ दिया और किसी भी प्रकार का खर्च देने से भी इनकार कर दिया। इसके चलते महिला दाने- दाने को मोहताज हो गई।
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तब मेंटेनेंस ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट के तहत शिकायत देकर प्रॉपर्टी की ट्रांसफर डीड रद्द करने की अपील की गई। ट्रांसफर डीड रद्द करने से इनकार करते हुए दोनों बेटियों को मां को दो हजार रुपये महिला गुजारा भत्ता देने के आदेश जारी किए गए।
इस आदेश के खिलाफ महिला ने अपील की और अपीलेट अथॉरिटी ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाते हुए ट्रांसफर डीड रद्द कर दी। इस फैसले के खिलाफ दोनों बहनों ने हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के पास अपील की जिसे बेंच ने खारिज कर दिया। मामला खंडपीठ के समक्ष पहुंचा तो खंडपीठ ने यह स्पष्ट कर दिया कि मां का खयाल नहीं रखने वाली बेटियों को राहत नहीं दी जा सकती।