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बंसल बोले, हाईकमान का भरोसा बनाए रखूंगा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 14 Mar 2014 09:57 AM IST
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7वीं बार लोकसभा चुनाव का टिकट मिलने पर पवन बंसल ने कांग्रेस हाईकमान को भरोसा बनाए रखने का विश्वास जताया है।
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गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से चंडीगढ़ से कांग्रेस के उम्मीदवार के नाम पर सस्पेंस चला आ रहा था। बीते दिन की शाम को यह सस्पेंस खत्म हो गया और कांग्रेस ने पवन बसंल के चुनाव टिकट को हरी झंडी दिखा दी। कांग्रेस ने बीते दिन 71 उम्मीदवारों के नाम की दूसरी सूची जारी की, जिसमें चंडीगढ़ से पवन कुमार बंसल का नाम भी है।
कांग्रेस ने मौजूदा सांसद पवन कुमार बंसल पर ही भरोसा जताते हुए उन्हें चंडीगढ़ से सातवीं बार लोकसभा चुनाव के लिए टिकट दिया है।
ऐसे में बंसल सातवीं बार चंडीगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। पहली बार उन्होंने 1991 में चंडीगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ा था। बंसल को टिकट मिलने की घोषणा होते ही शहर के कांग्रेसी नेताओं में खुशी की लहर है।
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कई कांग्रेसी नेता बंसल के सेक्टर-28 स्थित निवास पर पहुंच गए। हालांकि, बंसल दिल्ली में थे। ध्यान रहे कि केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने चंडीगढ़ से चुनाव लड़ने में इच्छा जताई थी।
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बंसल का नाम चार दिन पहले सीईसी की बैठक में क्लीयर कर दिया गया था। जैसे ही उनका नाम क्लीयर हुआ था बंसल के समर्थकों ने उनके घर में जश्न मनाया था और लड्डू तक बांट दिए थे। हालांकि, उस दिन शाम को बंसल का नाम घोषित नहीं हो सका था।
यही वजह है कि वीरवार को बंसल का नाम घोषित होने के बाद उनके निवास स्थान पर कोई बड़ा जश्न नहीं मना।
पहली बार चंडीगढ़ से बंसल के अलावा कांग्रेस के पांच और उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी जताई थी। इनमें कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह लक्की ने बाद में बंसल के समर्थन में अपना नाम वापस ले लिया था।
इनके अलावा चंडीगढ़ के पूर्व डिप्टी मेयर भूपेंद्र सिंह बडहेरी, पूर्व पार्षद चंद्रमुखी शर्मा, चमन लाल शर्मा और केवल राम ने भी चंडीगढ़ से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने की दिलचस्पी दिखाई थी।
हालांकि बाद में चंडीगढ़ कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक में सर्वसम्मति से बंसल के नाम पर ही सहमति बनी थी। कमेटी ने बंसल के नाम की सिफारिश के साथ स्क्रीनिंग कमेटी के पास बाकी के पांच उम्मीदवारों के नाम भी भेजे थे।
चार बार रहे हैं सांसद
बंसल चार बार चंडीगढ़ के सांसद रह चुके हैं। वह 1999 से लगातार चंडीगढ़ के सांसद हैं। 1999 में चुनाव जीतने के बाद उन्होंने 2004 और 2009 में भी चंडीगढ़ से लोकसभा चुनाव जीता था।
इससे पहले वह 1991 में भी चुनाव जीते थे। हालांकि 1996 और 1998 में वह चुनाव हार गए थे। इससे पहले बंसल 1984 से 1990 तक राज्य सभा के सदस्य भी रहे थे।
पवन कुमार बंसल ने कहा कि मुझे खुशी है कि हाईकमान में मुझ पर भरोसा जताते हुए मुझे टिकट दी है। मैं इस भरोसे को बनाए रखूंगा। शनिवार को चंडीगढ़ पहुंच कर आगे का कार्यक्रम तय करूंगा।