लोकसभा चुनाव 2019: हरियाणा में 12 मई को डेढ़ करोड़ करेंगे मतदान, उम्मीदवारों को मिले 62 दिन
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हरियाणा में आम चुनाव 2019 के लिए छठे चरण में 12 मई को मतदान होगा। वहीं चुनाव की तारीखों का एलान करने के साथ ही प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है। आचार संहिता प्रभावी होने के कारण प्रदेश में नए कामों, नई घोषणाओं पर ब्रेक लग गया है। अब न तो शिलान्यास होंगे, न ही सरकार कोई उद्घाटन कर पाएगी। जनता को मतदान के मद्देनजर प्रभावित करने वाला भी कोई फैसला सरकार नहीं कर पाएगी। अब तबादले और नियुक्तियां भी चुनाव आयोग के निर्देशानुसार होंगी। नई भर्ती नहीं हो सकेगी। पहले से चल रही भर्तियां जारी रहेंगी। वहीं उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई झेलनी होगी।
जानकारी के मुताबिक, हरियाणा प्रदेश के करीब 1 करोड़ 74 लाख 48 हजार 293 से अधिक मतदाता दस लोकसभा सीटों पर चुनावी दंगल में उतरने वाले उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। अभी मतदाताओं की संख्या और बढ़ेगी, क्योंकि चुनाव की अधिसूचना जारी होने के दस दिन पहले तक अपंजीकृत व्यक्ति वोट बनवा सकते हैं। उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार व तैयारियों के लिए 62 दिन का समय मिला है।
बीएसएफ की तीन कंपनियों ने चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य के बॉर्डर एरिया में मोर्चा संभाल लिया है। चुनाव संपन्न कराने के लिए अर्ध सैनिक बलों की कंपनियां अलग से आएंगी। प्रदेश सरकार ने केंद्र से अर्ध सैनिक बलों की 200 कंपनियां मांगी हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में अर्ध सैनिक बलों की 74 कंपनियां प्रदेश सरकार को मिली थीं।
महिलाओं की तुलना में पुरुष मतदाता अधिक
हरियाणा में पहली जनवरी 2019 को आधार मानकर 31 जनवरी 2019 को अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची के अनुसार 1,74,48,293 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें पुरुष मतदाता 93,97,153 हैं और महिला मतदाता 80,51,140 हैं। ईपीआईसी शत प्रतिशत मतदाताओं को जारी किए गए हैं। फोटो मतदाताओं की कवरेज भी 100 प्रतिशत है। वर्तमान में राज्य में 19,425 मतदान केंद्र हैं, जिसमें से 5,494 शहरी और 13,931 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। वर्तमान में कोई सहायक मतदान केंद्र नहीं है, 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्र पर सहायक केंद्र बनाए जाएंगे, ताकि मतदान तय समय में संपन्न कराया जा सके। सभी मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी।
एम-3 ईवीएम से होंगे चुनाव
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजीव रंजन ने प्रेसवार्ता में बताया कि राज्य में आधुनिक मॉडल की एम-3 ईवीएम को वीवीपीएटी के साथ सभी मतदान केंद्रों पर प्रयोग किया जाएगा। ईवीएम मशीन के प्रयोग के संबंध में राजनीतिक दलों व लोगों को जागरूक करने के लिए सभी रिटर्निंग अधिकारियों व जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।
ये ईवीएम के संचालन व पूरी तरह से फिटनेस के बारे में मार्गदर्शन करेंगे। चुनाव आयोग के अनुसार दो स्तर पर ईवीएम की रैंडमाईजेशन का कार्य होगा, जिसमें पहले स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में और दूसरा पर्यवेक्षकों, उम्मीदवारों या उनके चुनाव एजेंट की उपस्थिति में होगा।
पहली बार वीवीपीएटी मशीन का इस्तेमाल
लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही सभी विभागों, उपायुक्तों और राजनीतिक दलों के साथ-साथ प्रशासनिक सचिवों को आचार संहिता का कड़ाई से पालन के बारे में निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य में पहली बार वीवीपीएटी प्रणाली का उपयोग सभी 10 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में किया जाएगा। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान वीवीपीएटी का उपयोग 13-थानेसर (कुरुक्षेत्र), 21-करनाल, 25-पानीपत, 31-सोनीपत, 62-रोहतक और 77-गुरुग्राम में किया गया था। ईवीएम मशीन पर संदेह होने की स्थिति में मतदाता वीवीपीएटी मशीन के माध्यम से अपना वोट चेक कर सकता है। रिटर्निंग ऑफिसर मशीन से उसे प्रिंटिंग स्लिप निकालकर देंगे, जिससे पता चल जाएगा कि मतदाता ने किसे वोट दिया है।