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केंद्र सरकार में हरियाणा के तीन नेताओं को मिल सकता है मंत्री पद, जानिए कैसे और इनके नाम
Sat, 25 May 2019 12:09 PM IST
खुशबू गोयल
जीतेंद्र जीत, अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
जीतेंद्र जीत, अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 25 May 2019 12:09 PM IST
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नरेंद्र मोदी-अमित शाह
- फोटो : PTI
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भारतीय जनता पार्टी के नए गठित होने वाले मंत्रिमंडल में हरियाणा के तीन सांसदों की लॉटरी लग सकती है, उन्हें मंत्री पद हासिल हो सकता है। इस बार राव इंद्रजीत और कृष्ण पाल गुर्जर का टिकट कट भी सकता है और तीनों नए सांसद मंत्री पद पा सकते हैं। पिछली बार प्रदेश की 7 सीटें जीतने पर पार्टी आलाकमान ने 2 सांसदों को मंत्रिमंडल में शामिल किया था। इसके अलावा राज्यसभा में पहुंचे बीरेंद्र सिंह को अलग से मंत्री बनाया गया था। पिछली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रदेश से तीन सांसद शामिल थे।
इस बार प्रदेश की सभी 10 सीटें भी भाजपा की झोली में गई हैं और अगले चार माह बाद विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में पूरी-पूरी संभावना है कि विधानसभा परिणामों को अपने हक में करने के लिए भाजपा आलाकमान 10 में से तीन सांसदों को मंत्रिमंडल में शामिल कर सकता है। सूत्रों के अनुसार इस बार राव राव इंद्रजीत और कृष्ण पाल गुर्जर का मंत्री पद से नाम कट सकता है और विधानसभा का समीकरण बनाने के लिए तीन नए सांसदों को मौका मिल सकता है।
इनमें प्रदेश में जीत के अंतर का रिकॉर्ड कायम करने वाले करनाल से सांसद चुनकर आए संजय भाटिया की भी लॉटरी लग सकती है। बेदाग छवि, सीएम सिटी से सांसद बनना और संगठन में मजबूत स्थिति उनके पक्ष को मजबूत बनाती है। यदि प्रदेश के जातिगत समीकरणों का आकलन किया जाए तो सिरसा से सांसद सुनीता दुग्गल, कुरुक्षेत्र से नायब सैनी और हिसार से बृजेंद्र सिंह को मौका मिल सकता है। भाजपा के नए 10 सांसदों में से दो पंडित, दो जाट, दो अनुसूचित जाति, तीन बैकवर्ड क्लास (गुर्जर, सैनी, यादव) और एक सामान्य वर्ग (पंजाबी) से है।
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इस बार प्रदेश की सभी 10 सीटें भी भाजपा की झोली में गई हैं और अगले चार माह बाद विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में पूरी-पूरी संभावना है कि विधानसभा परिणामों को अपने हक में करने के लिए भाजपा आलाकमान 10 में से तीन सांसदों को मंत्रिमंडल में शामिल कर सकता है। सूत्रों के अनुसार इस बार राव राव इंद्रजीत और कृष्ण पाल गुर्जर का मंत्री पद से नाम कट सकता है और विधानसभा का समीकरण बनाने के लिए तीन नए सांसदों को मौका मिल सकता है।
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इनमें प्रदेश में जीत के अंतर का रिकॉर्ड कायम करने वाले करनाल से सांसद चुनकर आए संजय भाटिया की भी लॉटरी लग सकती है। बेदाग छवि, सीएम सिटी से सांसद बनना और संगठन में मजबूत स्थिति उनके पक्ष को मजबूत बनाती है। यदि प्रदेश के जातिगत समीकरणों का आकलन किया जाए तो सिरसा से सांसद सुनीता दुग्गल, कुरुक्षेत्र से नायब सैनी और हिसार से बृजेंद्र सिंह को मौका मिल सकता है। भाजपा के नए 10 सांसदों में से दो पंडित, दो जाट, दो अनुसूचित जाति, तीन बैकवर्ड क्लास (गुर्जर, सैनी, यादव) और एक सामान्य वर्ग (पंजाबी) से है।
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जातिगत समीकरण इनको दिला सकते हैं मंत्री पद
लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जाटलैंड (रोहतक, झज्जर, सोनीपत) को फतह करने के लिए गैर जाट को उतारकर भी किला फतह कर लिया। अब विधानसभा चुनाव में इस किले को बरकरार रखने के लिए इनमें से एक को मंत्रिमंडल में रखा जा सकता है। सोनीपत में भूपेंद्र हुड्डा को मात देने वाले रमेश कौशिक और रोहतक में दीपेंद्र हुड्डा को हराने वाले अरविंद शर्मा में से अरविंद को मौका मिल सकता है, क्योंकि रोहतक की सीट में जाटलैंड का ज्यादा क्षेत्र आता है। प्रदेश के जाटों को वोट बैंक में बनाए रखने के लिए धर्मबीर सिंह और बृजेंद्र सिंह में से एक को मौका मिल सकता है।
इसमें हिसार से जीतकर आए बृजेंद्र का पलड़ा भारी दिखाई देता है, क्योंकि वे आईएएस के पद से इस्तीफा देकर आए हैं और भाजपा ने हिसार की सीट पर इतिहास में पहली बाहर जीत दर्ज की है। इसी प्रकार अनुसूचित जाति से दो सांसद सिरसा से सुनीता दुग्गल और अंबाला से रतन लाल कटारिया बने हैं। इस जाति की वोटों को साधने के लिए यदि एक सांसद को मौका दिया गया तो उसमें सुनीता दुग्गल का नाम शामिल किया जा सकता है। वे आईआरएस अधिकारी रहीं हैं।
इसमें हिसार से जीतकर आए बृजेंद्र का पलड़ा भारी दिखाई देता है, क्योंकि वे आईएएस के पद से इस्तीफा देकर आए हैं और भाजपा ने हिसार की सीट पर इतिहास में पहली बाहर जीत दर्ज की है। इसी प्रकार अनुसूचित जाति से दो सांसद सिरसा से सुनीता दुग्गल और अंबाला से रतन लाल कटारिया बने हैं। इस जाति की वोटों को साधने के लिए यदि एक सांसद को मौका दिया गया तो उसमें सुनीता दुग्गल का नाम शामिल किया जा सकता है। वे आईआरएस अधिकारी रहीं हैं।
बैकवर्ड क्लास से एक मंत्री, राव का नाम हटाना, मुश्किल
बैकवर्ड क्लास से भाजपा के पास प्रदेश से तीन सांसद जीत कर आए हैं। इनमें फरीदाबाद से कृष्णपाल गुर्जर, गुरुग्राम से राव इंद्रजीत सिंह और कुरुक्षेत्र से नायब सैनी शामिल हैं। इनमें से किसी एक को ही मौका मिल सकता है। एनसीआर क्षेत्र के गुर्जर और राव इंद्रजीत पहले भी मंत्रिमंडल में शामिल रहे हैं और उनका नाम इस बार कटने की संभावना है।
अतः इस नजरिए से कुरुक्षेत्र के नायब सैनी का नाम अव्वल माना जा सकता है, लेकिन राव का मंत्री पद से नाम काटना फिलहाल भाजपा को संकट में भी डाल सकता है, क्योकि राव इंद्रजीत जिस क्षेत्र में वर्चस्व रखते हैं, उसमें विधानसभा की 15 सीटें आती हैं। ऐसे में भाजपा राव का मंत्री पद से नाम हटाने का रिस्क नहीं ले सकती। ऐसे में नायब सैनी और सुनीता दुग्गल में से एक का केंद्र में मंत्री बनना फिलहाल रह सकता है।
अतः इस नजरिए से कुरुक्षेत्र के नायब सैनी का नाम अव्वल माना जा सकता है, लेकिन राव का मंत्री पद से नाम काटना फिलहाल भाजपा को संकट में भी डाल सकता है, क्योकि राव इंद्रजीत जिस क्षेत्र में वर्चस्व रखते हैं, उसमें विधानसभा की 15 सीटें आती हैं। ऐसे में भाजपा राव का मंत्री पद से नाम हटाने का रिस्क नहीं ले सकती। ऐसे में नायब सैनी और सुनीता दुग्गल में से एक का केंद्र में मंत्री बनना फिलहाल रह सकता है।