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लोकसभा चुनाव 2019 से पहले शिअद को आई भाजपा की याद, पहली बार दोनों दलों की सांझी मीटिंग
Mon, 11 Mar 2019 05:30 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 11 Mar 2019 05:30 PM IST
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Sukhbir Badal
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लोकसभा चुनाव से पहले आखिर शिरोमणि अकाली दल को पंजाब में अपने जूनियर गठबंधन पार्टनर भाजपा की याद आई। गठबंधन के इतिहास में पहली बार दोनों दलों के जिला प्रधानों की सांझी बैठक हुई। पहली बार शिअद नेतृत्व ने भाजपा मुख्यालय में जाकर बैठक की। 10 साल तक सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा के नेता हमेशा यही आरोप लगाते रहे हैं कि उनकी अपनी ही सरकार में सुनवाई नहीं होती है।
भाजपा के मंत्रियों का यही हाल था, जिलास्तरीय वर्कर तो बेहद निराश ही रहा था। यह फीडबैक भाजपा हाईकमान के पास भी था। पिछले दिनों दोनों पार्टियों के नेताओं की बैठक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ हुई थी। चुनावी रणनीति के माहिर शाह जानते थे कि अगर निचले स्तर पर तालमेल न हुआ जीत मुश्किल है।
इसलिए उन्होंने शिअद नेतृत्व को साफ शब्दों में कहा था कि जिला स्तर पर दोनों पार्टियों के बीच तालमेल यकीनी बनाया जाना चाहिए। इसी का असर था कि पहली बार भाजपा मुख्यालय में दोनों जिला प्रधानों की बैठक हुई, जिसमें प्रदेश पदाधिकारी भी शामिल हुए। शिअद प्रधान सुखबीर बादल और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक ने सभी को तालमेल का पाठ पढ़ाया।
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इस दौरान दोनों दलों के जिला प्रधानों की कोऑर्डिनेशन कमेटियां गठित करने का एलान कर दिया गया। जो साप्ताहिक बैठक कर चुनावी तैयारी की समीक्षा करेंगी। यह भी फैसला किया गया कि सभी 13 सीटों पर गठबंधन की सांझी कैंपेन चलेगी। इससे पहले भाजपा अपनी तीन सीटों पर जोर लगाती थी, शिअद का जोर अपनी दस सीटों पर रहता था।
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भाजपा के मंत्रियों का यही हाल था, जिलास्तरीय वर्कर तो बेहद निराश ही रहा था। यह फीडबैक भाजपा हाईकमान के पास भी था। पिछले दिनों दोनों पार्टियों के नेताओं की बैठक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ हुई थी। चुनावी रणनीति के माहिर शाह जानते थे कि अगर निचले स्तर पर तालमेल न हुआ जीत मुश्किल है।
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इसलिए उन्होंने शिअद नेतृत्व को साफ शब्दों में कहा था कि जिला स्तर पर दोनों पार्टियों के बीच तालमेल यकीनी बनाया जाना चाहिए। इसी का असर था कि पहली बार भाजपा मुख्यालय में दोनों जिला प्रधानों की बैठक हुई, जिसमें प्रदेश पदाधिकारी भी शामिल हुए। शिअद प्रधान सुखबीर बादल और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक ने सभी को तालमेल का पाठ पढ़ाया।
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इस दौरान दोनों दलों के जिला प्रधानों की कोऑर्डिनेशन कमेटियां गठित करने का एलान कर दिया गया। जो साप्ताहिक बैठक कर चुनावी तैयारी की समीक्षा करेंगी। यह भी फैसला किया गया कि सभी 13 सीटों पर गठबंधन की सांझी कैंपेन चलेगी। इससे पहले भाजपा अपनी तीन सीटों पर जोर लगाती थी, शिअद का जोर अपनी दस सीटों पर रहता था।
राज्यस्तर पर कोऑर्डिनेशन कमेटी गठित
इससे पहले पंजाब के चुनावी प्रभारी कैप्टन अभिमन्यु के निवास पर भाजपा कोर ग्रुप की बैठक हुई। जिसमें यह फैसला किया गया कि भाजपा के कोटे की तीन सीटों पर केंद्रीय संसदीय बोर्ड ही फैसला करेगा। पंजाब इकाई चुनाव प्रचार के लिए शिअद के साथ बेहतर तालमेल पर जोर देगी। जिसके लिए राज्यस्तरीय तालमेल कमेटी बनाने का फैसला किया गया। हालांकि भाजपा की ओर से सिर्फ प्रदेश महासचिव राकेश राठौर का नाम फाइनल हो सका। वहीं, शिअद ने डॉ. दलजीत चीमा का नाम दिया। इसमें तीन सदस्य और लिए जाएंगे।
राज्यपाल को दिया ज्ञापन
कैप्टन अभिमन्यु के आवास पर बैठक के बाद शिअद-भाजपा ने राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को ज्ञापन दिया। जिसमें कहा गया है कि लोकतंत्र व लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा की जाए। कांग्रेस द्वारा बहबल कलां कांड में बदले की भावना से की जा रही जांच को तुरंत बंद करने के आदेश दिए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जांच का सियासीकरण कर रही है। गौरतलब है कि शिअद पहले ही इस संबंध में गठित एसआईटी का बायकाट कर चुकी है। पार्टी पूर्व विधायक मनतार बराड़ पर आरोप दर्ज करने का विरोध कर रही है।
राज्यपाल को दिया ज्ञापन
कैप्टन अभिमन्यु के आवास पर बैठक के बाद शिअद-भाजपा ने राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को ज्ञापन दिया। जिसमें कहा गया है कि लोकतंत्र व लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा की जाए। कांग्रेस द्वारा बहबल कलां कांड में बदले की भावना से की जा रही जांच को तुरंत बंद करने के आदेश दिए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जांच का सियासीकरण कर रही है। गौरतलब है कि शिअद पहले ही इस संबंध में गठित एसआईटी का बायकाट कर चुकी है। पार्टी पूर्व विधायक मनतार बराड़ पर आरोप दर्ज करने का विरोध कर रही है।