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लोकसभा चुनाव: दिग्गजों की ना ने बढ़ाई कांग्रेस हाईकमान की मुश्किलें, चहेतों के लिए चाहिए टिकट
Wed, 17 Apr 2019 01:44 PM IST
खुशबू गोयल
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 17 Apr 2019 01:44 PM IST
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हरियाणा कांग्रेस सदस्य
- फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा में कांग्रेस दिग्गजों का चुनाव लड़ने से पीछे हटना पार्टी हाईकमान के लिए मुसीबत बन गया है। ये सभी अपने चहेतों के लिए चुनाव टिकट चाहते हैं। करनाल, सोनीपत, हिसार और कुरुक्षेत्र में प्रत्याशी तय करने में कांग्रेस को खासी दिक्कत आ रही है।
हरियाणा में कांग्रेस दिग्गजों का चुनाव लड़ने से पीछे हटना पार्टी हाईकमान के लिए मुसीबत बन गया है। ये सभी अपने चहेतों के लिए चुनाव टिकट चाहते हैं। करनाल, सोनीपत, हिसार और कुरुक्षेत्र में प्रत्याशी तय करने में कांग्रेस को खासी दिक्कत आ रही है।
करनाल में विधायक व पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा चुनाव लड़ने से खुद पीछे हट चुके हैं। वह अपने बेटे चाणक्य शर्मा के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। यहां से मराठा वीरेंद्र वर्मा और सचिन कुंडू भी दावेदार हैं। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा सचिन कुंडू को टिकट दिलाने के लिए जोर लगा रहे हैं।
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कुरुक्षेत्र में नवीन जिंदल चुनाव लड़ने के लिए ना-नुकर कर रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस यहां से कैलाशो सैनी और पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के नाम पर विचार कर रही है। निर्मल सिंह दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। जिंदल को मनाने के लिए खुद राहुल गांधी भी उनसे बातचीत करने वाले हैं।
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हरियाणा में कांग्रेस दिग्गजों का चुनाव लड़ने से पीछे हटना पार्टी हाईकमान के लिए मुसीबत बन गया है। ये सभी अपने चहेतों के लिए चुनाव टिकट चाहते हैं। करनाल, सोनीपत, हिसार और कुरुक्षेत्र में प्रत्याशी तय करने में कांग्रेस को खासी दिक्कत आ रही है।
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करनाल में विधायक व पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा चुनाव लड़ने से खुद पीछे हट चुके हैं। वह अपने बेटे चाणक्य शर्मा के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। यहां से मराठा वीरेंद्र वर्मा और सचिन कुंडू भी दावेदार हैं। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा सचिन कुंडू को टिकट दिलाने के लिए जोर लगा रहे हैं।
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कुरुक्षेत्र में नवीन जिंदल चुनाव लड़ने के लिए ना-नुकर कर रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस यहां से कैलाशो सैनी और पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के नाम पर विचार कर रही है। निर्मल सिंह दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। जिंदल को मनाने के लिए खुद राहुल गांधी भी उनसे बातचीत करने वाले हैं।
हिसार में पूर्व सांसद व विधायक कुलदीप बिश्नोई चुनाव मैदान में नहीं उतरना चाह रहे हैं। वह अपने बेटे भव्य बिश्नोई के लिए टिकट की जोरदार पैरवी करने में जुटे हैं। कांग्रेस आलाकमान कुलदीप को चुनाव लड़ाना चाह रहा है, जिसके लिए उनसे भी खुद राहुल को बातचीत करनी है। सोनीपत में कांग्रेस को कोई मजबूत उम्मीदवार नहीं दिख रहा। इसलिए इस सीट से भूपेंद्र हुड्डा का भी नाम चला था।
हुड्डा हालांकि बीते दिनों प्रेस कांफ्रेंस में यह साफ कर चुके हैं कि उनकी चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं है, मगर हाईकमान ने कहा तो पीछे नहीं हटूंगा। सूत्र कहते हैं कि हुड्डा खुद के बजाए पत्नी आशा हुड्डा को चुनावी रण में उतारने के ज्यादा इच्छुक हैं। यही कारण है कि इन चारों सीटों पर कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति नाम फाइनल नहीं कर पाई है।
अब राहुल के हाथ में फैसला
राहुल गांधी चारों सीटों पर प्रत्याशियों के नाम पर संशय की स्थिति होने के कारण मुहर नहीं लगा पा रहे हैं। उन्होंने अब खुद अपने हाथ में इन चारों सीटों पर नाम तय करने का मोर्चा संभाला है। उनकी टीम चारों सीटों पर जिताऊ प्रत्याशियों के नाम टटोल रही है। सूत्रों के अनुसार] उनकी जल्दी हरियाणा कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से बैठक होनी है।
इससे पहले वह नवीन जिंदल और कुलदीप बिश्नोई से भी बातचीत कर लेंगे। इसी बैठक में चुनाव लड़ने के इच्छुक और न लड़ने के इच्छुक और वैकल्पिक नामों पर भी विचार होगा। उसके बाद एक-दो दिन में सूची जारी की जा सकती है। अब नामों की जल्द घोषणा इसलिए भी जरूरी हो गई है, चूंकि 16 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। 23 अप्रैल तक ही उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर पाएंगे। इसलिए राहुल गांधी जल्दी उम्मीदवारों के नाम फाइनल कर सकते हैं।
हुड्डा हालांकि बीते दिनों प्रेस कांफ्रेंस में यह साफ कर चुके हैं कि उनकी चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं है, मगर हाईकमान ने कहा तो पीछे नहीं हटूंगा। सूत्र कहते हैं कि हुड्डा खुद के बजाए पत्नी आशा हुड्डा को चुनावी रण में उतारने के ज्यादा इच्छुक हैं। यही कारण है कि इन चारों सीटों पर कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति नाम फाइनल नहीं कर पाई है।
अब राहुल के हाथ में फैसला
राहुल गांधी चारों सीटों पर प्रत्याशियों के नाम पर संशय की स्थिति होने के कारण मुहर नहीं लगा पा रहे हैं। उन्होंने अब खुद अपने हाथ में इन चारों सीटों पर नाम तय करने का मोर्चा संभाला है। उनकी टीम चारों सीटों पर जिताऊ प्रत्याशियों के नाम टटोल रही है। सूत्रों के अनुसार] उनकी जल्दी हरियाणा कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से बैठक होनी है।
इससे पहले वह नवीन जिंदल और कुलदीप बिश्नोई से भी बातचीत कर लेंगे। इसी बैठक में चुनाव लड़ने के इच्छुक और न लड़ने के इच्छुक और वैकल्पिक नामों पर भी विचार होगा। उसके बाद एक-दो दिन में सूची जारी की जा सकती है। अब नामों की जल्द घोषणा इसलिए भी जरूरी हो गई है, चूंकि 16 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। 23 अप्रैल तक ही उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर पाएंगे। इसलिए राहुल गांधी जल्दी उम्मीदवारों के नाम फाइनल कर सकते हैं।