पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा को मिली करारी हार, अंबाला से रतनलाल दोबारा बने सांसद
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जैसी उम्मीद थी, वैसा कुछ नहीं हुआ। माना जा रहा था कि अंबाला लोकसभा सीट पर भाजपा व कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर होगी। मगर भाजपा प्रत्याशी रतनलाल कटारिया ने कांग्रेस प्रत्याशी कुमारी सैलजा को 3,40,760 वोटों के बड़े अंतर से हराकर जीत को एकतरफा कर दिया। 2014 के चुनाव में भी कटारिया ने कांग्रेस के राजकुमार को 3,40,074 वोटों से मात दी थी। हालांकि यह परिणाम फाइनल नहीं है।
कैंट के एसडी कॉलेज में जिलेभर की बैलेट वोटों की गिनती देर रात तक की जा रही थी और उनके पूरा होने पर ही सटीक आंकड़े सामने आएंगे। चुनाव से पहले वोटरों ने कटारिया का कुछ जगहों पर जरूर विरोध किया था लेकिन कटारिया ने खुद को साबित किया है।
भाजपा ने लगातार पांचवीं बार कटारिया को टिकट दिया था। वर्ष 1999 से अंबाला का टिकट भाजपा से रतन के खाते में ही जा रहा है। मतगणना के दौरान सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को बढ़त मिली है।
2014 की अपेक्षा 1.32 लाख अधिक मिले मत
रतनलाल कटारिया को इस बार 7,44,438 तो कांग्रेस प्रत्याशी कुमारी सैलजा को 4,03678 मत मिले हैं। वहीं वर्ष 2014 के चुनाव में कटारिया को 6,12,121 मत मिले थे। उन्होंने कांग्रेस के राजकुमार वाल्मीकि को 3,40,074 मतों से हराया था। यानी इस बार कटारिया को पिछली बार से भी 1,32,317 वोट अधिक मिले हैं।
ये हैं चारों विधानसभा की स्थिति
अंबाला जिले में अंबाला कैंट, अंबाला सिटी, नारायणगढ़ और मुलाना विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना सुबह आठ बजे सुरक्षा शुरू हो गई थी। अंबाला शहर विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी प्रत्याशी रतनलाल कटारिया को 90,316 मत मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी सैलजा को 55,715 मत मिले।
इसी प्रकार अंबाला छावनी में कटारिया को 72,212 वोट मिले। वहीं सैलजा को 42,229 वोट मिले। संसदीय क्षेत्र के नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कटारिया को 66602 मत तो सैलजा को 42805 मत मिले। इसी प्रकार मुलाना विधानसभा क्षेत्र में कटारिया को 79065 वोट तो सैलजा को 43233 वोट मिले।
अब तक कांग्रेस का रहा है दबदबा
आजादी के बाद अंबाला लोकसभा सीट पर शुरू से ही कांग्रेस का दबदबा रहा है। अब तक 16 लोकसभा चुनाव में नौ बार कांग्रेस के प्रत्याशियों ने यहां बाजी जीती है, जबकि बीजेपी को भी पांच बार यहां से सफलता मिली है। एक-एक बार जनता पार्टी (1977) और बसपा (1998) ने जीत हासिल की है।
बीजेपी के सूरजभान (1967, 1977, 1980 व 1996) और कांग्रेस के रामप्रकाश (1971, 1984, 1989 व 1991) यहां से चार-चार बार प्रतिनिधि चुनकर लोकसभा में गए। कांग्रेस के चुन्नी लाल (1951 व 1962) और कुमारी सैलजा (2004 व 2009) और बीजेपी के रतनलाल कटारिया (1999 व 2014) भी दो-दो बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का गौरव हासिल हो चुका है।