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लोकसभा चुनाव: 2014 में पंजाब की आधी सीटों पर रही थी कांटे की टक्कर, कुछ ऐसे थे जीत के आंकड़े
Thu, 11 Apr 2019 01:31 PM IST
खुशबू गोयल
सुशील कुमार, अमर उजाला, सुनाम ऊधम सिंह वाला(संगरूर)
सुशील कुमार, अमर उजाला, सुनाम ऊधम सिंह वाला(संगरूर)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 11 Apr 2019 01:31 PM IST
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इस बार भी मुकाबले के कडे़ होने के आसार नजर आ रहे हैं। नए सियासी दलों के चुनाव मैदान में आने से वोट विभाजन का दायरा बढ़ने की संभावना है। पिछले चुनाव में बठिंडा सीट से अकाली भाजपा गठबंधन की टिकट पर चुनाव लड़ने वाली केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, होशियारपुर से भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला, पटियाला से आप के धर्मवीर गांधी और लुधियाना सीट से कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू कांटे की टक्कर में अपनी सीटें बचाने में सफल रहे थे।
बठिंडा सीट पर हरसिमरत कौर बादल का सीधा मुकाबला अपने देवर मनप्रीत सिंह बादल से था और वह 1.65 फीसदी के अंतर से चुनाव जीत पाई थीं। पटियाला से आप के धर्मवीर गांधी का मुकाबला कांग्रेस की परनीत कौर और अकाली दल के दीपइंदर सिंह के साथ था। त्रिकोणीय मुकाबले में धर्मवीर गांधी महज 1.87 फीसदी के अंतर से चुनाव जीते थे। होशियारपुर से विजय सांपला 1.41 फीसदी के अंतर से चुनाव जीते थे। उन्हें कांग्रेस के मोहिंदर सिंह से कड़ी चुनौती मिली थी।
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बठिंडा सीट पर हरसिमरत कौर बादल का सीधा मुकाबला अपने देवर मनप्रीत सिंह बादल से था और वह 1.65 फीसदी के अंतर से चुनाव जीत पाई थीं। पटियाला से आप के धर्मवीर गांधी का मुकाबला कांग्रेस की परनीत कौर और अकाली दल के दीपइंदर सिंह के साथ था। त्रिकोणीय मुकाबले में धर्मवीर गांधी महज 1.87 फीसदी के अंतर से चुनाव जीते थे। होशियारपुर से विजय सांपला 1.41 फीसदी के अंतर से चुनाव जीते थे। उन्हें कांग्रेस के मोहिंदर सिंह से कड़ी चुनौती मिली थी।
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लुधियाना में वोटों के चार भागों में विभाजित होने के चलते कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू सिर्फ 27 फीसदी वोट लेकर 1.79 फीसदी के अंतर से चुनाव जीत गए थे। यहां आप को पच्चीस फीसदी, अकाली दल को 23 फीसदी व लोक इंसाफ पार्टी को करीब 20 फीसदी वोट मिले थे। फिरोजपुर सीट से अकाली दल के शेर सिंह घुबाया 2.84 फीसदी वोट के अंतर से कांग्रेस के सुनील जाखड़ को हराने में सफल रहे थे। श्री आनंदपुर साहिब संसदीय क्षेत्र से अकाली दल के ही प्रोफेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने मात्र दो फीसदी के फर्क से कांग्रेस की दिग्गज नेत्री अंबिका सोनी को हराया था। यहां आप के हिम्मत सिंह को 28 फीसदी मत मिले थे।
पिछले लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी जीत संगरूर से आप के भगवंत मान के हिस्से आई थी। उन्होंने 19 फीसदी से ज्यादा अंतर से चुनाव जीता। जबकि फरीदकोट से आप ही के प्रत्याशी प्रोफेसर साधू सिंह करीब 17 फीसदी के अंतर से चुनाव जीते थे। इस बार चुनाव मैदान में दो नए दलों अकाली दल टकसाली और पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस ने हुंकार भर दी है। ऐसे हालात में पंजाब में वोटों के ज्यादा विभाजन के आसार नजर आ रहे हैं। लिहाजा आने वाला वक्त ही बताएगा कि वोटों का विभाजन किस सियासी दल पर भारी पडे़गा।
पिछले लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी जीत संगरूर से आप के भगवंत मान के हिस्से आई थी। उन्होंने 19 फीसदी से ज्यादा अंतर से चुनाव जीता। जबकि फरीदकोट से आप ही के प्रत्याशी प्रोफेसर साधू सिंह करीब 17 फीसदी के अंतर से चुनाव जीते थे। इस बार चुनाव मैदान में दो नए दलों अकाली दल टकसाली और पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस ने हुंकार भर दी है। ऐसे हालात में पंजाब में वोटों के ज्यादा विभाजन के आसार नजर आ रहे हैं। लिहाजा आने वाला वक्त ही बताएगा कि वोटों का विभाजन किस सियासी दल पर भारी पडे़गा।