फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Lok Sabha Elections 2019, haryana MPs busy in Lobbying to be part of modi government

चुनाव हो गए, अब टीम मोदी का हिस्सा बनने के लिए लॉबिंग में जुटे सांसद, सबको चाहिए ईनाम

Tue, 28 May 2019 12:19 PM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 28 May 2019 12:19 PM IST
विज्ञापन
Lok Sabha Elections 2019, haryana MPs busy in Lobbying to be part of modi government
नरेंद्र मोदी - फोटो : एएनआई
चुनाव संपन्न होने के बाद अब सभी सांसद टीम मोदी का हिस्सा बनने के लिए लॉबिंग करने में जुट गए हैं। सभी के दिल में अरमान हैं, सभी को ईनाम चाहिए। लोकसभा चुनाव 2019 संपन्न होने के बाद अब नई सरकार के गठन की तैयारियां चल रही हैं। 30 मई को नरेंद्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।
विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार-2 में कौन-कौन सांसद उनके साथ बतौर मंत्री काम करेंगे, इस पर भी हाईकमान स्तर पर मंथन चल रहा है। लेकिन हरियाणा के सांसद टीम मोदी का हिस्सा बनने को बेताब है। इसके लिए कई सांसद अपनी बंपर जीत और सीनियोरिटी को आधार बनाकर मंत्री पद के लिए लॉबिंग में जुटे हैं।
विज्ञापन


मोदी सरकार-वन में भी हरियाणा से तीन बड़े नेताओं को केंद्र की सियासत में मंत्री पद से नवाजा गया था। फरीदाबाद से सांसद कृष्णपाल गुर्जर को पूर्व सरकार में सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता विभाग का राज्यमंत्री बनाया गया था। जबकि गुरुग्राम से सांसद राव इंद्रजीत सिंह भी पूर्व सरकार में सांख्यिकी एवं योजना क्रियान्वयन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी तरह राज्यसभा सदस्य चौधरी बीरेंद्र सिंह भी पूर्व सरकार में पेयजल एवं सैनिटेशन, ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग के केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं।

कुछ को सेकंड इनिंग खेलने की, कुछ को एक मौका मिलने की चाहत

अब मोदी सरकार-2 में भी उम्मीद है कि टीम मोदी में हरियाणा के सांसदों को भी फिर से मौका मिलेगा। इसके लिए जहां पांचवीं बार विजयी हुए गुरुग्राम से सांसद राव इंद्रजीत सिंह मंत्रिपद के लिए अपना दावा मजबूत कर रहे हैं, वहीं फरीदाबाद से दूसरी बार के सांसद कृष्णपाल गुर्जर भी हाईकमान के समक्ष फिर मंत्री के लिए अपनी ताल भी ठोक रहे हैं।

दोनों ही सांसद अपनी वरिष्ठता और अनुभव को आधार बनाते हुए लॉबिंग में जुटे हैं। इस बार राज्यसभा सांसद चौधरी बीरेंद्र सिंह मंत्रिपद की रेस से बाहर है, लेकिन अपने पूर्व आईएएस और पहली बार सांसद बने पुत्र बृजेंद्र सिंह को मंत्री बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं।

चौधरी बीरेंद्र अपने राज्यसभा सदस्य पद से इस्तीफे की पेशकश करते हुए ‘अड़कर’ भाजपा हाईकमान से अपने बेटे के लिए टिकट लाए थे। अब बीरेंद्र सिंह चाहते हैं कि उनका बेटा किसी तरह केंद्र में मंत्री बने और उनकी सियासी विरासत को आगे बढ़ाए।

इसके अलावा वोट अंतराल के हिसाब से देश में दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज करने वाले करनाल से सांसद संजय भाटिया भी मंत्री पद की कतार में हैं। उन्हें मंत्री बनाने के लिए सीएम भी भरसक प्रयासों में लगे हैं।

‘दिग्गजों’ का किला ढहाने का चाहते हैं इनाम

हुड्डा पिता-पुत्र का गढ़ भेदने वाले सोनीपत से सांसद रमेश चंद्र कौशिक और रोहतक से सांसद अरविंद शर्मा ‘दिग्गजों’ का किला ध्वस्त करने का इनाम मंत्रिपद के रूप में चाहते हैं। कई बार के सांसद पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा का जाट लैंड में जबरदस्त दबदबा था, लेकिन इस बार दोनों ही हारे। इसी तरह मनोहर सरकार में राज्यमंत्री नायब सैनी अब कुरुक्षेत्र से सांसद हैं।

रतनलाल कटारिया तीसरी बार अंबाला से सांसद बने हैं। आईआरएस पद छोड़कर सुनीता दुग्गल सिरसा से सांसद चुनी गई हैं, पूर्व सीएम बंसीलाल के गढ़ में बंसीलाल की तीनों पीढ़ियों को हराने वाले धर्मबीर फिर से सांसद चुने गए हैं। ये सभी सांसद भी  लोकसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन के बूते मंत्रिपद के दावेदारों में शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed