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लोकसभा चुनाव में सरकार के राडार पर आए कई अधिकारी, नपेंगे सत्ता के खिलाफ जाने वाले अफसर
Fri, 17 May 2019 11:40 AM IST
खुशबू गोयल
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 17 May 2019 11:40 AM IST
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हरियाणा के कई आईएएस, आईपीएस और एचसीएस-एचपीएस अफसरों पर लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद तबादले की गाज गिरने वाली है। 12 मई को दस लोकसभा सीटों के लिए हुए चुनाव के दौरान अनेक अधिकारियों की भूमिका निष्पक्ष न होकर पक्षपात पूर्ण रही है। ऐसे अफसरों की रिपोर्ट भी सरकार के पास पहुंच गई है, जिन्होंने चुनाव में विरोधी दलों का साथ दिया है। इनमें जिलों में तैनात आईएएस, आईपीएस, एचसीएस और एचपीएस अफसर शामिल हैं।
मतदान संपन्न होने के बाद जैसे ही सरकार के पास अधिकारियों की रिपोर्ट पहुंची हैं, वैसे ही बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 23 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद वैसे भी सरकार को विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रशासनिक फेरबदल करना ही था, लेकिन शिकायतों के बाद अनेक अधिकारियों का सजा के तौर पर खुड्डेलाइन लगना तय है। सूत्रों के अनुसार सरकार ऐसे किसी भी अधिकारी को महत्वूपर्ण ओहदे पर नहीं रखेगी जो विपक्ष के हाथों में खेल रहा है।
ऐसे सभी अधिकारियों की सूची भी तैयार हो चुकी है। विधानसभा चुनाव से पहले सरकार धरातल पर विकास की रफ्तार और तेज करने वाली है। जनता तक प्रदेश व केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ पहुंचे, इसलिए किसी भी ऐसे अफसर को प्रमुख पद नहीं मिलेगा जो काम में रोड़े अटका सकता है। लोकसभा चुनाव के दौरान जिलों में अनेक अधिकारियों का आचरण संतोषजनक नहीं रहा है। जिसकी शिकायत सरकार के पास भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों की ओर से पहुंची है।
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शिकायतों की बकायदा जांच भी कराई गई है। पुलिस के भी अनेक अफसर बेलगाम रहे, जिन्होंने मुख्यालय केआदेशों का भी आदर्श आचार संहिता अनुसार पालन नहीं किया।
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मतदान संपन्न होने के बाद जैसे ही सरकार के पास अधिकारियों की रिपोर्ट पहुंची हैं, वैसे ही बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 23 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद वैसे भी सरकार को विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रशासनिक फेरबदल करना ही था, लेकिन शिकायतों के बाद अनेक अधिकारियों का सजा के तौर पर खुड्डेलाइन लगना तय है। सूत्रों के अनुसार सरकार ऐसे किसी भी अधिकारी को महत्वूपर्ण ओहदे पर नहीं रखेगी जो विपक्ष के हाथों में खेल रहा है।
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ऐसे सभी अधिकारियों की सूची भी तैयार हो चुकी है। विधानसभा चुनाव से पहले सरकार धरातल पर विकास की रफ्तार और तेज करने वाली है। जनता तक प्रदेश व केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ पहुंचे, इसलिए किसी भी ऐसे अफसर को प्रमुख पद नहीं मिलेगा जो काम में रोड़े अटका सकता है। लोकसभा चुनाव के दौरान जिलों में अनेक अधिकारियों का आचरण संतोषजनक नहीं रहा है। जिसकी शिकायत सरकार के पास भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों की ओर से पहुंची है।
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शिकायतों की बकायदा जांच भी कराई गई है। पुलिस के भी अनेक अफसर बेलगाम रहे, जिन्होंने मुख्यालय केआदेशों का भी आदर्श आचार संहिता अनुसार पालन नहीं किया।
38 नए आईएएस को भी मिलेंगे महकमे
चुनाव के दौरान ही हरियाणा के 38 एचसीएस भी आईएएस पद पर पदोन्नत हुए हैं। आचार संहिता के दौरान इनके नियुक्ति आदेश जारी नहीं हो सकते थे, इसलिए 23 मई को नतीजे आने के बाद नए आईएएस को महकमे आवंटित किए जाएंगे। इनमें अनेक ऐसे अफसर हैं, जो मलाईदार पोस्टिंग पाने के लिए जुगाड़ भिड़ा रहे हैं। कुछ तो डीसी के पद के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। इन्होंने अच्छी पोस्टिंग के लिए अपने राजनीतिक आकाओं के साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों के यहां भी परिक्रमा की है। पदोन्नत होकर आईएएस बनने वालों में अनेक पहले से ही सरकार के चहेते हैं।