{"_id":"5c97165bbdec22140559afaa","slug":"lok-sabha-elections-2019-bjp-haryana-in-thinking-mode-for-candidates","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लोकसभा चुनाव 2019: हरियाणा में जातीय गणित में उलझ गई भाजपा, नफा नुकसान पर चल रहा मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकसभा चुनाव 2019: हरियाणा में जातीय गणित में उलझ गई भाजपा, नफा नुकसान पर चल रहा मंथन
Sun, 24 Mar 2019 11:09 AM IST
खुशबू गोयल
प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 24 Mar 2019 11:09 AM IST
विज्ञापन
अमित शाह
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जींद विधानसभा उपचुनाव में जीत का परचम लहराने के बाद भाजपा लोकसभा चुनाव 2019 में जातीय समीकरणों में उलझ गई है। पार्टी को अब दूसरे दलों के प्रत्याशी उतारने का इंतजार है। दूसरे दलों की रणनीति को देखने के बाद ही पार्टी अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। यही कारण है कि कई सीटों पर अब तक प्रत्याशी का नाम फाइनल नहीं हो पाया है।
इस बीच अभय चौटाला ने नेता विपक्ष के पद से इस्तीफा देने के साथ ही भाजपा को शिकस्त देने के लिए मकड़जाल बुनना शुरू कर दिया है। रणबीर गंगवा के भाजपा मोह से बौखलाई इनेलो अब भाजपा को प्रदेश में कम से कम चार सीटों पर कड़ी टक्कर देने की तैयारी कर रही है। इसमें से सिरसा सीट एक है। इसके अलावा कुरुक्षेत्र सीट पर भी इनेलो ने फोकस करना शुरू कर दिया है।
उधर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा पर जातीय राजनीति करने को लेकर जुबानी हमला बोल दिया है। हुड्डा ने कहा है कि भाजपा ने जनता को धर्म और जाति के आधार पर बांटकर राज हासिल किया है और आज फिर से उसी रास्ते पर है। लोगों में नफरत के बीज बोने वाले भाजपा नेताओं को सबक सिखाने का समय आ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस बीच अभय चौटाला ने नेता विपक्ष के पद से इस्तीफा देने के साथ ही भाजपा को शिकस्त देने के लिए मकड़जाल बुनना शुरू कर दिया है। रणबीर गंगवा के भाजपा मोह से बौखलाई इनेलो अब भाजपा को प्रदेश में कम से कम चार सीटों पर कड़ी टक्कर देने की तैयारी कर रही है। इसमें से सिरसा सीट एक है। इसके अलावा कुरुक्षेत्र सीट पर भी इनेलो ने फोकस करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
उधर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा पर जातीय राजनीति करने को लेकर जुबानी हमला बोल दिया है। हुड्डा ने कहा है कि भाजपा ने जनता को धर्म और जाति के आधार पर बांटकर राज हासिल किया है और आज फिर से उसी रास्ते पर है। लोगों में नफरत के बीज बोने वाले भाजपा नेताओं को सबक सिखाने का समय आ गया है।
विज्ञापन
कई जिलों में इस तरह उलझा समीकरण
कुरुक्षेत्र से भाजपा हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को भी उतारना चाहती थी, लेकिन उनके सहमत होने पर संशय है। राज्यमंत्री नायब सैनी या विधायक पवन सैनी में से किसी एक को दावेदार बनाने की बात कही जा रही थी। अब पंजाबी बिरादरी से थानेसर विधायक सुभाष सुधा के नामों की चर्चा भी शुरू हो गई है।
करनाल के लिए गौर जाट की तलाश
करनाल सीट पर अगर कांग्रेस ने किसी ब्राह्मण को उतारा तो भाजपा यहां से मजबूत ब्राह्मण का चयन करेगी या फिर मजबूत पंजाबी चेहरे को उतारने की तैयारी करेगी। करनाल सीट को लेकर तगड़ा मंथन चल रहा है। मेनका गांधी को भी यहां से चुनाव लड़वाने की चर्चा है।
रोहतक में गैर जाट पर नजर
रोहतक सीट से गैर जाट के नाम पर अभी हाल ही में भाजपा में शामिल हुए अरविंद शर्मा के नाम को लेकर चर्चा है, लेकिन पार्टी यहां से किसी भगवाधारी को भी चुनाव लड़वा सकती है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ को ढहाने के लिए भाजपा की खास नजर इस सीट पर है।
हिसार से दुष्यंत सांसद
हिसार में जाट और गैर जाट पर प्रत्येक पार्टी मंथन कर रही, क्योंकि वर्तमान सांसद जाट हैं। इसलिए भाजपा विजेंदर सिंह के नाम पर विचार कर रही है। जाट बाहुल्य इस क्षेत्र में जाट बिश्नोई और पिछड़ा वर्ग का मत ज्यादा है। हिसार महत्वपूर्ण सीट है और नवगठित जेजेपी के नायक दुष्यंत यहां से सांसद हैं। लिहाजा इस सीट पर भी जाट गैर जाट की लड़ाई है।
करनाल के लिए गौर जाट की तलाश
करनाल सीट पर अगर कांग्रेस ने किसी ब्राह्मण को उतारा तो भाजपा यहां से मजबूत ब्राह्मण का चयन करेगी या फिर मजबूत पंजाबी चेहरे को उतारने की तैयारी करेगी। करनाल सीट को लेकर तगड़ा मंथन चल रहा है। मेनका गांधी को भी यहां से चुनाव लड़वाने की चर्चा है।
रोहतक में गैर जाट पर नजर
रोहतक सीट से गैर जाट के नाम पर अभी हाल ही में भाजपा में शामिल हुए अरविंद शर्मा के नाम को लेकर चर्चा है, लेकिन पार्टी यहां से किसी भगवाधारी को भी चुनाव लड़वा सकती है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ को ढहाने के लिए भाजपा की खास नजर इस सीट पर है।
हिसार से दुष्यंत सांसद
हिसार में जाट और गैर जाट पर प्रत्येक पार्टी मंथन कर रही, क्योंकि वर्तमान सांसद जाट हैं। इसलिए भाजपा विजेंदर सिंह के नाम पर विचार कर रही है। जाट बाहुल्य इस क्षेत्र में जाट बिश्नोई और पिछड़ा वर्ग का मत ज्यादा है। हिसार महत्वपूर्ण सीट है और नवगठित जेजेपी के नायक दुष्यंत यहां से सांसद हैं। लिहाजा इस सीट पर भी जाट गैर जाट की लड़ाई है।