लोकसभा चुनाव 2024: जेपी नड्डा और दुष्यंत चौटाला की 45 मिनट मुलाकात, जजपा ने मांगी दो सीट, एक पर हो सकता समझौता
हरियाणा में भाजपा और जजपा के बीच लोकसभा चुनाव में भी गठबंधन होने की चर्चा है। सोमवार को दुष्यंत चौटाला ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। दोनों नेताओं के मध्य यह मुलाकात लगभग 45 मिनट चली है। हालांकि अभी तक गठबंधन पर अंतिम मुहर नहीं लगी है।
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और जननायक जनता पार्टी (जजपा) के नेता व हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की सोमवार को हुई मुलाकात के बाद लोकसभा चुनाव साथ लड़ने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। नई दिल्ली में दोनों की करीब 45 मिनट की मुलाकात हुई। सूत्रों के मुताबिक बैठक में साथ लड़ने के नफा-नुकसान को लेकर चर्चा हुई। हालांकि अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है।
एक दौर की बातचीत अभी और होनी है। यह बैठक एक-दो दिन में होगी। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हो सकते हैं। वहीं, जजपा ने कहा है कि बैठक बहुत ही सकारात्मक रही है। पार्टी के एक नेता ने बताया कि वह एनडीए के कुनबे में शामिल हैं। ऐसे में दोनों मिलकर हरियाणा में चुनाव लड़ेंगे।
दूसरी तरफ भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी का रुख स्पष्ट था कि वह सभी 10 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। हिसार के सांसद बृजेंद्र सिंह के कांग्रेस में शामिल होने के बाद परिस्थितियां बदल गई हैं। ऐसे में भाजपा अपनी सहयोगी पार्टी को अलग नहीं करेगी। मगर अभी सीट देने का फैसला नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि दुष्यंत से बातचीत का फीडबैक नड्डा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह को देंगे। इसके बाद गठबंधन और सीट बंटवारे पर फैसला लिया जाएगा।
जजपा को मिल सकती है एक सीट
भाजपा से लोकसभा चुनाव साथ लड़ने का समझौता हुआ तो जजपा को एक सीट मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक जजपा ने हिसार व भिवानी- महेंद्रगढ़ सीट देने की मांग कर रखी है। हिसार से साल 2014 में दुष्यंत चौटाला सांसद रहे हैं। वहीं, भिवानी-महेंद्रगढ़ में जजपा प्रमुख डॉ. अजय सिंह चौटाला सांसद रह चुके हैं। हालांकि भिवानी में भाजपा खुद को मजबूत मान रही है। ऐसे में इसकी बहुत कम संभावना है कि भिवानी सीट जजपा के खाते में जाए।
हिसार से कुलदीप बिश्नोई भी सांसद रहे हैं, जो अब भाजपा में हैं। उनका भी वहां अच्छा आधार है और उनका वोट बैंक भाजपा के साथ है। हालांकि वह भी इस सीट से दावेदार हैं। वहीं, बृजेंद्र सिंह के जाने से इस सीट पर भाजपा को अब एक और बैकअप की जरूरत है। ऐसे में जजपा से अच्छा कोई दूसरा विकल्प उनके सामने नहीं है। इन सभी समीकरणों के हिसाब से यह सीट जजपा के खाते में जा सकती है। यह भी चर्चा है कि कुरुक्षेत्र सीट भी जजपा को ऑफर की जा सकती है।