फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Lok Sabha Election 2019, Shiromani Akali Dal (Tuxali) created by rebel Akalis

पंजाबः बादल पिता-पुत्र को झटका, बागी अकालियों ने बनाया नया शिरोमणि अकाली दल (टकसाली)

Sun, 16 Dec 2018 05:19 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 16 Dec 2018 05:19 PM IST
विज्ञापन
Lok Sabha Election 2019, Shiromani Akali Dal (Tuxali) created by rebel Akalis
बागी अकाली
खडूर साहिब के सांसद रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा और उनके साथियों ने बादल परिवार के विरुद्ध झंडा बुलंद करते हुए नए अकाली दल का गठन कर दिया। नए अकाली दल का नाम शिरोमणि अकाली दल (टकसाली) रखा गया है। श्री अकाल तख्त साहिब में गठन की अरदास में जहां नए अकाली दल को पंथक एजेंडा के साथ जोड़ने का संकल्प लिया गया, वहीं टकसाली अकाली दल का स्वरूप धर्मनिरपेक्ष रखने का निर्णय किया गया।
विज्ञापन


हजारों वर्कर ने खचाखच भरे श्री अकाल तख्त परिसर में बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारों से नए अकाली दल के गठन पर मोहर लगाई। शिरोमणि अकाली दल (टकसाली) के पहले अध्यक्ष जत्थेदार रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा होंगे। ब्रह्मपुरा के नाम का प्रस्ताव सेवा सिंह सेखवां ने रखा। पूर्व सांसद डॉ. रतन सिंह अजनाला और पूर्व विधायक जत्थेदार मनमोहन सिंह सठियाला ने इसका अनुमोदन कर दिया।
विज्ञापन


संगत ने जयकारों की गूंज से ब्रह्मपुरा के नाम पर सहमति जताई। अध्यक्ष पद के नाम पर संगत की मोहर लग जाने के बाद सेखवां ने ब्रह्मपुरा को सिरोपा और डॉ. अजनाला ने श्री साहिब भेंट की। ब्रह्मपुरा ने श्री साहिब को माथे से लगाया और नई जिम्मेदारी को तनदेही से पूरा करने का संकल्प लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

संगठनात्मक ढांचे का काम 16 अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा

संगत की भारी भीड़ देख गदगद ब्रह्मपुरा ने कहा कि नए अकाली दल के संगठनात्मक ढांचे का काम 16 अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा। ब्रह्मपुरा ने नए अकाली दल के गठन के अवसर पर पहुंचे बादल दल के साथ जुड़े अलग-अलग जिलों के अकाली वर्कर और नेताओं के नाम बोल कर दावा किया कि 12 एसजीपीसी सदस्य उनके साथ आ गए हैं।

इस अवसर पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि नए अकाली दल के गठन का मुख्य उद्देश्य श्री अकाल तख्त साहिब के सम्मान को दोबारा बहाल करने के साथ-साथ एसजीपीसी और अकाली दल को बादल परिवार से कब्जे से मुक्त करवाना है। नया अकाली दल 1920 के संविधान के अनुसार चलाया जाएगा। बादल परिवार अब अकाली दल पर किए कब्जे को छोड़ दे, संगत अब बादल परिवार को माफ करने के मूड में नहीं है। नया अकाली दल गांव-गांव जाकर लोगों को नए अकाली दल के साथ जोड़ने का अभियान चलाएगा।

एसजीपीसी ने सूचना केंद्र में नहीं करने दी प्रेस कांफ्रेंस
एसजीपीसी के प्रबंधकों ने नए अकाली दल के नेताओं को सूचना केंद्र में प्रेस कांफ्रेंस करने की आज्ञा नहीं दी। एसजीपीसी के आग्रह पर पंजाब पुलिस के कई जवान केंद्र के बाहर तैनात कर दिए गए थे। केंद्र का बाहरी दरवाजा बंद कर दिया गया था। इस दौरान सेखवां ने कहा कि वह एसजीपीसी सदस्य हैं। उनके साथ 12 एसजीपीसी सदस्य भी थे लेकिन उन्हें सूचना केंद्र में नहीं जाने दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बादल परिवार को नए अकाली दल से अभी से डर लगने लगा है। केंद्र के दरवाजे सुखबीर बादल के कहने पर बंद किए गए थे।

टकसाली नाम रख बागियों ने बादल को दिया जवाब

नए अकाली दल का नाम के साथ टकसाली शब्द लगाने का उद्देश्य प्रकाश सिंह बादल के उस बयान का जवाब देना था जिसमें उन्होंने कहा था कि जो अकाली दल में नहीं वह टकसाली कैसे हो सकता है। नए अकाली दल का गठन करने वाले टकसाली नेताओं ने अपने नाम का अकाली दल न बनाकर संगत को यह संदेश देने की भी कोशिश की है कि इस दल में परिवारवाद का कोई स्थान नहीं होगा। टकसाली शब्द से अकाली दल के उन सभी टकसाली परिवारों को अपने साथ जोड़ने की कवायद भी की गई है जो बादल परिवार की नीतियों से आहत होकर घर बैठ चुके हैं।

ब्रह्मपुरा को नहीं पता था ‘टकसाली’ का अर्थ
60 साल तक अकाली दल में काम करने वाले रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा को इस बात का ज्ञान नहीं था कि टकसाली शब्द का अर्थ क्या होता है। नए दल के गठन के मौके पर कुछ सिख विद्वानों से उन्होंने पूछा कि टकसाली शब्द का अर्थ क्या होता है। तब उन्हें बताया गया कि टकसाली का अर्थ पुराना और असली होता है। ब्रह्मपुरा ने कहा कि नया अकाली दल ही असली अकाली दल है। नया अकाली दल सरपंच का चुनाव नहीं लड़ेगा। लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए बाद में फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed