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लोकसभा चुनाव 2019: कांग्रेस में 27 साल बाद फिर ‘ताला कांड’, पवन बंसल के साथ भी हुआ था ऐसा
Sun, 10 Mar 2019 03:18 PM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 10 Mar 2019 03:18 PM IST
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pawan bansal
चंडीगढ़ कांग्रेस में इतिहास एक बार फिर दोहराया गया है। किसी कार्यकर्ता को पार्टी ऑफिस में जाने से रोकने के लिए भवन पर ताला जड़ना कांग्रेस में पहली बार नहीं हुआ है। ठीक 27 साल पहले 1992 में लोकसभा चुनाव के वक्त भी कुछ ऐसा ही हुआ था। उस समय कांग्रेस पार्टी में विनोद शर्मा और पवन बंसल में गुटबाजी चरम पर थी। पार्टी दो धड़ों में बंट गई थी।
विरोध इस कदर बढ़ गया कि उम्मीदवार का एलान होने के बाद तत्कालीन यूथ कांग्रेस के प्रधान विजयपाल सिंह डिंपी ने कुछ घंटों के लिए कांग्रेस भवन पर ताला जड़ दिया, ताकि पवन बंसल दाखिल न हो सकें। समय बदला और अब बंसल पर आरोप लग रहे हैं कि उनके इशारों पर ही कांग्रेस भवन में नवजोत कौर सिद्धू के लिए ताला जड़ा गया।
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विरोध इस कदर बढ़ गया कि उम्मीदवार का एलान होने के बाद तत्कालीन यूथ कांग्रेस के प्रधान विजयपाल सिंह डिंपी ने कुछ घंटों के लिए कांग्रेस भवन पर ताला जड़ दिया, ताकि पवन बंसल दाखिल न हो सकें। समय बदला और अब बंसल पर आरोप लग रहे हैं कि उनके इशारों पर ही कांग्रेस भवन में नवजोत कौर सिद्धू के लिए ताला जड़ा गया।
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इस समय कांग्रेस पार्टी में बन गए हैं तीन धड़े
पूर्व क्रिकेटर व पंजाब कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के चंडीगढ़ से लोकसभा चुनाव के लिए दावेदारी ठोकने के बाद से पार्टी में फूट पड़ गई है। नवजोत कौर के अलावा शहर में कांग्रेस से टिकट के दो और प्रबल दावेदार हैं। इनमें पूर्व केद्रीय मंत्री पवन बंसल और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी शामिल हैं। इस तरह से पार्टी में तीन गुट बन गए हैं।
बंसल गुट, नवजोत कौर गुट व मनीष तिवारी गुट। चंडीगढ़ टेरोटोरियल कांग्रेस (सीटीसी) के 25 सदस्य हैं, जो पवन बंसल के खेमे में हैं। प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने शनिवार को दिए बयान में कहा कि पवन बंसल पिछले 5 सालों से उनके साथ खड़े रहे हैं, हर प्रदर्शन में पानी की बौछारें खाई हैं, ऐसे में उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए। बाकी लोकसभा का टिकट मांगने वाले 5 साल कहां थे।
पार्टी में खेमेबाजी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि शनिवार को कांग्रेस भवन में टिकट के दो दावेदार नवजोत कौर सिद्धू और पवन बंसल मौजूद थे। वहां कार्यकर्ता पवन बंसल जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे।
बंसल गुट, नवजोत कौर गुट व मनीष तिवारी गुट। चंडीगढ़ टेरोटोरियल कांग्रेस (सीटीसी) के 25 सदस्य हैं, जो पवन बंसल के खेमे में हैं। प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने शनिवार को दिए बयान में कहा कि पवन बंसल पिछले 5 सालों से उनके साथ खड़े रहे हैं, हर प्रदर्शन में पानी की बौछारें खाई हैं, ऐसे में उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए। बाकी लोकसभा का टिकट मांगने वाले 5 साल कहां थे।
पार्टी में खेमेबाजी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि शनिवार को कांग्रेस भवन में टिकट के दो दावेदार नवजोत कौर सिद्धू और पवन बंसल मौजूद थे। वहां कार्यकर्ता पवन बंसल जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे।