लोकसभा चुनाव से पहले पंजाब में कांग्रेस को झटका, अकाली दल में शामिल हुए जोगिंदर सिंह पंजगराई
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कांग्रेस के पूर्व विधायक जोगिंदर सिंह पंजगराईं मंगलवार को शिरोमणि अकाली दल में शामिल हो गए। शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने पार्टी में उनका स्वागत करते हुए कहा कि अभी सरकार को तीन साल पड़े हैं, फिर भी बड़े नेता कांग्रेस छोड़ रहे हैं। इससे सरकार की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पंजगराईं ने 1992 में पार्षद बन कर सियासी करियर शुरू किया था।
वह लंबे समय तक लेबर यूनियन के प्रधान रहे। 2007 और 2012 में दो बार कांग्रेस टिकट पर जीत कर विधायक बने। पर 2017 में उन्हें परंपरागत हलके के बजाय भदौड़ से लगाया गया, जिसके चलते हार गए। पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में भी उन्हें फरीदकोट से उम्मीदवार बनाया था। 2013 से वह लगातार फरीदकोट जिला प्रधान थे, हाल ही में उन्हें हटाया गया था।
वह भदौड़ हलके के भी इंचार्ज थे। पंजगराईं ने कहा कि कांग्रेस चापलूसों की पार्टी बन गई है। हाईकमान को बताने की कोशिश की कि अनुसूचित जाति के साथ भेदभाव हो रहा है, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ ने भी कुछ नहीं सुना। उन्होंने आरोप लगाया कि जाखड़, मनप्रीत बादल और नवजोत सिद्धू मनमानी कर रहे हैं, इन्हें गरीब बर्दाश्त नहीं हैं।
सुखबीर ने कहा कि पंजगराईं जैसे नेता कांग्रेस छोड़ रहे हैं क्योंकि उन्होंने महसूस कर लिया है कि वह हर वर्ग से किए वादों से मुकर गई है। चाहे किसान, नौजवान, व्यापारी या फिर सरकारी कर्मचारी हों। जिस कारण कांग्रेस नेता अब दोबारा वोट मांगने के लिए लोगों का सामना करने के योग्य भी नहीं हैं। इस मौके पर परमिंदर ढींडसा, डॉ. दलजीत चीमा, मनतार बराड़, परमबंस रोमाना भी मौजूद थे।
छीना और जीरा, दोनों की हो जांच
सुखबीर बादल ने कहा कि विधायक कुलबीर जीरा द्वारा नशों को लेकर लगाए आरोपों पर आईजी मुखविंदर छीना के खिलाफ जांच होनी चाहिए। वहीं, एक ठेकेदार ने जीरा पर आरोप लगाया है कि वह जीरा हलके में शराब का कारोबार करने को उनसे पैसे मांग रहा है। इसकी भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का नया सदन गठित होती ही एक स्वतंत्र एजेंसी से ऑडिट कराया जाएगा। इस चुनाव में वह पुरानी और मौजूदा राज्य सरकारों और केंद्र सरकार की परफॉर्मेंस पर बात करेंगे। सीट स्वैपिंग पर भाजपा के साथ मीटिंग में फैसला होगा।