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जल्द न्याय चाहिए तो स्थायी लोक अदालत में आएं
अमर उजाला, मोहाली
Updated Wed, 27 Nov 2013 12:45 PM IST
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लोग विभिन्न अदालतों में चल रहे अपने केसों के जल्द निपटारे और सस्ता न्याय प्राप्त करने के लिए उन्हें स्थायी लोक अदालतों में लाएं। जिलास्तर पर स्थापित स्थायी लोक अदालतों का फायदा उठाएं।
यह विचार स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन जस्टिस जगरूप सिंह माहल ने जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी द्वारा नेशनल लॉ-डे पर शिवालिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि स्थायी लोक अदालत के फैसले को दीवानी कोर्ट की डिग्री की मान्यता प्राप्त होती है। इसके फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती। इसमें आपसी सहमति से फैसला कराया जाता है, बाद में सारी कोर्ट फीस भी वापस मिल जाती है। इससे दोनों पक्षों के पैसे व धन की बचत होती है।
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अथॉरिटी के सेक्रेटरी जस्टिस टीएस बिंद्रा ने नेशनल लॉ डे का महत्व बताया। साथ ही मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम को डीईओ मेवा सिंह सिद्धू, बार एसोसिएशन के प्रधान परमिंदर सिंह तूर, सीनियर सिटिजंस एसोसिएशन के सेक्रेटरी हरभजन सिंह चोपड़ा, एडवोकेट गीतांजलि बाली, डिप्टी डीईओ ललित किशोर घई, सहायक जिला अटॉर्नी नानू राम ने भी संबोधित किया।
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यह विचार स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन जस्टिस जगरूप सिंह माहल ने जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी द्वारा नेशनल लॉ-डे पर शिवालिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।
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उन्होंने कहा कि स्थायी लोक अदालत के फैसले को दीवानी कोर्ट की डिग्री की मान्यता प्राप्त होती है। इसके फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती। इसमें आपसी सहमति से फैसला कराया जाता है, बाद में सारी कोर्ट फीस भी वापस मिल जाती है। इससे दोनों पक्षों के पैसे व धन की बचत होती है।
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अथॉरिटी के सेक्रेटरी जस्टिस टीएस बिंद्रा ने नेशनल लॉ डे का महत्व बताया। साथ ही मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम को डीईओ मेवा सिंह सिद्धू, बार एसोसिएशन के प्रधान परमिंदर सिंह तूर, सीनियर सिटिजंस एसोसिएशन के सेक्रेटरी हरभजन सिंह चोपड़ा, एडवोकेट गीतांजलि बाली, डिप्टी डीईओ ललित किशोर घई, सहायक जिला अटॉर्नी नानू राम ने भी संबोधित किया।